खाड़ी और पश्चिम एशिया से 12.65 लाख से अधिक भारतीय यात्री स्वदेश लौटे, सरकार ने दी पूरी जानकारी

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खाड़ी और पश्चिम एशिया से 12.65 लाख से अधिक भारतीय यात्री स्वदेश लौटे, सरकार ने दी पूरी जानकारी

सारांश

28 फरवरी से खाड़ी और पश्चिम एशिया से 12.65 लाख से अधिक भारतीय स्वदेश लौट चुके हैं। MEA 24 घंटे हेल्पलाइन चला रहा है, तेहरान दूतावास ने 2,400 से अधिक को ईरान से निकाला। यूएई से शनिवार को 110 उड़ानें संचालित होने की उम्मीद है।

Key Takeaways

  • 28 फरवरी 2025 से अब तक खाड़ी और पश्चिम एशिया से 12.65 लाख से अधिक भारतीय यात्री स्वदेश लौट चुके हैं।
  • विदेश मंत्रालय (MEA) के सभी मिशन 24 घंटे हेल्पलाइन संचालित कर रहे हैं और स्थानीय सरकारों से संपर्क में हैं।
  • तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने अब तक 2,400 से अधिक भारतीयों को ईरान से सुरक्षित निकाला है।
  • यूएई से शनिवार को लगभग 110 उड़ानें भारत के लिए संचालित होने की उम्मीद है।
  • कुवैत, बहरीन और कतर ने अपने हवाई क्षेत्र पुनः खोल दिए हैं और उड़ान सेवाएं बहाल हो रही हैं।
  • इस क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटों में कोई समुद्री घटना रिपोर्ट नहीं हुई।

नई दिल्ली, 25 अप्रैल: विदेश मंत्रालय (MEA) ने शनिवार को जानकारी दी कि 28 फरवरी 2025 से लेकर अब तक खाड़ी देशों और पश्चिम एशिया से 12.65 लाख से अधिक भारतीय यात्री सफलतापूर्वक स्वदेश लौट चुके हैं। यह आंकड़ा इस क्षेत्र में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत सरकार के सक्रिय निकासी और सहायता प्रयासों को दर्शाता है। सरकार ने स्पष्ट किया कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है।

MEA की सक्रिय निगरानी और हेल्पलाइन सेवाएं

विदेश मंत्रालय ने बताया कि वह पश्चिम एशिया में उभर रही स्थितियों पर 24 घंटे कड़ी नजर बनाए हुए है। इस पूरे क्षेत्र में स्थित भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास चौबीसों घंटे हेल्पलाइन संचालित कर रहे हैं।

ये मिशन स्थानीय सरकारों के साथ निरंतर संपर्क में हैं और जरूरतमंद भारतीय नागरिकों को तत्काल सहायता उपलब्ध करा रहे हैं। इसके अलावा, भारतीय समुदाय संगठनों, कंपनियों और पेशेवर संस्थाओं के साथ भी समन्वय किया जा रहा है ताकि हर जरूरतमंद तक मदद पहुंच सके।

उड़ान सेवाओं में धीरे-धीरे सुधार

भारत और इस क्षेत्र के देशों के बीच हवाई संपर्क में क्रमशः सुधार हो रहा है। यूएई से शनिवार को लगभग 110 उड़ानें भारत के लिए संचालित होने की उम्मीद जताई गई, हालांकि सुरक्षा संबंधी सावधानियों को ध्यान में रखते हुए उड़ानें सीमित रखी गई हैं।

सऊदी अरब और ओमान से भी नियमित उड़ान सेवाएं जारी हैं। कतर एयरवेज ने कतर के हवाई क्षेत्र के आंशिक रूप से पुनः खुलने के बाद अपनी उड़ानें दोबारा शुरू कर दी हैं। कुवैत और बहरीन ने भी अपने हवाई क्षेत्र खोल दिए हैं और भारत के लिए उड़ानें या तो शुरू हो चुकी हैं या शीघ्र शुरू होने वाली हैं।

इराक सीमित उड़ान सेवाओं की अनुमति दे रहा है, जबकि ईरान ने मालवाहक और चार्टर्ड उड़ानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र को आंशिक रूप से खोला है। इजरायल ने भी सीमित उड़ान परिचालन फिर से शुरू किया है, जिससे कनेक्टिंग मार्गों के जरिए भारत आना संभव हो गया है।

