खाड़ी और पश्चिम एशिया से 12.65 लाख से अधिक भारतीय यात्री स्वदेश लौटे, सरकार ने दी जानकारी
सारांश
Key Takeaways
- 28 फरवरी 2025 से 25 अप्रैल 2025 तक खाड़ी और पश्चिम एशिया से 12.65 लाख से अधिक भारतीय यात्री स्वदेश लौटे।
- विदेश मंत्रालय के सभी मिशन 24 घंटे हेल्पलाइन संचालित कर रहे हैं और स्थानीय सरकारों से समन्वय में हैं।
- यूएई-भारत के बीच शनिवार को लगभग 110 उड़ानें संचालित होने की उम्मीद है।
- तेहरान स्थित भारतीय दूतावास अब तक 2,400 से अधिक भारतीयों को ईरान से सुरक्षित बाहर निकाल चुका है।
- कुवैत, बहरीन और कतर ने अपने हवाई क्षेत्र पुनः खोले, उड़ान सेवाएं बहाल हो रही हैं।
- इस क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं, पिछले 24 घंटों में कोई अप्रिय घटना रिपोर्ट नहीं।
नई दिल्ली, 25 अप्रैल: खाड़ी और पश्चिम एशिया से 28 फरवरी 2025 से अब तक 12.65 लाख से अधिक भारतीय यात्री स्वदेश लौट चुके हैं। भारत सरकार ने शनिवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि इस क्षेत्र में भारतीय समुदाय की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है। विदेश मंत्रालय (MEA) लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है।
विदेश मंत्रालय की सतर्कता और हेल्पलाइन सेवाएं
विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्पष्ट किया कि खाड़ी और पश्चिम एशिया में स्थित सभी भारतीय मिशन और दूतावास चौबीसों घंटे हेल्पलाइन सेवाएं संचालित कर रहे हैं। ये मिशन स्थानीय सरकारों के साथ निरंतर संपर्क में रहते हुए भारतीय नागरिकों की सक्रिय सहायता कर रहे हैं।
सरकार की ओर से नियमित रूप से परामर्श जारी किए जा रहे हैं, जिनमें स्थानीय नियमों, यात्रा संबंधी अपडेट और कांसुलर सेवाओं की जानकारी दी जा रही है। भारतीय समुदाय के समूह, कंपनियां और पेशेवर संगठन भी इस प्रयास में भागीदार बनाए गए हैं ताकि जरूरतमंद लोगों तक समय पर मदद पहुंच सके।
उड़ान सेवाओं में क्रमिक सुधार
भारत और खाड़ी क्षेत्र के बीच हवाई संपर्क धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है। यूएई में एयरलाइंस सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए सीमित वाणिज्यिक उड़ानें चला रही हैं और शनिवार को यूएई और भारत के बीच करीब 110 उड़ानें संचालित होने की उम्मीद है।
सऊदी अरब और ओमान से उड़ान सेवाएं जारी हैं। कतर एयरवेज ने कतर के हवाई क्षेत्र के आंशिक रूप से पुनः खुलने के बाद अपनी उड़ानें फिर से शुरू कर दी हैं। कुवैत और बहरीन ने भी अपने हवाई क्षेत्र खोल दिए हैं और एयरलाइंस भारत के लिए उड़ानें पुनः शुरू कर रही हैं या उनकी योजना बना रही हैं।
इराक सीमित उड़ान सेवाओं की अनुमति दे रहा है, जबकि ईरान ने मालवाहक और चार्टर्ड उड़ानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र को आंशिक रूप से खोला है। इजरायल ने भी सीमित उड़ान परिचालन फिर से शुरू किया है, जिससे कनेक्टिंग मार्गों से भारत आने की सुविधा बढ़ी है।
ईरान को लेकर विशेष एडवाइजरी
सरकार ने भारतीय नागरिकों को ईरान की यात्रा न करने की सख्त सलाह दी है। जो भारतीय नागरिक वर्तमान में ईरान में हैं, उनसे आग्रह किया गया है कि वे तेहरान स्थित भारतीय दूतावास की सहायता से जमीनी सीमाओं के रास्ते देश छोड़ें। तेहरान दूतावास अब तक 2,400 से अधिक भारतीयों को ईरान से सुरक्षित बाहर निकालने में मदद कर चुका है।
समुद्री सुरक्षा और भारतीय नाविक
पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने बताया कि इस क्षेत्र में कार्यरत भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाए गए हैं। पिछले 24 घंटों में भारतीय ध्वज वाले किसी भी जहाज से संबंधित कोई अप्रिय घटना रिपोर्ट नहीं हुई है।
सरकार ने पुष्टि की है कि इस क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं। यह जानकारी उन लाखों परिवारों के लिए राहत की खबर है जिनके सदस्य खाड़ी देशों में कार्यरत हैं।
व्यापक संदर्भ और आगे की राह
गौरतलब है कि खाड़ी और पश्चिम एशिया में लगभग 90 लाख से अधिक भारतीय प्रवासी कार्यरत हैं, जो भारत को भेजे जाने वाले विदेशी प्रेषण (Remittance) का एक बड़ा स्रोत हैं। इस क्षेत्र में किसी भी तनाव का सीधा असर न केवल इन परिवारों पर, बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ता है।
आने वाले दिनों में हवाई सेवाओं के और सामान्य होने की उम्मीद है। सरकार का ध्यान अब उन नागरिकों पर केंद्रित है जो अभी भी संघर्षग्रस्त इलाकों में फंसे हैं और जिन्हें सुरक्षित निकालने की जरूरत है।