पादाभ्यंग से शीतोदक उपचार तक, क्या आप आंखों को ऐसे रख सकते हैं स्वस्थ?

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पादाभ्यंग से शीतोदक उपचार तक, क्या आप आंखों को ऐसे रख सकते हैं स्वस्थ?

सारांश

आंखों की देखभाल के लिए आसान और प्रभावी उपायों के बारे में जानें। ये सरल उपाय आपकी आंखों को स्वस्थ बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।

मुख्य बातें

आंखें हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
नियमित देखभाल से आंखों की स्वस्थता बढ़ती है।
पादाभ्यंग से तनाव कम होता है।
योग और प्राणायाम से आंखों की रोशनी बढ़ाई जा सकती है।
सफाई और नियमितता आवश्यक हैं।

नई दिल्ली, 23 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। आंखें हमारे शरीर का एक अनमोल और नाजुक हिस्सा हैं। इनकी देखभाल में थोड़ी भी लापरवाही गंभीर समस्याएं उत्पन्न कर सकती हैं। भारत सरकार का आयुष मंत्रालय आंखों की देखभाल के लिए कुछ सरल और प्रभावी उपाय सुझाता है, जो आंखों को स्वस्थ रखने में सहायक हैं। इन उपायों को अपनाकर आप अपनी आंखों की रोशनी को लंबे समय तक बनाए रख सकते हैं।

आयुष मंत्रालय के अनुसार, आंखों को स्वस्थ रखने के लिए नियमित देखभाल आवश्यक है। सबसे पहले, आंखों को हमेशा नम रखने का प्रयास करें। भोजन के बाद हाथ धोते समय आंखों को भी ठंडे पानी से धोएं। ध्यान रखें कि गंदे या जूठे हाथों से आंखों को न छुएं, क्योंकि इससे संक्रमण का खतरा हो सकता है। मंत्रालय शीतोदक उपचार की सलाह देता है। इसके तहत दिन में 2 से 4 बार मुंह में ठंडा पानी भरकर रखें और आंखों पर ठंडे पानी की बूंदें डालें। यह उपाय आंखों को ठंडक और आराम देता है, जिससे थकान और जलन से राहत मिलती है। खासकर मानसून में, जब आंखों में एलर्जी या संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है, यह तरीका बहुत लाभकारी है।

इसके अलावा, पादाभ्यंग यानी पैरों की मालिश को भी आंखों के लिए लाभकारी बताया गया है। रोजाना रात को सोने से पहले गुनगुने तेल से पैरों की मालिश करें। यह न केवल तनाव कम करता है, बल्कि नेत्र ज्योति को बढ़ाने और आंखों को बीमारियों से बचाने में भी मदद करता है। मंत्रालय का कहना है कि ये छोटे-छोटे उपाय आपकी दिनचर्या में आसानी से शामिल किए जा सकते हैं। आंखों की देखभाल के लिए स्वच्छता और नियमितता सबसे जरूरी है।

इसके अलावा कुछ योगासन और प्राणायाम भी हैं, जिसके अभ्यास से आप अपनी आंखों की रोशनी बढ़ा सकते हैं और उन्हें स्वस्थ भी रख सकते हैं।

आंखों के लिए भस्त्रिका प्राणायाम बेहद फायदेमंद है। इसमें तेजी से सांस लेने और छोड़ने की प्रक्रिया होती है। इसे एक बार में 2 से 3 मिनट ही करना चाहिए। भस्त्रिका आंखों तक ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ाता है, जिससे दृष्टि साफ होती है और आंखों की थकान दूर होती है।

त्राटक एक ध्यान तकनीक है, जिसमें किसी बिंदु जैसे मोमबत्ती की लौ या सर्कल को बिना पलक झपकाए देखा जाता है। इसे शांत जगह पर करना चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार इसे नियमित रूप से करने से आंखों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं, एकाग्रता बढ़ती है और दृष्टि अच्छी होती है। इसे करने के बाद आंखें बंद कर कुछ मिनटों के लिए आराम करना चाहिए।

आंखों को ऊपर-नीचे घुमाना भी आंखों के लिए बेहद फायदेमंद होता है। इस आसान में आंखों को धीरे-धीरे ऊपर-नीचे, दाएं-बाएं और गोलाकार घुमाना चाहिए। इससे आंखों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं, तनाव कम होता है और रक्त संचार भी बेहतर बनता है।

हथेली से आंख ढंकना (पामिंग): अपनी हथेलियों को रगड़कर गर्म करें और बंद आंखों पर हल्के से रखें। 1-2 मिनट तक गहरी सांस लें। यह आंखों को आराम देता है और तनाव कम करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

हम यह मानते हैं कि आंखों की देखभाल करना हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। सरकार द्वारा सुझाए गए उपाय न केवल स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हैं बल्कि ये जीवनशैली में भी सकारात्मक परिवर्तन लाते हैं।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आंखों की देखभाल के लिए सबसे प्रभावी उपाय क्या हैं?
आंखों को हमेशा नम रखना, ठंडे पानी से धोना और पादाभ्यंग करना सबसे प्रभावी उपाय हैं।
क्या प्राणायाम आंखों के लिए फायदेमंद है?
हाँ, भस्त्रिका प्राणायाम आंखों की रोशनी बढ़ाने में मदद करता है।
त्राटक ध्यान कैसे करें?
त्राटक ध्यान में एक बिंदु को बिना पलक झपकाए देखना होता है।
आंखों की थकान कैसे दूर करें?
आंखों को ऊपर-नीचे और गोलाकार घुमाने से थकान दूर होती है।
राष्ट्र प्रेस
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