सीजेपी प्रदर्शन: ममता बनर्जी की हिरासत पर सौगत राय की निंदा, गोपाल राय बोले — 'ब्लैक इमरजेंसी' थी 10 अक्टूबर
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद सौगत राय ने 11 अक्टूबर 2026 को सीजेपी (CJP) के दिल्ली प्रदर्शन के दौरान पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सहित सात अन्य सांसदों को हिरासत में लिए जाने की कड़ी निंदा की। वहीं, आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता गोपाल राय ने 10 अक्टूबर के सरकारी कदमों को 'ब्लैक इमरजेंसी' करार दिया और चेतावनी दी कि यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है।
मुख्य घटनाक्रम
सौगत राय ने बताया कि 10 अक्टूबर को सीजेपी के प्रदर्शन में TMC ने आधिकारिक समर्थन दिया था। ममता बनर्जी रास्ते में धरने पर बैठीं, जिसके बाद उन्हें और सात अन्य सांसदों को हिरासत में लेकर लगभग 2 घंटे तक सड़कों पर घुमाया गया। उन्होंने कहा, 'मैं इसकी निंदा करता हूँ।' राय ने यह भी बताया कि इस प्रदर्शन में माणिक सरकार, पिनाराई विजयन और अरविंद केजरीवाल सहित तीन पूर्व मुख्यमंत्री शामिल हुए।
गोपाल राय की 'इमरजेंसी' टिप्पणी
AAP नेता गोपाल राय ने कहा कि 10 अक्टूबर को सरकार ने 'ब्लैक इमरजेंसी' लगाई — ट्रेनें रद्द कर दी गईं, मेट्रो स्टेशन बंद किए गए और हज़ारों पुलिसकर्मी तैनात किए गए। उन्होंने बताया कि इसके बावजूद पुलिस के आधिकारिक बयान के अनुसार सात हज़ार लोगों को हिरासत में लिया गया। राय ने यह भी कहा कि देशवासियों के वोट के अधिकार को छीनने की कोशिश हो रही है और ज्ञानेश कुमार इसे अंजाम दे रहे हैं, इसीलिए देशभर में यह आंदोलन उठ खड़ा हुआ है।
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई
सौगत राय ने बताया कि विपक्षी नेताओं की हिरासत से संबंधित मामले पर सर्वोच्च न्यायालय ने सुनवाई की और सभी को राहत दी है। उन्होंने कहा कि अदालत ने आंदोलनकारियों के खिलाफ कोई प्रतिकूल फैसला नहीं दिया। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष के कई धड़े सरकार पर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को कमज़ोर करने का आरोप लगा रहे हैं।
प्रदर्शन में कांग्रेस की अनुपस्थिति पर सफाई
सौगत राय ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की अनुपस्थिति को लेकर स्पष्ट किया कि उनका 10 अक्टूबर को चेन्नई में पहले से तय कार्यक्रम था और उन्होंने उसे रद्द नहीं किया। गोपाल राय ने भी कांग्रेस की गैरमौजूदगी को बड़ा मुद्दा न बताते हुए कहा कि सवाल राजनीतिक दलों का नहीं, 'देश बचाने' का है। उन्होंने 2 अक्टूबर से चल रहे इस आंदोलन का हवाला दिया और दोहराया कि AAP इसमें अंत तक भागीदार रहेगी।
आगे क्या होगा
गोपाल राय के अनुसार 12 अक्टूबर को भी प्रदर्शन बुलाया गया है और AAP उसमें पूरी तरह शामिल रहेगी। विपक्षी गठबंधन की सामूहिक माँग है कि ज्ञानेश कुमार तत्काल इस्तीफा दें, उन पर कार्रवाई की जाए, एसआईआर (SIR) रद्द किया जाए और निष्पक्ष चुनाव कराए जाएँ। राय ने चेतावनी दी कि जितना इस आंदोलन को दबाने की कोशिश होगी, यह उतना ही गाँव-गाँव तक फैलेगा।