5 सितंबर 2026
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FBI की 'मोस्ट वांटेड' सूची में शामिल मंजीत सिंह बेदी जालंधर से गिरफ्तार, ₹5.3 करोड़ की SNAP धोखाधड़ी का आरोप

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FBI की 'मोस्ट वांटेड' सूची में शामिल मंजीत सिंह बेदी जालंधर से गिरफ्तार, ₹5.3 करोड़ की SNAP धोखाधड़ी का आरोप

सारांश

FBI की 'मोस्ट वांटेड' सूची में शामिल मंजीत सिंह बेदी को पंजाब पुलिस ने जालंधर से दबोचा। अमेरिका में SNAP खाद्य सहायता योजना में ₹5.3 करोड़ की कथित धोखाधड़ी, अदालती शर्तें तोड़ कर कनाडा होते भारत भागा — अब प्रत्यर्पण की राह खुली।

मुख्य बातें

पंजाब पुलिस ने 4 सितंबर 2026 को जालंधर से FBI की 'मोस्ट वांटेड' सूची में शामिल मंजीत सिंह बेदी को गिरफ्तार किया।
बेदी पर मार्च 2024 से जून 2025 के बीच अमेरिकी SNAP योजना में कम से कम 6 लाख डॉलर (₹5.3 करोड़) की कथित धोखाधड़ी का आरोप है।
वह वाशिंगटन राज्य के ताकोमा में 'एशियन ग्रॉसरी स्टोर' चलाता था और EBT कार्ड से नकद देकर 50% राशि खुद रखता था।
अदालती शर्तें तोड़ कर सड़क मार्ग से कनाडा भागा, फिर अप्रैल 2026 में भारत आया।
अमेरिकी अदालत ने 21 मई 2026 को संघीय गिरफ्तारी वारंट जारी किया था; गिरफ्तारी पर 1.5 लाख डॉलर का इनाम था।
अब अमेरिका प्रत्यर्पण की कानूनी प्रक्रिया शुरू होने की संभावना।

पंजाब पुलिस ने 4 सितंबर 2026 को जालंधर से भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक मंजीत सिंह बेदी को गिरफ्तार किया, जो अमेरिकी संघीय जांच एजेंसी FBI की 'मोस्ट वांटेड फ्रॉडस्टर्स' सूची में शामिल था। बेदी पर अमेरिकी सरकार की खाद्य सहायता योजना SNAP (सप्लीमेंटल न्यूट्रिशन असिस्टेंस प्रोग्राम) से कथित तौर पर कम से कम 6 लाख अमेरिकी डॉलर (करीब ₹5.3 करोड़) की धोखाधड़ी करने का आरोप है।

मुख्य घटनाक्रम

पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने बताया कि जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय भगोड़ों और संगठित अपराधियों के विरुद्ध चल रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की। अमेरिकी एजेंसियों ने बेदी की गिरफ्तारी पर 1.5 लाख अमेरिकी डॉलर का इनाम घोषित किया था।

जांच एजेंसियों के अनुसार, बेदी अमेरिका के वाशिंगटन राज्य के ताकोमा शहर में 'एशियन ग्रॉसरी स्टोर' नामक किराना दुकान संचालित करता था और SNAP योजना के तहत लाभार्थियों को खाद्य सामग्री बेचने के लिए अधिकृत था।

धोखाधड़ी का तरीका

अधिकारियों का आरोप है कि बेदी ने SNAP लाभार्थियों के इलेक्ट्रॉनिक बेनिफिट ट्रांसफर (EBT) कार्ड से खाद्य सामग्री देने के बजाय कार्ड स्वाइप कर उन्हें नकद राशि थमा दी। इस कथित व्यवस्था में वह दी गई नकदी का लगभग 50 प्रतिशत अपने पास रख लेता था।

अधिकारियों के अनुसार, मार्च 2024 से जून 2025 के बीच इस कथित योजना के ज़रिए अमेरिकी सरकार को कम से कम 6 लाख डॉलर (करीब ₹5.3 करोड़) का नुकसान पहुँचाया गया। बेदी के विरुद्ध वायर फ्रॉड और SNAP लाभ धोखाधड़ी से जुड़े आरोपों में कार्रवाई शुरू हुई।

