मध्य प्रदेश में किसानों की ऋण चुकाने की तिथि बढ़ाने की मांग: उमंग सिंघार
सारांश
Key Takeaways
- किसान ऋण की तिथि बढ़ाने की मांग
- गेहूं खरीद में बाधाएँ
- बारदाने की कमी
- आर्थिक संकट का सामना कर रहे किसान
- किसान क्रेडिट कार्ड पर बकाया ऋण
भोपाल, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र भेजकर प्रदेश में किसानों की ऋण चुकाने की अंतिम तिथि को बढ़ाने की अपील की है।
नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने अपने पत्र में बताया कि प्रदेश में गेहूं खरीद की प्रक्रिया बार-बार बाधित हो रही है और अब तक खरीद की तिथि को तीन बार बदला जा चुका है। इसके अलावा, बारदाने की कमी के कारण खरीद कार्य में रुकावट आ रही है, जिससे किसान अपनी उपज को न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम दाम पर बेचने को विवश हो रहे हैं। इस स्थिति से किसानों को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस समस्या का सीधा असर किसानों की ऋण चुकाने की क्षमता पर पड़ रहा है। भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के अनुसार, प्रदेश में किसान क्रेडिट कार्ड के लगभग 64,17,424 खाते सक्रिय हैं, जिन पर कुल बकाया ऋण लगभग 86,995 करोड़ रुपए है।
उमंग सिंघार ने यह भी उल्लेख किया कि पहले भी सरकार से ऋण चुकाने की तिथि बढ़ाने की मांग की गई थी, लेकिन कोई सकारात्मक उत्तर नहीं मिला है। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया है कि किसानों की ऋण चुकाने की अंतिम तिथि को 30 अप्रैल तक बढ़ाया जाए। साथ ही, प्रभावित किसानों को डिफॉल्टर घोषित न किया जाए। गेहूं खरीद प्रक्रिया को शीघ्र और सुचारू रूप से पूरा किया जाए तथा बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि किसानों के हित में उनकी समस्याओं को देखते हुए सरकार को शीघ्र और संवेदनशील निर्णय लेना चाहिए।