ममता बनर्जी का दिल्ली पुलिस पर 'अपहरण' का आरोप, द्वारका थाने में धरना; सोमवार को INDIA मार्च में होंगी शामिल
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में हिरासत में लिए जाने के बाद दिल्ली पुलिस पर 'अपहरण' का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उन्हें और उनके साथ मौजूद चार सांसदों को जेल वैन में बैठाकर दो घंटे तक घुमाया गया। इस घटना के विरोध में ममता बनर्जी ने द्वारका नॉर्थ पुलिस स्टेशन में धरना शुरू कर दिया और एलान किया कि वह सोमवार को विपक्षी गठबंधन INDIA के मार्च में शामिल होंगी।
मुख्य घटनाक्रम
TMC की ओर से जानकारी दी गई कि ममता बनर्जी को दिल्ली पुलिस और केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) ने हिरासत में लिया। प्रदर्शन के दौरान वह मुँह पर बैंड-ऐड लगाकर विरोध कर रही थीं — सूत्रों के अनुसार यह उनकी आवाज़ दबाए जाने के खिलाफ सांकेतिक विरोध था। हिरासत के दौरान बस के अंदर उनका वीडियो भी सामने आया, जिसमें वह महिषासुर मर्दिनी का पाठ करती और 'जागो दुर्गा, जागो दशप्रहरणधारिणी' तथा 'अभया शक्ति बलप्रदायिनी' जैसी पंक्तियाँ गाती दिखीं।
गौरतलब है कि यह स्तोत्र बंगाल में दुर्गा पूजा के दौरान शक्ति और न्याय के प्रतीक के रूप में विशेष महत्व रखता है। ममता बनर्जी का इस स्तोत्र का पाठ करना राजनीतिक और सांस्कृतिक — दोनों स्तरों पर एक स्पष्ट संदेश माना जा रहा है।
ममता का बयान
ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, 'हमारे चार सांसदों के साथ हमने द्वारका नॉर्थ पुलिस स्टेशन में धरना शुरू कर दिया है, जहाँ हमें लाया गया है। हमारा अपहरण किया गया और दो घंटे तक जेल वैन में घुमाया गया।' उन्होंने स्पष्ट किया कि वह शनिवार रात कोलकाता नहीं लौटेंगी और सोमवार को INDIA गठबंधन के मार्च में भाग लेंगी, जो युवाओं तथा अन्य प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हो रही कार्रवाई के विरोध में आयोजित किया जा रहा है।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया
कांग्रेस महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी एक्स पर पोस्ट कर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि 254 सांसदों के साथ धक्का-मुक्की की गई और उन्हें कथित तौर पर अवैध तरीके से हिरासत में लिया गया, जिससे उनके बुनियादी संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन हुआ।
प्रियंका गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि राष्ट्रीय राजधानी की घेराबंदी की गई — जगह-जगह बैरिकेडिंग, शहर के प्रमुख रास्तों पर पाबंदियाँ, ट्रेन और मेट्रो सेवाएँ बाधित, इंटरनेट बंद और चेक पोस्ट बनाए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि संवैधानिक अधिकार के तहत प्रदर्शन कर रहे युवाओं के साथ मारपीट की गई और उन्हें हिरासत में लिया गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में देश में तानाशाही चल रही है।
अन्य हिरासत और व्यापक संदर्भ
इससे पहले शनिवार सुबह कॉक्रोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके और प्रवक्ता सौरव दास तथा आशुतोष रांका को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे पर हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई। ये तीनों प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुँचे थे।
यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दलों और सरकार के बीच तनाव चरम पर है। INDIA गठबंधन के सोमवार के मार्च को लेकर राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही कड़ी कर दी गई थी। ममता बनर्जी की यह कार्रवाई न केवल TMC, बल्कि समूचे विपक्ष के लिए एक बड़े प्रतीकात्मक कदम के रूप में देखी जा रही है।
आगे की स्थिति
ममता बनर्जी के सोमवार को INDIA मार्च में शामिल होने के एलान के बाद विपक्षी गठबंधन की ताकत और एकजुटता की परीक्षा होगी। दिल्ली पुलिस की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले घंटों में राजनीतिक तापमान और बढ़ने की संभावना है।