3 अक्टूबर 2026
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मराठी शास्त्रीय भाषा दिवस: CM फडणवीस, शिंदे, शरद पवार समेत तमाम नेताओं ने दी बधाई

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मराठी शास्त्रीय भाषा दिवस: CM फडणवीस, शिंदे, शरद पवार समेत तमाम नेताओं ने दी बधाई

सारांश

मराठी शास्त्रीय भाषा दिवस पर महाराष्ट्र के सत्ता और विपक्ष दोनों पक्षों के नेता एकजुट नज़र आए। CM फडणवीस से शरद पवार तक सभी ने एक्स पर संदेश साझा किए — यह वह दिन है जब 2024 में केंद्र ने मराठी को ऐतिहासिक शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिया था।

मुख्य बातें

3 अक्टूबर 2024 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मराठी को आधिकारिक रूप से 'शास्त्रीय भाषा' का दर्जा दिया था।
CM देवेंद्र फडणवीस , उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे व सुनेत्रा पवार ने एक्स पर शुभकामनाएं दीं।
राकांपा (शरदचंद्र पवार) प्रमुख शरद पवार और सांसद प्रिया सुले ने भी मराठी के सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित किया।
महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण और मंत्री छगन भुजबल ने भाषा संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।
शास्त्रीय दर्जे से विशेष शोध अनुदान, अनुवाद परियोजनाएं और शैक्षणिक पहल संभव होती हैं।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे व सुनेत्रा पवार, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार तथा अन्य वरिष्ठ नेताओं ने 3 अक्टूबर 2026 को मराठी शास्त्रीय भाषा दिवस के अवसर पर महाराष्ट्रवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। यह दिन इसलिए विशेष है क्योंकि ठीक एक वर्ष पूर्व 3 अक्टूबर 2024 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मराठी को आधिकारिक रूप से 'शास्त्रीय भाषा' का दर्जा दिया था — जो इस भाषा के इतिहास का एक ऐतिहासिक पड़ाव था।

मुख्यमंत्री फडणवीस का संदेश

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, 'मराठी शास्त्रीय भाषा दिवस का जश्न, महाराष्ट्र के गौरव और पहचान को सम्मान! 3 अक्टूबर 2024 को मराठी भाषा को आधिकारिक तौर पर 'शास्त्रीय भाषा' का दर्जा मिला। उन सभी गणमान्य व्यक्तियों का हार्दिक आभार, जिन्होंने हमारी प्रिय मराठी भाषा को यह सम्मान दिलाने में मदद की।' फडणवीस ने इसे महाराष्ट्र की सांस्कृतिक पहचान के लिए एक निर्णायक क्षण बताया।

उपमुख्यमंत्रियों की प्रतिक्रिया

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने एक्स पर लिखा, 'शास्त्रीय मराठी भाषा दिवस के अवसर पर सभी मराठी लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 3 अक्टूबर 2024 को मराठी भाषा को शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। मराठी शास्त्रीय भाषा दिवस पर उन सभी मराठी लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं जो गर्व के साथ मराठी की समृद्ध परंपरा की पालकी को अपने कंधों पर आगे बढ़ा रहे हैं।' उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने भी एक्स पर लिखा, 'मराठी हमारी मातृभाषा है। संतों के अभंगों से लेकर आज के आधुनिक साहित्य तक, मराठी ने हर दौर में खुद को समृद्ध किया है। यह सम्मान हर मराठी व्यक्ति के लिए गौरव का क्षण है।'

विपक्ष और अन्य नेताओं का स्वर

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार ने एक्स पर लिखा, 'मराठी भाषा, जिसने सदियों से साहित्य, संत परंपरा, लोक-संस्कृति और विचारों की दुनिया को समृद्ध किया है, उसे 3 अक्टूबर 2024 को आधिकारिक तौर पर शास्त्रीय भाषा का सम्मान मिला — यह इसकी लंबी साहित्यिक और सांस्कृतिक परंपरा के प्रति एक सम्मान है।' एनसीपी (शरदचंद्र पवार) की सांसद प्रिया सुले ने एक्स पर कहा, 'मराठी अपनी मिठास से सबका दिल जीत लेती है। आइए, हम सब मिलकर मराठी भाषा की ख्याति को दूर-दूर तक फैलाने का संकल्प लें।'

