ममता बनर्जी का बड़ा आरोप: भाजपा सीआरपीएफ से भवानीपुर में मतदान रोकने की साजिश रच रही है
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता, 25 अप्रैल: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को हुगली जिले के उत्तरपारा में एक चुनावी रैली के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि भाजपा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की मदद से भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में 29 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण के मतदान को जानबूझकर धीमा करने की कोशिश करेगी, ताकि मतदाता वोट न दे सकें।
नंदीग्राम का हवाला देकर केंद्र पर हमला
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दोनों पर सीधा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि नंदीग्राम में वोट लूटने के लिए सीआरपीएफ जवानों को जानबूझकर भेजा गया था। उन्होंने कहा कि अमित शाह ने उन्हीं जवानों से बैठक कर निर्देश दिया कि मतदान प्रक्रिया को धीमा किया जाए।
ममता ने कहा, "मोटा भाई ने उन सीआरपीएफ जवानों से मुलाकात की जिन्हें नंदीग्राम में वोट लूटने के लिए भेजा गया था। उन्होंने बैठक में कहा कि मतदान प्रक्रिया को धीमा करो ताकि लोग वोट न दे सकें।" हालांकि भाजपा या केंद्र सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
हेलीकॉप्टरों की संख्या पर तीखा तंज
ममता बनर्जी ने संसाधनों की असमानता का मुद्दा उठाते हुए कहा कि 29 अप्रैल के मतदान से पहले भाजपा के लगभग 50 हेलीकॉप्टर पश्चिम बंगाल के आसमान में उड़ रहे हैं, जबकि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को मात्र तीन हेलीकॉप्टर जुटाने में भी कठिनाई हो रही है। उन्होंने इसे चुनावी असमानता का प्रतीक बताया।
उन्होंने कहा, "वे 50 हेलीकॉप्टर, 19 मुख्यमंत्री, केंद्र के सभी मंत्री, केंद्रीय बल, बख्तरबंद वाहन, ईडी और सीबीआई — सब कुछ लेकर आए हैं। लेकिन मुझे परवाह नहीं। आप मुझे मुश्किल में नहीं डाल सकते।"
भवानीपुर में बाहरी लोग लाने का आरोप
ममता बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा ने शुक्रवार को भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में बाहरी लोगों को बसों में भरकर लाया। यह आरोप मतदाता प्रभाव और बूथ कैप्चरिंग की आशंकाओं से जुड़ा है, जो पश्चिम बंगाल के चुनावों में अक्सर उठता रहा है।
गौरतलब है कि भवानीपुर सीट ममता बनर्जी की अपनी परंपरागत सीट रही है और यहां किसी भी तरह की गड़बड़ी उनके लिए राजनीतिक रूप से संवेदनशील है।
अन्नपूर्णा भंडार फॉर्म और बिहार का संदर्भ
मुख्यमंत्री ने 'अन्नपूर्णा भंडार' योजना के फॉर्म वितरण पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि 23 अप्रैल को हुए पहले चरण के बाद बांकुरा और जंगलमहल क्षेत्र में ये फॉर्म बिखरे पड़े हैं क्योंकि जनता ने भाजपा के वादों को नकार दिया।
ममता ने यह भी कहा कि बिहार के लोग पश्चिम बंगाल के मतदाताओं को चेतावनी दे रहे हैं कि वे वही गलती न दोहराएं जो उन्होंने की — जहां कथित तौर पर संपत्तियों पर बुलडोजर चलाए गए और लोगों को सब कुछ लौटाने पर मजबूर किया गया।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह
यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 का दूसरा चरण 29 अप्रैल को होना है। पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को संपन्न हुआ था। भवानीपुर सीट इस चुनाव में सबसे अधिक चर्चित सीटों में से एक है।
ममता बनर्जी के इन आरोपों के बाद चुनाव आयोग की भूमिका और केंद्रीय बलों की तैनाती पर सवाल और तेज होने की संभावना है। आने वाले दिनों में तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच यह टकराव और गहरा हो सकता है।