'मन की बात' के 136वें एपिसोड में PM मोदी ने विक्रम वन लॉन्च को बताया ऐतिहासिक, साइंस ओलंपियाड में भारत की शानदार जीत की सराहना
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 जुलाई को आकाशवाणी पर प्रसारित 'मन की बात' के 136वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित करते हुए विक्रम वन के सफल प्रक्षेपण को भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र का एक ऐतिहासिक पड़ाव बताया। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि ने हर भारतीय को गर्व से भर दिया है।
विक्रम वन: निजी क्षेत्र की ऐतिहासिक छलाँग
मोदी ने कहा कि विक्रम वन निजी क्षेत्र द्वारा विकसित भारत का पहला रॉकेट है। उन्होंने इसे युवा इनोवेटर्स की 'गजब की स्किल, पैशन और पेशेंस' का प्रमाण बताया। प्रधानमंत्री ने स्वीकार किया कि लंबे समय तक स्पेस सेक्टर निजी क्षेत्र के लिए बंद रहा, जिससे प्रतिभाशाली युवाओं को अपनी काबिलियत दिखाने का मौका नहीं मिल पाता था।
उन्होंने कहा कि सरकार ने युवाओं के हित को ध्यान में रखते हुए स्पेस सेक्टर को प्राइवेट सेक्टर के लिए खोला और आज उसके परिणाम पूरी दुनिया देख रही है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत का वाणिज्यिक अंतरिक्ष उद्योग वैश्विक निवेशकों का ध्यान आकर्षित कर रहा है।
साइंस ओलंपियाड में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
मोदी ने इस महीने हुए अंतरराष्ट्रीय विज्ञान ओलंपियाड में भारतीय छात्रों के प्रदर्शन को रेखांकित किया। भौतिक विज्ञान ओलंपियाड में भारत के सभी पाँच विद्यार्थियों ने स्वर्ण पदक जीते और देश ने पहली रैंक हासिल की। उन्होंने बताया कि पिछले एक दशक में हर फिजिक्स ओलंपियाड में भारतीय विद्यार्थियों ने गोल्ड या सिल्वर पदक जरूर जीता है।
रसायन विज्ञान ओलंपियाड में भी भारत के सभी प्रतिभागियों ने स्वर्ण पदक जीते, जिसे प्रधानमंत्री ने 'अब तक की सर्वश्रेष्ठ परफॉर्मेंस' बताया। जीव विज्ञान ओलंपियाड में सभी विद्यार्थियों ने पदक जीते, जिनमें एक स्वर्ण पदक भी शामिल है।
गणित ओलंपियाड में भारतीय दल ने दो स्वर्ण और चार रजत पदक अपने नाम किए। गौरतलब है कि इन चारों ओलंपियाड में एक साथ इतनी बड़ी सफलता भारत के लिए उल्लेखनीय है।
युवा शक्ति पर प्रधानमंत्री का भरोसा
मोदी ने कहा कि देश में ओलंपियाड और हैकथॉन की संस्कृति निरंतर बढ़ रही है और उन्हें विश्वास है कि अधिक से अधिक युवा इन प्रतिस्पर्धाओं में भाग लेकर भारत का परचम लहराएंगे। उन्होंने देश की युवा पीढ़ी पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय युवा विज्ञान के क्षेत्र में देश का मस्तक ऊँचा कर रहे हैं।
आगे क्या
विक्रम वन की सफलता के बाद भारत के निजी अंतरिक्ष उद्योग में नई गतिविधियों की उम्मीद बढ़ी है। साइंस ओलंपियाड में इस प्रदर्शन से भारत की वैज्ञानिक प्रतिभा को वैश्विक मंच पर और अधिक पहचान मिलने की संभावना है।