अमेरिका से भारत तक का भगोड़ा सफर

मामला सामने आने के बाद अमेरिकी अदालत ने प्रारंभिक चरण में बेदी को कुछ शर्तों के साथ राहत दी थी — जिसमें पासपोर्ट जमा करना और वाशिंगटन राज्य के भीतर ही रहना शामिल था। जांच एजेंसियों का आरोप है कि बेदी ने इन शर्तों का उल्लंघन करते हुए सड़क मार्ग से अमेरिका-कनाडा सीमा पार की और कनाडा पहुँच गया।

इसके बाद वह अप्रैल 2026 में भारत आ गया और कथित तौर पर पहचान छिपाकर कानून से बचने की कोशिश कर रहा था। वाशिंगटन के पश्चिमी जिले की अमेरिकी जिला अदालत ने 21 मई 2026 को उसके विरुद्ध संघीय गिरफ्तारी वारंट जारी किया, जिसके बाद FBI ने उसे अपनी वांछित धोखाधड़ी आरोपियों की सूची में शामिल कर तलाश तेज कर दी।

आगे की कानूनी प्रक्रिया

पंजाब पुलिस की गिरफ्तारी के बाद अब संबंधित अमेरिकी एजेंसियों और विभागों से संपर्क स्थापित कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में बेदी के अमेरिका प्रत्यर्पण की प्रक्रिया भी शुरू हो सकती है। गौरतलब है कि यह मामला उन भारतीय मूल के नागरिकों की बढ़ती सूची में जुड़ता है, जो विदेशों में आर्थिक अपराध कर भारत में शरण लेने की कोशिश करते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि वह अप्रैल 2026 से जालंधर में पहचान छिपाकर कैसे रहता रहा — जबकि FBI का वारंट मई 2026 में जारी हो चुका था। SNAP जैसी कल्याणकारी योजनाओं में EBT कार्ड की 'कैश-आउट' धोखाधड़ी कोई नई घटना नहीं है, लेकिन इस मामले की गंभीरता इसके पैमाने और आरोपी के भागने के रास्ते — अमेरिका से कनाडा, फिर भारत — में है। प्रत्यर्पण प्रक्रिया की गति यह तय करेगी कि यह गिरफ्तारी महज़ एक सुर्खी बनती है या वास्तव में न्याय तक पहुँचती है।
RashtraPress
5 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मंजीत सिंह बेदी कौन है और उसे क्यों गिरफ्तार किया गया?
मंजीत सिंह बेदी भारतीय मूल का अमेरिकी नागरिक है, जो FBI की 'मोस्ट वांटेड फ्रॉडस्टर्स' सूची में शामिल था। उस पर अमेरिकी सरकार की SNAP खाद्य सहायता योजना में कम से कम 6 लाख डॉलर (करीब ₹5.3 करोड़) की कथित धोखाधड़ी का आरोप है। पंजाब पुलिस ने उसे 4 सितंबर 2026 को जालंधर से गिरफ्तार किया।
SNAP योजना में धोखाधड़ी कैसे की गई?
अधिकारियों के अनुसार, बेदी ने SNAP लाभार्थियों के EBT कार्ड खाद्य सामग्री के बदले स्वाइप कर उन्हें नकद राशि दी और उस नकदी का करीब 50 प्रतिशत खुद रख लिया। यह धोखाधड़ी मार्च 2024 से जून 2025 के बीच उसकी ताकोमा स्थित 'एशियन ग्रॉसरी स्टोर' के ज़रिए की गई।
बेदी भारत कैसे पहुँचा?
जांच एजेंसियों के अनुसार, बेदी ने अमेरिकी अदालत की शर्तें तोड़ते हुए सड़क मार्ग से अमेरिका-कनाडा सीमा पार की और कनाडा पहुँचा। इसके बाद वह अप्रैल 2026 में भारत आ गया और कथित तौर पर पहचान छिपाकर रह रहा था।
बेदी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट कब जारी हुआ?
वाशिंगटन के पश्चिमी जिले की अमेरिकी जिला अदालत ने 21 मई 2026 को बेदी के विरुद्ध संघीय गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। इसके बाद FBI ने उसे अपनी वांछित धोखाधड़ी आरोपियों की सूची में शामिल कर 1.5 लाख डॉलर का इनाम घोषित किया।
अब बेदी का क्या होगा — क्या उसे अमेरिका भेजा जाएगा?
पंजाब पुलिस की गिरफ्तारी के बाद संबंधित अमेरिकी एजेंसियों से संपर्क स्थापित कर कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, आने वाले दिनों में बेदी के अमेरिका प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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