ईरान से भारतीयों की सुरक्षित वापसी

सरकार ने भारतीय नागरिकों को ईरान की यात्रा न करने की स्पष्ट सलाह दी है। जो भारतीय नागरिक अभी भी ईरान में हैं, उनसे अनुरोध किया गया है कि वे तेहरान स्थित भारतीय दूतावास की सहायता से जमीनी सीमाओं के रास्ते देश से बाहर निकलें।

उल्लेखनीय है कि भारतीय दूतावास, तेहरान अब तक 2,400 से अधिक भारतीय नागरिकों को ईरान से सुरक्षित निकालने में सफल रहा है। यह संख्या इस क्षेत्र में भारतीय राजनयिक तंत्र की सक्रियता का प्रमाण है।

समुद्री क्षेत्र में भी सुरक्षा सुनिश्चित

पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने बताया कि इस क्षेत्र में कार्यरत भारतीय ध्वज वाले जहाजों और नाविकों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। पिछले 24 घंटों में किसी भी भारतीय जहाज से जुड़ी कोई अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है।

मंत्रालय ने पुष्टि की कि इस क्षेत्र में तैनात सभी भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं। सरकार नागरिकों को स्थानीय नियमों, यात्रा अपडेट और कांसुलर सेवाओं की जानकारी देने के लिए नियमित रूप से एडवाइजरी भी जारी करती रही है।

आने वाले दिनों में इस क्षेत्र से हवाई संपर्क और अधिक सुदृढ़ होने की संभावना है, और सरकार हर परिस्थिति के लिए तैयार रहने का आश्वासन दे रही है।

Point of View

लेकिन असली सवाल यह है कि पश्चिम एशिया में भारत के 90 लाख से अधिक प्रवासी नागरिकों की दीर्घकालिक सुरक्षा के लिए क्या ठोस नीतिगत ढांचा तैयार किया जा रहा है। ईरान से जमीनी रास्ते से निकासी की नौबत आना और कुछ देशों में हवाई क्षेत्र का बंद होना यह दर्शाता है कि यह क्षेत्र अभी भी अस्थिर है। भारत की 'Neighbourhood First' और 'Gulf Outreach' नीति की असली परीक्षा इसी तरह के संकटों में होती है — और इस बार राजनयिक तंत्र ने अपेक्षाकृत तेज प्रतिक्रिया दी है। फिर भी, जब तक इस क्षेत्र में भारतीय प्रवासियों के लिए एक स्थायी आपातकालीन प्रोटोकॉल नहीं बनता, हर संकट में यही आपाधापी दोहराई जाती रहेगी।
NationPress
27/04/2026

Frequently Asked Questions

28 फरवरी से खाड़ी और पश्चिम एशिया से कितने भारतीय स्वदेश लौटे हैं?
सरकार के अनुसार, 28 फरवरी 2025 से अब तक खाड़ी और पश्चिम एशिया क्षेत्र से 12.65 लाख से अधिक भारतीय यात्री स्वदेश लौट चुके हैं। यह आंकड़ा भारत सरकार के सक्रिय निकासी प्रयासों को दर्शाता है।
ईरान में फंसे भारतीयों की मदद के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
तेहरान स्थित भारतीय दूतावास अब तक 2,400 से अधिक भारतीयों को ईरान से सुरक्षित निकालने में सफल रहा है। सरकार ने नागरिकों को ईरान न जाने की सलाह दी है और वहां मौजूद लोगों को जमीनी सीमाओं के रास्ते निकलने का निर्देश दिया है।
यूएई से भारत के लिए उड़ानें कब से शुरू हुई हैं?
यूएई से भारत के लिए सीमित वाणिज्यिक उड़ानें संचालित हो रही हैं और शनिवार को लगभग 110 उड़ानें उड़ान भरने की उम्मीद है। एयरलाइंस सुरक्षा संबंधी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए उड़ानें संचालित कर रही हैं।
खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों के लिए हेल्पलाइन नंबर कहां मिलेगा?
खाड़ी और पश्चिम एशिया में स्थित सभी भारतीय मिशन और दूतावास 24 घंटे हेल्पलाइन चला रहे हैं। नागरिक संबंधित देश के भारतीय दूतावास की आधिकारिक वेबसाइट या MEA की वेबसाइट से हेल्पलाइन नंबर प्राप्त कर सकते हैं।
क्या खाड़ी क्षेत्र में भारतीय नाविक सुरक्षित हैं?
हां, पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने पुष्टि की है कि इस क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं। पिछले 24 घंटों में किसी भी भारतीय ध्वज वाले जहाज से जुड़ी कोई घटना की सूचना नहीं मिली है।
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