भाजपा और मंत्रियों की आवाज़

महाराष्ट्र भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने एक्स पर लिखा, 'यह हर मराठी व्यक्ति के लिए गर्व का दिन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मराठी को शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया था। आइए, हम सब मिलकर मराठी भाषा को संरक्षित और प्रोत्साहित करने का संकल्प लें।' खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण मंत्री छगन भुजबल ने एक्स पर कहा, 'मराठी भाषा हमारी पहचान, हमारा गौरव और हमारी समृद्ध संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। हज़ारों वर्षों की परंपरा वाली हमारी भाषा को अभिजात भाषा का दर्जा मिलना हर मराठी व्यक्ति के लिए गर्व की बात है।'

शास्त्रीय दर्जे का महत्व

गौरतलब है कि शास्त्रीय भाषा का दर्जा मिलने से राज्य और केंद्र से विशेष शोध अनुदान, अनुवाद परियोजनाएं और शैक्षणिक पहल संभव होती हैं। मराठी से पहले तमिल, संस्कृत, तेलुगू, कन्नड़, मलयालम और ओड़िया को यह दर्जा मिल चुका है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में क्षेत्रीय भाषाओं के संरक्षण की बहस तेज़ हो रही है। मराठी को मिला यह सम्मान महाराष्ट्र की सांस्कृतिक विरासत की एक नई शुरुआत का प्रतीक है, और आने वाले वर्षों में इसके शोध व प्रचार-प्रसार की दिशा तय करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

मराठी साहित्य, शोध और डिजिटल उपस्थिति को मज़बूत करने की ठोस नीति ही इस ऐतिहासिक निर्णय को सार्थक बना सकती है।
RashtraPress
3 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मराठी शास्त्रीय भाषा दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?
मराठी शास्त्रीय भाषा दिवस हर वर्ष 3 अक्टूबर को मनाया जाता है, क्योंकि इसी दिन 2024 में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मराठी को आधिकारिक 'शास्त्रीय भाषा' का दर्जा दिया था। यह दिन मराठी की सदियों पुरानी साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत के सम्मान का प्रतीक है।
मराठी को शास्त्रीय भाषा का दर्जा कब और किसने दिया?
3 अक्टूबर 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मराठी को 'शास्त्रीय भाषा' का दर्जा देने का निर्णय लिया था। मराठी, तमिल, संस्कृत, तेलुगू, कन्नड़, मलयालम और ओड़िया के बाद यह दर्जा पाने वाली भाषाओं में शामिल हुई।
शास्त्रीय भाषा का दर्जा मिलने से मराठी को क्या फायदा होगा?
शास्त्रीय भाषा का दर्जा मिलने से केंद्र सरकार की ओर से विशेष शोध अनुदान, अनुवाद परियोजनाएं और शैक्षणिक पहल के लिए संसाधन उपलब्ध होते हैं। इससे भाषा के प्राचीन साहित्य के संरक्षण और नई पीढ़ी तक उसकी पहुँच बढ़ाने में मदद मिलती है।
मराठी शास्त्रीय भाषा दिवस 2026 पर किन नेताओं ने बधाई दी?
3 अक्टूबर 2026 को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार, राकांपा (शरदचंद्र पवार) प्रमुख शरद पवार, सांसद प्रिया सुले, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण और मंत्री छगन भुजबल ने एक्स पर शुभकामना संदेश दिए।
मराठी भाषा की साहित्यिक परंपरा कितनी पुरानी है?
मराठी भाषा की साहित्यिक परंपरा हज़ारों वर्ष पुरानी मानी जाती है। संत ज्ञानेश्वर, संत तुकाराम और अन्य संतों के अभंगों से लेकर आधुनिक साहित्य तक, मराठी ने साहित्य, संत परंपरा और लोक-संस्कृति के ज़रिये भारतीय सभ्यता को समृद्ध किया है।
राष्ट्र प्रेस
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