आंखों के स्ट्रेस को कम करने के लिए अपनाएं ये स्वस्थ आदतें
सारांश
Key Takeaways
- आंखों को नियमित व्यायाम से मजबूत करें।
- खीरा या ककड़ी का आईपैक लगाएं।
- स्क्रीन टाइमिंग को नियंत्रित करें।
- सूरज के प्रकाश का लाभ उठाएं।
- त्राटक क्रिया से आंखों की सफाई करें।
नई दिल्ली, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मौसम में बदलाव के साथ आंखों की देखभाल करना अत्यंत आवश्यक है। इस बदलाव के कारण आंखों में चिपचिपापन और पानी आने की समस्या आम हो गई है।
आज के डिजिटल युग में आंखों की कमजोरी एक व्यापक समस्या बन चुकी है, लेकिन हम आपके लिए कुछ सरल और प्राकृतिक उपाय लाए हैं, जिनसे आप अपनी आंखों की देखभाल कर सकते हैं और आंखों के नंबर को भी नियंत्रित कर सकते हैं।
आधुनिक समय में आंखें लगातार स्क्रीन के संपर्क में रहती हैं, जिससे उन्हें थकान महसूस होती है। इस स्थिति का समाधान करने के लिए रोजाना 10 मिनट आंखों के व्यायाम करें। आंखों को चारों दिशाओं में घुमाएं और कुछ क्षणों के लिए बंद करके आराम दें। इस प्रक्रिया को 5 बार दोहराएं। इसके साथ ही, सूरज की किरणों को निहारने की आदत डालें। सुबह और शाम के समय में नंगी आंखों से सूरज को देखने का प्रयास करें। फिर दोनों हथेलियों को रगड़कर आंखों पर लगाएं, इससे आंखों को विश्राम मिलेगा।
गर्मियों में आंखों का सूखापन बढ़ जाता है, ऐसे में रोजाना खीरा या ककड़ी का आईपैक लगाना फायदेमंद होता है। इसके लिए खीरे या ककड़ी की दो स्लाइस को आंखों पर रखें और कुछ समय के लिए शांत रहें। इससे आंखों की थकावट दूर होती है और रक्त संचार भी बढ़ता है।
स्क्रीन का उपयोग कम करें। नियम बना लें कि रात 9 बजे के बाद फोन या टीवी का उपयोग नहीं करेंगे। इससे आंखों की मांसपेशियां मजबूत होंगी और स्क्रीन के कारण होने वाला दबाव भी कम होगा, जिससे सिरदर्द में भी राहत मिलेगी। इसके अलावा, त्राटक क्रिया का अभ्यास करें। अंधेरे कमरे में एक मोमबत्ती या दीया जलाकर उसे निरंतर देखें। यह आंखों की सफाई में मदद करता है और आंखों से पानी भी बहता है।
इन उपायों को नियमित रूप से करने से कुछ ही महीनों में आंखों की स्थिति में सुधार होगा और दृष्टि की समस्या भी नियंत्रित हो जाएगी।