सर्बानंद सोनोवाल का कांग्रेस पर हमला, असम के सीएम पर आरोपों को किया खारिज
सारांश
Key Takeaways
- सर्बानंद सोनोवाल ने कांग्रेस पर आरोपों को बेबुनियाद बताया।
- भाजपा की राजनीतिक जीत का विश्वास व्यक्त किया।
- असम में राजनीतिक तनाव बढ़ रहा है।
डिब्रूगढ़, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने सोमवार को कांग्रेस पर जोरदार हमला करते हुए कहा कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और उनके परिवार के खिलाफ लगाई गई विदेशी संबंधों और संपत्तियों से संबंधित आरोप पूरी तरह से 'बेबुनियाद' हैं। उन्होंने इसे पार्टी की 'हताशा' का प्रतीक बताया और भाजपा की असम में जीत को लेकर अपने विश्वास को भी व्यक्त किया।
डिब्रूगढ़ में राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए सोनोवाल ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित की और भाजपा के विकास में उनके योगदान को याद किया।
उन्होंने कहा, "आज मैं हमारे महान नेता अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, जो भाजपा के संस्थापक नेताओं में से एक थे। पार्टी के सिद्धांतों और दर्शन के कारण ही यह आगे बढ़ पाई है और राष्ट्र की सेवा कर पाई है।"
असम के राजनीतिक वातावरण पर टिप्पणी करते हुए केंद्रीय मंत्री ने भाजपा की जीत की संभावना पर पूरा विश्वास जताया, साथ ही यह भी कहा कि चुनाव प्रक्रिया अभी जारी है।
कांग्रेस के नेता पवन खेड़ा द्वारा लगाए गए हालिया आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए सोनोवाल ने मुख्यमंत्री के परिवार से संबंधित दावों को निराधार बताया।
उन्होंने राष्ट्र प्रेस से कहा, "यह निराधार है, यह कांग्रेस की सबसे गंदी राजनीति है। यह उनकी हताशा का प्रदर्शन है। वे जानते हैं कि वे अपनी पकड़ खो रहे हैं।"
ये टिप्पणियां असम में भाजपा और कांग्रेस के बीच की तीखी जुबानी जंग के बीच आई हैं। विपक्षी नेता मुख्यमंत्री के परिवार के कथित विदेशी संबंधों और संपत्तियों पर सवाल उठा रहे हैं, जिन्हें सरमा और उनकी पत्नी ने सिरे से खारिज कर दिया है।
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए सोनोवाल ने राष्ट्रीय सुरक्षा पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि पाकिस्तान हमारा दुश्मन है। हम इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे।
केंद्रीय मंत्री की ये टिप्पणियाँ असम में बढ़ते राजनीतिक संघर्ष का संकेत देती हैं। महत्वपूर्ण चुनावी घटनाक्रमों से पहले दोनों पक्ष एक-दूसरे पर तीखे आरोप लगा रहे हैं, वहीं भाजपा नेतृत्व राज्य में अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखने को लेकर आश्वस्त है।