महिलाओं के लिए 16 अप्रैल का दिन क्यों है खास? जानें अन्नपूर्णा देवी का बयान

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महिलाओं के लिए 16 अप्रैल का दिन क्यों है खास? जानें अन्नपूर्णा देवी का बयान

सारांश

महिला आरक्षण विधेयक पर केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि 16 अप्रैल महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण दिन होने जा रहा है। जानें इस दिन का महत्व और प्रधानमंत्री के प्रयासों के बारे में।

Key Takeaways

  • महिला आरक्षण विधेयक का महत्व बढ़ता जा रहा है।
  • 16 अप्रैल को महिलाओं के लिए एक ऐतिहासिक दिन होगा।
  • प्रधानमंत्री मोदी का महिला सशक्तिकरण के प्रति दृढ़ संकल्प।
  • कांग्रेस समेत विपक्ष ने विधेयक पर सहमति दिखाई है।
  • महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण है।

नई दिल्ली, 2 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने महिला आरक्षण विधेयक के संदर्भ में कहा कि 16 अप्रैल महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण दिन साबित होने जा रहा है।

मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण की दिशा में जो महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं, वे पहले कभी नहीं उठाए गए थे। उनका उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना है।

उन्होंने बताया कि 16 अप्रैल महिलाओं के लिए एक ऐतिहासिक दिन हो सकता है।

केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि 2014 के बाद से पीएम मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण नीतियाँ बनाई गई हैं। प्रधानमंत्री का लक्ष्य महिलाओं को आगे बढ़ाना है। प्रधानमंत्री की दृढ़ इच्छाशक्ति से 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' जैसे विधेयक पेश किए गए हैं। 16 अप्रैल महिलाओं के विकास की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम होगा। विकसित भारत के सपने के लिए महिलाएं भी एक अहम भूमिका निभा रही हैं। निश्चित रूप से उस दिन एक बड़ा उपहार मिलने वाला है।

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष ने 30 वर्ष तक पास नहीं किया, जबकि पीएम मोदी के नेतृत्व में इसे केवल 2 दिन में पारित किया गया। विपक्ष को हर मुद्दे को राजनीतिक नजरिए से देखने के बजाय मानवता, महिला सशक्तिकरण और विकसित भारत के निर्माण की दृष्टि से देखना चाहिए। जब 33 प्रतिशत महिलाएं संसद में पहुंचेंगी, तो यह एक विकसित और सशक्त भारत की पहचान बनेगी।

भाजपा सांसद रेखा शर्मा ने कहा कि हम इसका स्वागत करते हैं, क्योंकि हम हमेशा महिलाओं के साथ खड़े रहे हैं। मैंने व्यक्तिगत रूप से महिलाओं के कल्याण के लिए प्रयास किए हैं। सभी पार्टियों की महिलाओं की यह मांग थी, और भले ही इस विधेयक में थोड़ी देरी हुई हो, लेकिन पीएम मोदी ने अब अपना वादा पूरा कर दिया है कि भारत में महिलाओं का नेतृत्व होगा।

महिला आरक्षण विधेयक पर कांग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि इसके समय को लेकर अलग-अलग राय हो सकती है, लेकिन इस पर किसी भी पार्टी को कोई आपत्ति नहीं थी। इसे पारित करने पर सभी पहले ही सहमत थे। हालांकि, सरकार की रणनीति सबके सामने स्पष्ट है। बंगाल चुनावों के कारण आज का सत्र आयोजित नहीं किया गया और इसे आगे बढ़ा दिया गया।

Point of View

बल्कि यह राजनीतिक नेतृत्व में महिलाओं की भागीदारी को भी बढ़ावा देगा।
NationPress
06/04/2026

Frequently Asked Questions

महिला आरक्षण विधेयक क्या है?
महिला आरक्षण विधेयक महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का प्रावधान करता है।
16 अप्रैल का महत्व क्या है?
16 अप्रैल को महिला आरक्षण विधेयक पारित होने की संभावना है, जो महिलाओं के सशक्तिकरण में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
कौन से नेता इस विधेयक का समर्थन कर रहे हैं?
केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी और जेपी नड्डा जैसे नेता इस विधेयक का समर्थन कर रहे हैं।
महिला सशक्तिकरण का उद्देश्य क्या है?
महिला सशक्तिकरण का उद्देश्य महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल करना और उनके अधिकारों को सुरक्षित करना है।
क्या विपक्ष ने इस विधेयक का समर्थन किया है?
विपक्ष ने इस विधेयक पर कोई आपत्ति नहीं जताई है और इसे पारित करने पर सहमति व्यक्त की है।
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