भारत से प्रत्यर्पित मनजीत सिंह बेदी अमेरिका पहुँचे, SNAP धोखाधड़ी में $6 लाख से अधिक का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
एफबीआई की 'मोस्ट वांटेड फ्रॉडस्टर्स' सूची में शामिल भारतीय मूल के किराना कारोबारी मनजीत सिंह बेदी को भारत से अमेरिका प्रत्यर्पित कर दिया गया है। 16 अक्टूबर 2026 को अमेरिकी न्याय विभाग ने पुष्टि की कि बेदी को 14 अक्टूबर की रात वेस्टर्न डिस्ट्रिक्ट ऑफ वॉशिंगटन लाया गया। उन पर अमेरिकी खाद्य सहायता कार्यक्रम में कम से कम $6 लाख (छह लाख डॉलर) की धोखाधड़ी करने का आरोप है।
मुख्य घटनाक्रम
64 वर्षीय मनजीत सिंह बेदी वॉशिंगटन राज्य के केंट शहर के निवासी हैं और 'द एशियन ग्रोसरी स्टोर' नामक किराना दुकान के मालिक और संचालक थे। अभियोजकों के अनुसार, यह दुकान फरवरी 2024 में सप्लीमेंटल न्यूट्रिशन असिस्टेंस प्रोग्राम (SNAP) के लाभ स्वीकार करने के लिए अधिकृत हुई थी।
न्याय विभाग के मुताबिक, 22 अप्रैल को अदालत में बेदी ने खुद को निर्दोष बताया, किंतु एक सप्ताह के भीतर ही भारत रवाना हो गए। 3 सितंबर को उनका नाम एफबीआई की मोस्ट वांटेड फ्रॉडस्टर्स सूची में जोड़ा गया, जिसके बाद भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने उन्हें हिरासत में लिया।
धोखाधड़ी का तरीका
अभियोजकों का आरोप है कि मार्च 2024 से बेदी ने SNAP लाभार्थियों को उनके इलेक्ट्रॉनिक कार्ड की राशि के बदले नकद देना शुरू किया। कथित तौर पर वे $1 के लाभ के बदले केवल 50 सेंट नकद देते थे और शेष राशि स्वयं हड़प लेते थे।
जाँच एजेंसियों का कहना है कि इस तरीके से उन्होंने ऐसे खाद्य उत्पादों के नाम पर कम से कम $6 लाख हासिल किए, जो वास्तव में कभी बेचे ही नहीं गए। जून 2025 में इस कथित धोखाधड़ी का खुलासा हुआ।
एफबीआई निदेशक की प्रतिक्रिया
एफबीआई निदेशक काश पटेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, 'एफबीआई के मोस्ट वांटेड फ्रॉडस्टर्स में शामिल मनजीत सिंह बेदी, जिन्हें सितंबर में भारत में गिरफ्तार किया गया था, वापस अमेरिका भेजे गए हैं।' उन्होंने एफबीआई सिएटल और अमेरिका तथा भारत की कानून प्रवर्तन एजेंसियों का धन्यवाद भी किया।
पटेल ने बताया कि विदेशी एजेंसियों के सहयोग से पिछले 20 महीनों में 260 से अधिक वांछित आरोपियों को वापस लाया गया है — पिछली समान अवधि की तुलना में लगभग 70 प्रतिशत अधिक। बेदी उन छह प्रमुख आरोपियों में शामिल हैं जो मोस्ट वांटेड फ्रॉडस्टर्स सूची जारी होने के बाद पकड़े गए।
कानूनी स्थिति और संभावित सज़ा
कार्यवाहक अमेरिकी अटॉर्नी नील फ्लॉयड ने कहा, 'मैं एफबीआई और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के काम की सराहना करता हूँ, जिन्होंने बेदी को न्याय का सामना कराने के लिए अमेरिका वापस लाना सुनिश्चित किया। हम अदालत से अनुरोध करेंगे कि मुकदमे तक उन्हें हिरासत में रखा जाए, क्योंकि उन्होंने पहले ही भागने की इच्छा और क्षमता दोनों दिखा दी हैं।'
बेदी की टैकोमा स्थित अमेरिकी जिला अदालत में पेशी होनी है। यदि आरोप साबित होते हैं, तो वायर फ्रॉड और SNAP धोखाधड़ी दोनों में अधिकतम 20 साल तक की जेल और $2.5 लाख तक का जुर्माना हो सकता है। यह मामला अमेरिका-भारत प्रत्यर्पण सहयोग की बढ़ती प्रभावशीलता को भी रेखांकित करता है।