असम में प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व में कांग्रेस का संगठन हो रहा बिखराव: संजय निरुपम
सारांश
Key Takeaways
- प्रियंका गांधी वाड्रा को असम में पार्टी की स्थिति सुधारने के लिए भेजा गया था।
- संजय निरुपम ने उनकी कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।
- असम में कांग्रेस का संगठन बिखर रहा है।
- हाल ही में एक विधायक ने पार्टी से इस्तीफा दिया है।
- असम में विधानसभा चुनाव की तिथियों की घोषणा हो चुकी है।
मुंबई, 18 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। शिवसेना के नेता संजय निरुपम ने असम कांग्रेस की चिंताजनक स्थिति पर प्रियंका गांधी वाड्रा को निशाने पर लिया।
उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी को असम में पार्टी की स्थिति को मजबूत करने के लिए नियुक्त किया गया था। लेकिन, यह अफसोसजनक है कि वर्तमान स्थिति में कोई सुधार नहीं दिख रहा है। जो लोग यह सोचते हैं कि राहुल गांधी की जगह यदि प्रियंका गांधी को पार्टी की जिम्मेदारी दी जाए, तो स्थिति बेहतर हो सकती है, उन्हें इस असम कांग्रेस की खींचतान पर ध्यान देना चाहिए।
संजय निरुपम ने असम में कांग्रेस विधायक द्वारा इस्तीफे का उल्लेख करते हुए कहा कि विधायक ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ ही, उन्होंने अन्य पदों से भी त्यागपत्र दिया है। यह स्थिति और भी चिंताजनक है, क्योंकि विधायक ने इस्तीफा देने के बाद पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
उन्होंने कहा कि यह इस्तीफा उस समय आया है जब असम में विधानसभा चुनाव की तिथियों की घोषणा की गई है। प्रियंका गांधी को इन चुनावी प्रक्रियाओं को सफलतापूर्वक संपन्न करने की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन विधायक के इस्तीफे ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
संजय निरुपम ने प्रियंका गांधी वाड्रा की कार्यशैली को असम में कांग्रेस की विफलता का कारण बताया। उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी को असम में आगामी विधानसभा चुनाव में सफलता दिलाने के उद्देश्य से भेजा गया था, लेकिन वर्तमान स्थिति स्पष्ट रूप से उनकी असफलता को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि असम में विधानसभा चुनाव से पहले ही कांग्रेस का संगठन बिखर रहा है, और यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रियंका गांधी वाड्रा पार्टी की स्थिति को संभालने में असमर्थ हैं। जो लोग राहुल गांधी की जगह प्रियंका का नाम सुझाते हैं, उन्हें इस पूरी स्थिति पर ध्यान देना चाहिए।