17 जुलाई 2026
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एफबीआई ने पंजाब गैंगस्टर नीतीश कौशल को वर्मोंट से दबोचा, RICO साजिश का आरोप

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एफबीआई ने पंजाब गैंगस्टर नीतीश कौशल को वर्मोंट से दबोचा, RICO साजिश का आरोप

सारांश

एफबीआई ने पंजाब के कथित गैंगस्टर नीतीश कौशल को वर्मोंट से दबोचा — यह उस सिंडिकेट पर पहली सार्वजनिक गिरफ्तारी है जिस पर तीन महाद्वीपों में हत्या, ड्रग तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। 44 पेज की RICO चार्जशीट में 15 आरोपी, 1,000 से अधिक कथित सदस्य और भारत तक फैला वित्तीय नेटवर्क।

मुख्य बातें

एफबीआई ने 17 जुलाई को भारतीय नागरिक नीतीश कौशल उर्फ 'लाला' को वर्मोंट से गिरफ्तार किया।
25 जून को मध्य कैलिफोर्निया की ग्रैंड जूरी ने RICO साजिश का आरोप लगाते हुए फेडरल अरेस्ट वारंट जारी किया था।
44 पेज की चार्जशीट में 15 आरोपी ; कथित नेटवर्क में दुनिया भर में 1,000 से अधिक सदस्य, अमेरिका में 100 से अधिक ।
संगठन पर हत्या, अपहरण, ड्रग तस्करी ( प्रति खेप 100 किलोग्राम+ ), मनी लॉन्ड्रिंग और मानव तस्करी के आरोप।
कौशल पर 10 जुलाई 2024 को कैलिफोर्निया में अपहरण और 50,000 डॉलर की फिरौती मांगने का विशेष आरोप।
सभी आरोप अभी कथित हैं; कौशल अदालत में दोष सिद्ध होने तक कानूनन निर्दोष।

फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) ने 17 जुलाई को भारतीय नागरिक नीतीश कौशल को वर्मोंट से गिरफ्तार किया — यह उस बड़े अमेरिकी मामले में पहली सार्वजनिक गिरफ्तारी है जो पंजाब के एक कथित सीमा-पार संगठित अपराध सिंडिकेट से जुड़ी है। कौशल को इसी सप्ताह एफबीआई की मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल किया गया था। अभियोजकों के अनुसार यह सिंडिकेट उत्तरी अमेरिका, यूरोप और ओशिनिया में सक्रिय था।

मामले की पृष्ठभूमि

25 जून को मध्य कैलिफोर्निया के लिए संयुक्त राज्य जिला न्यायालय ने कौशल के विरुद्ध एक फेडरल अरेस्ट वारंट जारी किया था, जब एक ग्रैंड जूरी ने उस पर रैकेटियर इन्फ्लुएंस्ड एंड करप्ट ऑर्गनाइजेशन्स (RICO) साजिश का आरोप लगाया। एफबीआई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर गुरुवार को पुष्टि की — 'केस अपडेट: नीतीश कौशल को वर्मोंट में गिरफ्तार कर लिया गया है।'

44 पेज की फेडरल चार्जशीट के अनुसार, जग्गू भगवानपुरिया संगठित अपराध समूह एक सीमा-पार आपराधिक सिंडिकेट के रूप में काम करता था, जिसका मुख्यालय भारत में था और सदस्य अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया तथा न्यूजीलैंड में फैले हुए थे। वकीलों के अनुसार इस संगठन के दुनिया भर में 1,000 से अधिक सदस्य और सहयोगी थे, जिनमें अमेरिका में 100 से ज्यादा शामिल थे।

आरोपों का विवरण

चार्जशीट में 15 आरोपियों के नाम हैं, जिनमें कथित गैंग लीडर जग्गू भगवानपुरिया और कौशल प्रमुख हैं। कौशल को 'लाला' के नाम से भी जाना जाता है। अभियोजकों का आरोप है कि यह संगठन हत्या, अपहरण, ड्रग तस्करी, जबरन वसूली, हथियारों की तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग और मानव तस्करी से कमाई करता था।

एक प्रमुख आरोप 10 जुलाई 2024 की एक घटना से जुड़ा है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, गिरोह के सदस्यों को संदेह था कि एक व्यक्ति ने संगठन की ड्रग्स की खेप चुरा ली थी। अदालती दस्तावेजों के मुताबिक, कौशल और उसके सह-आरोपियों — अमृतपाल सिंह बल, हर्षप्रीत सिंह और अमरबीर सिंह — ने मिलकर पीड़ित को कैलिफोर्निया के मैन्टेका स्थित एक मकान में बंधक बनाया। अभियोजकों का आरोप है कि कौशल और हर्षप्रीत सिंह ने पीड़ित के साथ मारपीट की, जिसके बाद उसे फ्रेज़्नो, कैलिफोर्निया के एक अपार्टमेंट में स्थानांतरित किया गया। गिरोह ने कथित तौर पर पीड़ित से 50,000 डॉलर की मांग की।

