16 अक्टूबर 2026
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भारत से प्रत्यर्पित मनजीत सिंह बेदी अमेरिका पहुँचे, SNAP धोखाधड़ी में $6 लाख से अधिक का आरोप

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भारत से प्रत्यर्पित मनजीत सिंह बेदी अमेरिका पहुँचे, SNAP धोखाधड़ी में $6 लाख से अधिक का आरोप

सारांश

एफबीआई की मोस्ट वांटेड फ्रॉडस्टर्स सूची में शामिल भारतीय मूल के किराना कारोबारी मनजीत सिंह बेदी को भारत से अमेरिका प्रत्यर्पित किया गया। वॉशिंगटन राज्य के इस 64 वर्षीय कारोबारी पर SNAP खाद्य सहायता कार्यक्रम में $6 लाख की धोखाधड़ी का आरोप है। आरोप साबित होने पर 20 साल तक की जेल हो सकती है।

मुख्य बातें

मनजीत सिंह बेदी को भारत से अमेरिका प्रत्यर्पित कर 14 अक्टूबर 2026 की रात वेस्टर्न डिस्ट्रिक्ट ऑफ वॉशिंगटन लाया गया।
बेदी पर SNAP खाद्य सहायता कार्यक्रम में कम से कम $6 लाख की धोखाधड़ी का आरोप है।
अभियोग के अनुसार, वे $1 के लाभ के बदले सिर्फ 50 सेंट देकर शेष राशि हड़प लेते थे।
22 अप्रैल को खुद को निर्दोष बताने के एक सप्ताह बाद बेदी भारत भाग गए थे; 3 सितंबर को एफबीआई सूची में नाम जुड़ा।
आरोप साबित होने पर अधिकतम 20 साल जेल और $2.5 लाख तक जुर्माना हो सकता है।
एफबीआई निदेशक काश पटेल के अनुसार पिछले 20 महीनों में 260 से अधिक वांछित आरोपी वापस लाए गए — पहले की तुलना में 70% अधिक।

एफबीआई की 'मोस्ट वांटेड फ्रॉडस्टर्स' सूची में शामिल भारतीय मूल के किराना कारोबारी मनजीत सिंह बेदी को भारत से अमेरिका प्रत्यर्पित कर दिया गया है। 16 अक्टूबर 2026 को अमेरिकी न्याय विभाग ने पुष्टि की कि बेदी को 14 अक्टूबर की रात वेस्टर्न डिस्ट्रिक्ट ऑफ वॉशिंगटन लाया गया। उन पर अमेरिकी खाद्य सहायता कार्यक्रम में कम से कम $6 लाख (छह लाख डॉलर) की धोखाधड़ी करने का आरोप है।

मुख्य घटनाक्रम

64 वर्षीय मनजीत सिंह बेदी वॉशिंगटन राज्य के केंट शहर के निवासी हैं और 'द एशियन ग्रोसरी स्टोर' नामक किराना दुकान के मालिक और संचालक थे। अभियोजकों के अनुसार, यह दुकान फरवरी 2024 में सप्लीमेंटल न्यूट्रिशन असिस्टेंस प्रोग्राम (SNAP) के लाभ स्वीकार करने के लिए अधिकृत हुई थी।

न्याय विभाग के मुताबिक, 22 अप्रैल को अदालत में बेदी ने खुद को निर्दोष बताया, किंतु एक सप्ताह के भीतर ही भारत रवाना हो गए। 3 सितंबर को उनका नाम एफबीआई की मोस्ट वांटेड फ्रॉडस्टर्स सूची में जोड़ा गया, जिसके बाद भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने उन्हें हिरासत में लिया।

धोखाधड़ी का तरीका

अभियोजकों का आरोप है कि मार्च 2024 से बेदी ने SNAP लाभार्थियों को उनके इलेक्ट्रॉनिक कार्ड की राशि के बदले नकद देना शुरू किया। कथित तौर पर वे $1 के लाभ के बदले केवल 50 सेंट नकद देते थे और शेष राशि स्वयं हड़प लेते थे।

जाँच एजेंसियों का कहना है कि इस तरीके से उन्होंने ऐसे खाद्य उत्पादों के नाम पर कम से कम $6 लाख हासिल किए, जो वास्तव में कभी बेचे ही नहीं गए। जून 2025 में इस कथित धोखाधड़ी का खुलासा हुआ।

एफबीआई निदेशक की प्रतिक्रिया

एफबीआई निदेशक काश पटेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, 'एफबीआई के मोस्ट वांटेड फ्रॉडस्टर्स में शामिल मनजीत सिंह बेदी, जिन्हें सितंबर में भारत में गिरफ्तार किया गया था, वापस अमेरिका भेजे गए हैं।' उन्होंने एफबीआई सिएटल और अमेरिका तथा भारत की कानून प्रवर्तन एजेंसियों का धन्यवाद भी किया।

