ममता बनर्जी हिरासत में, मुंह पर बैंड-ऐड लगाकर किया विरोध; बस में गाया महिषासुर मर्दिनी पाठ
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख एवं पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को 10 अक्टूबर 2026 को दिल्ली पुलिस और केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) ने हिरासत में ले लिया। हिरासत से पहले वे अपने मुंह पर बैंड-ऐड चिपकाकर विरोध-प्रदर्शन कर रही थीं — जिसे TMC ने उनकी 'आवाज़ दबाए जाने के खिलाफ सांकेतिक विद्रोह' बताया। टीएमसी सूत्रों के हवाले से यह जानकारी सामने आई है।
विरोध का स्वरूप और सांकेतिक संदेश
TMC के अनुसार, ममता बनर्जी ने मुंह पर बैंड-ऐड लगाकर यह संदेश देने की कोशिश की कि उनकी और उनकी पार्टी की आवाज़ को जानबूझकर दबाया जा रहा है। यह प्रतीकात्मक विरोध का एक सुविचारित रूप था, जो सत्ता के दबाव के खिलाफ मौन प्रतिरोध को दर्शाता है। हिरासत के दौरान उनके बस में बैठे होने के विजुअल्स भी सामने आए।
बस के भीतर ही उन्होंने महिषासुर मर्दिनी का पाठ किया। वे गाती नज़र आईं — 'जागो दुर्गा, जागो दशप्रहरणधारिणी, जागो दुर्गा, जागो दशप्रहरणधारिणी। अभया शक्ति बलप्रदायिनी तुमि जागो, जागो तुमि जागो।' यह पंक्ति बंगाली भाषा में है और इसका हिंदी अर्थ है — 'जागो दुर्गा, जागो दस हाथों में अस्त्र धारण करने वाली। हे भयमुक्त करने वाली, शक्ति और बल प्रदान करने वाली, तुम जागो।'
महिषासुर मर्दिनी पाठ का महत्व
यह स्तोत्र दुर्गा पूजा से जुड़ा एक अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक पाठ है, जो बंगाल में शक्ति और न्याय की प्रतीक के रूप में जाना जाता है। देवी दुर्गा के जागरण एवं आगमन की यह प्रार्थना बंगाली संस्कृति में गहरी जड़ें रखती है। हिरासत के दौरान इस पाठ का चुनाव राजनीतिक संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है — विशेषकर नवरात्रि के पर्व के करीब।
एयरपोर्ट पर अन्य प्रदर्शनकारियों की हिरासत
इससे पहले शनिवार सुबह कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके और प्रवक्ताओं सौरव दास एवं आशुतोष रांका को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे पर हिरासत में ले लिया गया, जब वे प्रदर्शन से पहले दिल्ली पहुँचे थे।
दिल्ली पुलिस के जवान विमान की लैंडिंग के बाद उसके भीतर गए और तीनों को हिरासत में ले लिया। दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक वीडियो पोस्ट कर बताया कि दिल्ली पुलिस की टीम फ्लाइट के अंदर आई और उन्हें सौरव दास एवं आशुतोष रांका के साथ उड़ान से ही हिरासत में लिया जा रहा है।
उस वीडियो में दिपके पुलिस से कहते सुने गए — 'मैं यहाँ गिरफ्तार होने के लिए आया हूँ। मुझे गिरफ्तार करो।'
राजनीतिक पृष्ठभूमि और व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में हुआ है जब विपक्षी दल केंद्र सरकार की नीतियों के विरुद्ध राजधानी में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिशें तेज़ कर रहे हैं। गौरतलब है कि ममता बनर्जी कई बार दिल्ली में प्रतीकात्मक आंदोलनों का नेतृत्व कर चुकी हैं और अपनी राजनीतिक शैली के लिए जानी जाती हैं। आलोचकों का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को एयरपोर्ट पर ही रोकना और विपक्षी नेताओं को हिरासत में लेना लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार पर सवाल उठाता है। सरकारी पक्ष की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
आगे की स्थिति पर TMC और अन्य विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया पर नज़र बनी हुई है, और यह देखना होगा कि इस हिरासत का राजनीतिक असर किस दिशा में जाता है।