ममता बनर्जी ने सीजेपी नेताओं की गिरफ्तारी की निंदा की, तिहाड़ भेजे गए आशुतोष और सौरभ
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को सीजेपी (CJP) नेताओं आशुतोष रांका और सौरभ दास की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की। दोनों नेताओं को नई दिल्ली के जंतर मंतर पर अतिक्रमण के आरोप में मंगलवार देर रात दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था, और बुधवार को उन्हें पाँच दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया गया।
ममता का बयान: 'यह डराने और चुप कराने का प्रयास'
ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया पर एक संदेश साझा करते हुए कहा, 'हम और हमसे पहले की कई पीढ़ियों ने अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए मजबूती से संघर्ष किया है। हमें ऐसा करना जारी रखना चाहिए।' उन्होंने कहा, 'मैं सीजेपी के आशुतोष और सौरभ की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा करती हूँ।'
उन्होंने इस गिरफ्तारी को 'पूरी पीढ़ी को डराने और चुप कराने का प्रयास' करार देते हुए कहा कि 'यह अस्वीकार्य है।' ममता ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा, 'आपकी दीदी आपके साथ हैं — आज और हमेशा!'
जंतर मंतर पर प्रतिबंध और गिरफ्तारी का घटनाक्रम
दिल्ली पुलिस ने जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शनों पर पहले ही प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बावजूद, प्रतिबंध लागू होने के अगले दिन, आशुतोष रांका, सौरभ दास सहित कुल 14 मुख्य चुनाव आयोग समर्थक कार्यकर्ता जंतर मंतर की दीवार फाँदकर परिसर में घुस गए। ये सभी तिरंगा लिए हुए थे और इन्हें पहले हिरासत में लिया गया, फिर मंगलवार देर रात आशुतोष और सौरभ को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।
बुधवार को उन्हें कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें पाँच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
चुनाव आयोग विरोध आंदोलन की पृष्ठभूमि
यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर चल रहे चुनाव आयोग विरोध आंदोलन में हिस्सा लेने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में थे। सीजेपी इस आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
गौरतलब है कि जंतर मंतर ऐतिहासिक रूप से नागरिक विरोध का प्रतीक रहा है, और वहाँ प्रदर्शनों पर प्रतिबंध का यह मामला अब देशव्यापी बहस का केंद्र बन गया है।
ममता का 'लोकतंत्र की हत्या' का आरोप
ममता बनर्जी ने दावा किया कि देश के कई हिस्सों में 'लोकतंत्र की हत्या' हो रही है। उन्होंने कहा, 'बंगाल में हमारे 14,000 लोग पुलिस और राजनीतिक अत्याचारों का शिकार हो रहे हैं। एक ऐसी सरकार जो यह भूल चुकी है कि "यह जनता की, जनता द्वारा, जनता के लिए" है, उसका अंत निकट है।'
उन्होंने लाखों युवाओं से 'भारत माता को बचाने' की अपील भी की। यह बयान ऐसे समय में आया है जब केंद्र और विपक्षी राज्यों के बीच संवैधानिक संस्थाओं पर वर्चस्व को लेकर तनाव बढ़ता दिख रहा है।
आगे क्या होगा
आशुतोष रांका और सौरभ दास फिलहाल तिहाड़ जेल में पाँच दिन की न्यायिक हिरासत में हैं। उनकी ज़मानत और अगली पेशी पर नज़र बनी रहेगी। सीजेपी और विपक्षी दलों द्वारा इस मामले को संसद के भीतर और बाहर उठाए जाने की संभावना है।