प्रियंका गांधी ने खेड़ा विवाद में भाजपा पर किया तीखा हमला

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प्रियंका गांधी ने खेड़ा विवाद में भाजपा पर किया तीखा हमला

सारांश

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के खिलाफ असम पुलिस की कार्रवाई को लेकर प्रियंका गांधी वाड्रा ने भाजपा पर हमला किया है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला बताया और पवन खेड़ा का समर्थन किया।

Key Takeaways

  • प्रियंका गांधी ने पवन खेड़ा का समर्थन किया।
  • पुलिस कार्रवाई को राजनीतिक दुरुपयोग बताया गया।
  • रिनिकी सरमा ने आरोपों को खारिज किया।
  • कांग्रेस ने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की बात की।
  • खेड़ा ने असहमति को दबाने का आरोप लगाया।

नई दिल्ली, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के नेता पवन खेड़ा द्वारा असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के परिवार पर आरोप लगाने के बाद उत्पन्न विवाद गहराता जा रहा है। इस पर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और प्रियंका गांधी वाड्रा ने पवन खेड़ा का समर्थन किया है।

इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रियंका गांधी वाड्रा ने पुलिस की कार्रवाई की आलोचना की और इसे दुरुपयोग करार दिया। उन्होंने अपने फेसबुक पोस्ट में कहा कि भाजपा द्वारा कांग्रेस नेता पर किया गया यह बेशर्म हमला केवल उनके अहंकार और कुकर्म को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का हर सदस्य, बल्कि संविधान में विश्वास रखने वाला हर भारतीय यह समझता है कि सवाल उठाना और सत्ता को चुनौती देना एक मजबूत लोकतंत्र का आधार है। पवन खेड़ा के साथ खड़े हैं क्योंकि उनके घर में तोड़फोड़ की गई है और उन्हें एक ऐसे मुख्यमंत्री द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा है, जिसने शासन करने का नैतिक अधिकार खो दिया है।

प्रियंका गांधी वाड्रा ने पुलिस कार्रवाई को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए इसे लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला कहा है। संवैधानिक सिद्धांतों का हवाला देते हुए, उन्होंने पार्टी लाइन से परे समर्थन जुटाने का प्रयास किया है।

यह टिप्पणियाँ उस समय आईं जब असम पुलिस ने खेड़ा को गिरफ्तार करने की कोशिशें तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री सरमा की पत्नी रिनिकी सरमा की शिकायत के आधार पर खेड़ा के खिलाफ जालसाजी, मानहानि और आपराधिक साजिश के तहत मामला दर्ज किया गया है।

रिनिकी ने खेड़ा के आरोपों को निराधार और दुर्भावनापूर्ण बताते हुए खारिज किया है और उन पर दस्तावेज़ गढ़ने का आरोप लगाया है।

इसी बीच, खेड़ा ने एक वीडियो संदेश में कहा कि उन्हें डराया नहीं जा सकता। उन्होंने असम सरकार पर गंभीर मुद्दों का समाधान करने के बजाय असहमति को दबाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।

उनके अनुसार, जांच एजेंसियों को विपक्षी आवाजों को निशाना बनाने के बजाय दावों की जांच करनी चाहिए।

दिल्ली स्थित उनके आवास पर पुलिस की छापेमारी और हैदराबाद में उनकी कथित आवाजाही ने राजनीतिक लड़ाई को और तेज कर दिया है।

कांग्रेस ने खेड़ा का समर्थन करते हुए इस मुद्दे को लोकतांत्रिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया है।

Point of View

जहाँ एक तरफ कांग्रेस ने पवन खेड़ा का समर्थन किया है, वहीं भाजपा ने आरोपों को गंभीरता से लिया है। राजनीतिक द्वंद्व के इस दौर में, यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यह मामला कैसे आगे बढ़ता है।
NationPress
09/04/2026

Frequently Asked Questions

पवन खेड़ा के खिलाफ आरोप क्या हैं?
पवन खेड़ा पर जालसाजी, मानहानि और आपराधिक साजिश के आरोप लगाए गए हैं।
प्रियंका गांधी ने पुलिस कार्रवाई पर क्या कहा?
प्रियंका गांधी ने पुलिस कार्रवाई को राजनीतिक रूप से प्रेरित और लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला बताया।
यह विवाद किस कारण से शुरू हुआ?
यह विवाद पवन खेड़ा द्वारा असम के मुख्यमंत्री के परिवार पर लगाए गए आरोपों के बाद शुरू हुआ।
रिनिकी सरमा ने खेड़ा के आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया दी?
रिनिकी सरमा ने खेड़ा के आरोपों को निराधार और दुर्भावनापूर्ण बताया।
क्या खेड़ा ने डरने की बात कही?
हाँ, खेड़ा ने कहा कि उन्हें डराया नहीं जा सकता।
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