ड्रग तस्करी और वित्तीय नेटवर्क

चार्जशीट के अनुसार, यह संगठन अपनी आय के मुख्य स्रोत के रूप में बड़े पैमाने पर मादक पदार्थों की तस्करी पर निर्भर था। अभियोजकों का कहना है कि गिरोह के सदस्य अमेरिका में कोकीन और मेथामफेटामाइन की तस्करी के लिए परिवहन मार्गों का समन्वय करते थे। कथित तौर पर प्रत्येक खेप में आमतौर पर 100 किलोग्राम या उससे अधिक कोकीन या मेथामफेटामाइन होती थी, जो पहले दक्षिणी कैलिफोर्निया में एकत्र होती थी और फिर ट्रकों के जरिए पूर्वी अमेरिका या अमेरिका-कनाडा सीमा तक भेजी जाती थी।

अभियोजन पक्ष का यह भी आरोप है कि मादक पदार्थों की तस्करी, उगाही और अन्य आपराधिक गतिविधियों से होने वाली कमाई भारत में संगठन के शीर्ष नेतृत्व तक भेजी जाती थी। इसके अलावा, अदालती दस्तावेजों में आरोप है कि गिरोह ने नेवाडा में स्ट्रॉ परचेजर से हथियार खरीदे और उन्हें अमेरिका में बेचा या कनाडा में तस्करी की।

भर्ती और उगाही के तरीके

अभियोजकों के अनुसार, गिरोह ने पंजाब में नाबालिगों समेत कमजोर युवाओं को पैसे, ताकत और विदेश जाने के अवसरों का लालच देकर भर्ती किया। चार्जशीट में आरोप है कि कुछ लोगों को संगठन की ओर से हत्या करने के लिए मात्र ₹20,000 (लगभग 200 डॉलर) दिए गए। उगाही के लिए एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के जरिए धमकियाँ दी जाती थीं, और कुछ मामलों में पंजाब के कथित भ्रष्ट कानून-प्रवर्तन अधिकारियों के साथ मिलकर प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज करवाए जाते थे।

आगे की कार्रवाई

फेडरल वकीलों ने कौशल को ट्रायल से पहले हिरासत में रखने की मांग की है, यह तर्क देते हुए कि वह समुदाय के लिए खतरा है और भागने का जोखिम है। एफबीआई ने आपराधिक गिरोहों से जुड़े अन्य फरार आरोपियों का पता लगाने के लिए जनता से सहयोग की अपील की है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि चार्जशीट में लगाए गए सभी आरोपों की अदालत में अभी पुष्टि नहीं हुई है — कानून के तहत कौशल तब तक निर्दोष माना जाएगा, जब तक अदालत में उसका दोष संदेह से परे साबित न हो जाए।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो परंपरागत रूप से माफिया-शैली के संगठनों पर लागू होता है, यह दर्शाता है कि अभियोजक इस मामले को एकल अपराधों की बजाय एक संरचित आपराधिक उद्यम के रूप में साबित करना चाहते हैं। चिंताजनक यह है कि चार्जशीट में पंजाब के कथित भ्रष्ट कानून-प्रवर्तन अधिकारियों की संलिप्तता का आरोप है — यह भारत-अमेरिका कानून-प्रवर्तन सहयोग की वास्तविक परीक्षा होगी।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीतीश कौशल कौन है और उसे क्यों गिरफ्तार किया गया?
नीतीश कौशल उर्फ 'लाला' एक भारतीय नागरिक है जिसे एफबीआई ने 17 जुलाई को वर्मोंट से गिरफ्तार किया। उस पर RICO साजिश का आरोप है — अभियोजकों के अनुसार वह जग्गू भगवानपुरिया संगठित अपराध समूह का सदस्य था जो हत्या, ड्रग तस्करी और अपहरण जैसे अपराधों में लिप्त था।
जग्गू भगवानपुरिया गैंग क्या है?
फेडरल चार्जशीट के अनुसार, जग्गू भगवानपुरिया गैंग पंजाब में उत्पन्न एक सीमा-पार आपराधिक सिंडिकेट है जिसके कथित तौर पर दुनिया भर में 1,000 से अधिक सदस्य हैं। यह अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में सक्रिय बताया गया है। अभियोजकों के अनुसार इसके संस्थापक जग्गू भगवानपुरिया का कभी गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से संबंध था।
RICO साजिश का आरोप क्या होता है?
RICO (रैकेटियर इन्फ्लुएंस्ड एंड करप्ट ऑर्गनाइजेशन्स) अमेरिका का एक कठोर कानून है जो संगठित आपराधिक उद्यमों पर लागू होता है। इसके तहत किसी व्यक्ति को न केवल अपने अपराध के लिए बल्कि पूरे संगठन की आपराधिक गतिविधियों में भागीदारी के लिए भी दोषी ठहराया जा सकता है।
कौशल पर कैलिफोर्निया में क्या विशेष आरोप है?
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 10 जुलाई 2024 को कौशल और तीन अन्य सह-आरोपियों ने कैलिफोर्निया के मैन्टेका में एक व्यक्ति को बंधक बनाया और 50,000 डॉलर की फिरौती मांगी। बाद में पीड़ित को फ्रेज़्नो के एक अपार्टमेंट में स्थानांतरित किया गया।
क्या कौशल दोषी साबित हो चुका है?
नहीं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि चार्जशीट में लगाए गए सभी आरोप कथित हैं और अदालत में अभी उनकी पुष्टि नहीं हुई। अमेरिकी कानून के तहत कौशल तब तक निर्दोष माना जाएगा जब तक अदालत में संदेह से परे उसका दोष साबित न हो जाए।
राष्ट्र प्रेस
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