महाराष्ट्र विधानसभा में नाना पटोले का तेजाब हमले का मुद्दा, आरोपी की गिरफ्तारी की मांग
सारांश
Key Takeaways
- नाबालिग छात्रा पर तेजाब हमला हुआ है।
- पीड़िता की हालत गंभीर है।
- सरकार से इलाज का पूरा खर्च उठाने की मांग की गई है।
- आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की गई है।
- राज्य में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल।
मुंबई, 18 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र विधानसभा में बुधवार को कांग्रेस विधायक नाना पटोले ने अहिल्यानगर जिले के संगमनेर तालुका के वडगांव पान गांव में 17 मार्च 2026 को घटित एक अत्यंत चौंकाने वाली घटना का जिक्र किया।
नाना पटोले ने सदन में बताया कि छठी कक्षा में पढ़ने वाली 11 से 13 वर्ष की नाबालिग छात्रा पर स्कूल से घर लौटते समय एक अज्ञात हमलावर ने तेजाब (एसिड) फेंक दिया। पीड़िता का चेहरा गंभीर रूप से झुलस गया है, और उसकी आंखों पर स्थायी असर पड़ने का खतरा बना हुआ है। उसकी हालत बहुत गंभीर बताई जा रही है।
पटोले ने कहा, "सावित्रीबाई फुले की धरती महाराष्ट्र में आज स्कूल जाने वाली लड़कियां सुरक्षित नहीं हैं। राज्य में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा का मुद्दा दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। विधानसभा सत्र के दौरान यह घटना गृह विभाग की नाकामी को दर्शाती है। पुलिस के कार्यों पर सवाल उठ रहे हैं।"
उन्होंने पीड़िता के परिवार की आर्थिक स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि बच्ची का पिता कुछ समय पहले गुजर चुका है, और उसकी मां मजदूरी करके परिवार की देखभाल करती हैं। उन्होंने सरकार से निवेदन किया कि इस गंभीर घटना की जिम्मेदारी लेते हुए पीड़िता के उपचार का पूरा खर्च उठाया जाए, जिसमें दवाइयां, प्लास्टिक सर्जरी और अन्य उपचार शामिल हों।
वर्तमान में बच्ची का इलाज अहिल्यानगर जिले के प्रवरानगर (लोणी) के एक निजी अस्पताल में हो रहा है, लेकिन उसे बेहतर सुविधाओं के लिए मुंबई के किसी बड़े और आधुनिक अस्पताल में शिफ्ट किया जाना चाहिए। पटोले ने आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की, क्योंकि वह अभी तक फरार है। इस कठिन समय में सरकार को पीड़िता और उसके परिवार के साथ मजबूती से खड़ा रहना चाहिए और हर संभव सहायता प्रदान करनी चाहिए। इसके साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।
कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने भी सदन में इस घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने इसे "अत्यंत दुखद और हृदय विदारक" बताया और पूछा, "राज्य में पुलिस का कोई डर रह गया है? इतनी बड़ी घटना के बाद आरोपी कैसे फरार हो सकते हैं? यह गृह विभाग और स्थानीय पुलिस की विफलता है।"
वडेट्टीवार ने स्थानीय पुलिस प्रशासन की आलोचना की और उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जब कानून के रक्षक खुद भ्रष्ट होते हैं, तो अपराधी बेखौफ हो जाते हैं। राज्य में युवतियों के शोषण के मामले बढ़ रहे हैं, लेकिन सरकार मूकदर्शक बनी हुई है।
विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने मामले का संज्ञान लिया और सरकार को निर्देश दिया कि इस गंभीर घटना पर तुरंत ध्यान दिया जाए और सदन में विस्तृत बयान पेश किया जाए।