पटेल ने बताया कि विदेशी एजेंसियों के सहयोग से पिछले 20 महीनों में 260 से अधिक वांछित आरोपियों को वापस लाया गया है — पिछली समान अवधि की तुलना में लगभग 70 प्रतिशत अधिक। बेदी उन छह प्रमुख आरोपियों में शामिल हैं जो मोस्ट वांटेड फ्रॉडस्टर्स सूची जारी होने के बाद पकड़े गए।

कानूनी स्थिति और संभावित सज़ा

कार्यवाहक अमेरिकी अटॉर्नी नील फ्लॉयड ने कहा, 'मैं एफबीआई और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के काम की सराहना करता हूँ, जिन्होंने बेदी को न्याय का सामना कराने के लिए अमेरिका वापस लाना सुनिश्चित किया। हम अदालत से अनुरोध करेंगे कि मुकदमे तक उन्हें हिरासत में रखा जाए, क्योंकि उन्होंने पहले ही भागने की इच्छा और क्षमता दोनों दिखा दी हैं।'

बेदी की टैकोमा स्थित अमेरिकी जिला अदालत में पेशी होनी है। यदि आरोप साबित होते हैं, तो वायर फ्रॉड और SNAP धोखाधड़ी दोनों में अधिकतम 20 साल तक की जेल और $2.5 लाख तक का जुर्माना हो सकता है। यह मामला अमेरिका-भारत प्रत्यर्पण सहयोग की बढ़ती प्रभावशीलता को भी रेखांकित करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि अमेरिका-भारत कानून-प्रवर्तन सहयोग की बढ़ती धार का संकेत है — एफबीआई के अनुसार 20 महीनों में 260 से अधिक प्रत्यर्पण, यह आँकड़ा खुद बोलता है। गौरतलब है कि SNAP जैसे कल्याण कार्यक्रमों में धोखाधड़ी सीधे सबसे कमज़ोर आबादी को नुकसान पहुँचाती है — जो लोग इन लाभों पर भोजन के लिए निर्भर हैं। यह मामला यह भी रेखांकित करता है कि अभियोग के बाद भागकर भारत आने की रणनीति अब उतनी कारगर नहीं रही, जितनी एक दशक पहले थी। भारत-अमेरिका प्रत्यर्पण संधि के तहत बढ़ती सक्रियता आगे के संभावित फरारों के लिए एक स्पष्ट संदेश है।
RashtraPress
16 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मनजीत सिंह बेदी कौन हैं और उन पर क्या आरोप हैं?
मनजीत सिंह बेदी वॉशिंगटन राज्य के केंट शहर के 64 वर्षीय भारतीय मूल के किराना कारोबारी हैं, जो 'द एशियन ग्रोसरी स्टोर' के मालिक थे। उन पर अमेरिकी SNAP खाद्य सहायता कार्यक्रम में कम से कम $6 लाख की वायर फ्रॉड और लाभ धोखाधड़ी का आरोप है।
बेदी को भारत से अमेरिका कैसे और कब लाया गया?
बेदी को 14 अक्टूबर 2026 की रात भारतीय और अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के सहयोग से अमेरिका के वेस्टर्न डिस्ट्रिक्ट ऑफ वॉशिंगटन लाया गया। 3 सितंबर को एफबीआई की मोस्ट वांटेड फ्रॉडस्टर्स सूची में नाम जुड़ने के बाद भारतीय एजेंसियों ने उन्हें हिरासत में लिया था।
SNAP धोखाधड़ी का तरीका क्या था?
अभियोजकों के अनुसार, बेदी मार्च 2024 से SNAP लाभार्थियों को उनके इलेक्ट्रॉनिक कार्ड की $1 की राशि के बदले केवल 50 सेंट नकद देते थे और शेष रकम खुद रख लेते थे। इस तरह उन्होंने ऐसे खाद्य उत्पादों के नाम पर $6 लाख से अधिक हासिल किए, जो वास्तव में कभी बेचे ही नहीं गए।
यदि आरोप साबित हुए तो बेदी को क्या सज़ा हो सकती है?
वायर फ्रॉड और SNAP लाभ धोखाधड़ी दोनों मामलों में दोषी पाए जाने पर अधिकतम 20 साल तक की जेल और $2.5 लाख तक का जुर्माना हो सकता है। कार्यवाहक अटॉर्नी नील फ्लॉयड ने अदालत से मुकदमे तक बेदी को हिरासत में रखने का अनुरोध किया है।
इस मामले का भारत-अमेरिका प्रत्यर्पण सहयोग पर क्या असर है?
एफबीआई निदेशक काश पटेल के अनुसार, पिछले 20 महीनों में भारत सहित विदेशी एजेंसियों की मदद से 260 से अधिक वांछित आरोपियों को अमेरिका लाया गया है, जो पिछली समान अवधि की तुलना में लगभग 70 प्रतिशत अधिक है। यह मामला दोनों देशों के बीच बढ़ते कानूनी सहयोग का उदाहरण है।
राष्ट्र प्रेस
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