ममता बनर्जी का शासनकाल: ईदी अमीन के युग की याद दिलाने वाला
सारांश
Key Takeaways
- ममता बनर्जी का शासन विवादों से घिरा है।
- भाजपा और जदयू के नेताओं की कड़ी प्रतिक्रिया।
- मालदा में न्यायिक अधिकारियों पर हमला।
- जन विश्वास विधेयक आम जनता के लिए राहत लाएगा।
- राजनीतिक तनाव की स्थिति बनी हुई है।
नई दिल्ली, 3 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा के प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि पश्चिम बंगाल में हो रही घटनाएँ और ममता बनर्जी का शासनकाल, युगांडा के ईदी अमीन के शासन की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि गुरुवारकाला थप्पा है। ममता बनर्जी 'ममता अमीन' के रूप में कार्य कर रही हैं।
भाजपा के बिहार प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने मालदा मामले पर पश्चिम बंगाल सरकार की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि न्यायिक अधिकारियों पर हमला किया गया और उन्हें घेर लिया गया। सरावगी ने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी किसकी सुरक्षा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी रोहिंग्या
दूसरी ओर, जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि पश्चिम बंगाल की स्थिति खुद ही बहुत कुछ बयान कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकार के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है और आम लोगों की उम्मीदों को दबाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य को दो हिस्सों में बांटने की कोशिशें चल रही हैं। इसके संदर्भ में, सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी भी आई है।
बिहार सरकार में मंत्री रामकृपाल यादव ने भी इस मुद्दे पर कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में 'गुंडों की सरकार' चल रही है, जहां अधिकारियों पर दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी की सरकार अब ज्यादा समय तक नहीं टिकेगी।
ज्ञात हो कि पश्चिम बंगाल के मालदा में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के खिलाफ भारी विरोध प्रदर्शन और हिंसा हुई। न्यायिक अधिकारियों (3 महिला अधिकारियों सहित 7 लोग) को बंधक बनाने के बाद, गुरुवार
वहीं, रामकृपाल यादव ने जन विश्वास विधेयक पर केंद्र सरकार की सराहना की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बिल आम लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है।
उन्होंने बताया कि पहले छोटे-छोटे मामलों में भी लोग कानूनी पचड़ों में फंस जाते थे, जिससे उनकी जिंदगी कठिन हो जाती थी। यह विधेयक उन छोटे मामलों से लोगों को राहत प्रदान करेगा और यह आम जनता के लिए एक बड़ा उपहार है।