3 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मराठी को डिजिटल युग की ज्ञान-भाषा बनाएंगे: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का बड़ा ऐलान

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मराठी को डिजिटल युग की ज्ञान-भाषा बनाएंगे: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का बड़ा ऐलान

सारांश

मुख्यमंत्री फडणवीस ने मराठी को केवल बोलचाल तक सीमित न रखकर एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग और स्पेस टेक्नोलॉजी की भाषा बनाने का संकल्प लिया। शास्त्रीय दर्जे के बाद अब 13 लाख शब्दों का शब्दकोश और लंदन में ग्लोबल मराठी सेंटर — यह महाराष्ट्र की भाषाई महत्वाकांक्षा का नया अध्याय है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 3 अक्टूबर को मुंबई में मराठी को एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग और बायोटेक्नोलॉजी की ज्ञान-भाषा बनाने का संकल्प व्यक्त किया।
मराठी विश्व में सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषाओं में 13वें स्थान पर है; ऐतिहासिक ज्ञानकोश में 11 लाख से 13 लाख शब्द संकलित थे।
राज्य के आधिकारिक शब्दकोश को मौजूदा 3 लाख से बढ़ाकर 13 लाख शब्दों तक विस्तारित करने का लक्ष्य।
डेक्कन यूनिवर्सिटी, पुणे में 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस', लंदन में 'ग्लोबल मराठी सेंटर' और 100 क्षेत्रीय बोली शब्दकोश तथा नौ मराठी कौशल विकास केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और भाषा मंत्री उदय सामंत ने मराठी के वैश्विक विस्तार के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार, 3 अक्टूबर को मुंबई में 'शास्त्रीय मराठी भाषा सप्ताह' और 'शास्त्रीय मराठी भाषा सम्मान दिवस' के उद्घाटन अवसर पर घोषणा की कि मराठी को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग और स्पेस टेक्नोलॉजी जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों की ज्ञान-भाषा के रूप में स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मराठी केवल संवाद का साधन नहीं, बल्कि एक समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत की संवाहक है।

शास्त्रीय भाषा की मान्यता — एक ऐतिहासिक क्षण

मुख्यमंत्री फडणवीस ने रेखांकित किया कि केंद्र सरकार द्वारा मराठी को शास्त्रीय भाषा का दर्जा मिलना समस्त मराठी भाषियों के लिए गर्व का अवसर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मिली इस मान्यता ने राष्ट्रीय स्तर पर महाराष्ट्र की भाषाई और सांस्कृतिक पहचान को नई ऊँचाई दी है।

गौरतलब है कि मराठी विश्व में सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषाओं में 13वें स्थान पर है। उन्होंने ऐतिहासिक सन्दर्भ देते हुए कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने स्वराज्य के स्वप्न के साथ-साथ मराठी भाषा को राज-काज में प्रमुखता दी थी — और आज का यह संकल्प उसी परंपरा की अगली कड़ी है।

शब्द-भंडार और विश्वकोशीय विरासत

फडणवीस ने मराठी के विशाल शब्द-भंडार का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि 20वीं सदी में तैयार मराठी विश्वकोश (ज्ञानकोश) और शब्दरत्नाकर में 11 लाख से 13 लाख के बीच शब्द संकलित थे।

तुलनात्मक परिप्रेक्ष्य देते हुए उन्होंने बताया कि ऑक्सफोर्ड इंग्लिश डिक्शनरी में लगभग 6 लाख शब्द हैं, जबकि मैंडरिन, स्पेनिश और फ्रेंच जैसी भाषाओं में लगभग 3 लाख से 3.5 लाख शब्द हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के आधिकारिक मराठी शब्दकोश में अभी लगभग 3 लाख शब्द हैं, और इसे 13 लाख शब्दों तक विस्तारित करने के लिए अगले संस्करणों पर काम होना चाहिए।

डिजिटल और एआई युग में मराठी की भूमिका

मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल तकनीक ने संचार के माध्यमों को तेज़ी से बदल दिया है और ऐसे में मराठी को पारंपरिक उपयोग तक सीमित रखना उचित नहीं होगा। उन्होंने 'मराठी एआई' की अवधारणा को आगे बढ़ाने पर ज़ोर दिया — जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में मराठी की प्रभावी उपस्थिति, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ज्ञान-संसाधन और ओटीटी व सोशल मीडिया पर उच्च-गुणवत्ता वाले मराठी कंटेंट का निर्माण शामिल है।

उन्होंने विश्वास जताया कि क्वांटम कंप्यूटिंग, स्पेस टेक्नोलॉजी और बायोटेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में मराठी में ज्ञान-सामग्री उपलब्ध कराने से युवा पीढ़ी अपनी मातृभाषा में आधुनिक विज्ञान को आत्मसात कर सकेगी।

उपमुख्यमंत्री और भाषा मंत्री की प्रतिक्रिया

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि मराठी केवल महाराष्ट्र की पहचान नहीं, बल्कि उसका आत्म-सम्मान है। उन्होंने कहा कि संत ज्ञानेश्वर से लेकर छत्रपति शिवाजी महाराज तक की समृद्ध विरासत से सजी यह भाषा अब वैश्विक स्तर पर अपनी छाप छोड़ चुकी है। युवाओं को भाषा से जोड़ने के लिए डिजिटल मीडिया, पॉडकास्ट, गेमिंग और कोडिंग में मराठी के उपयोग को बढ़ाने की ज़रूरत पर उन्होंने बल दिया।

मराठी भाषा मंत्री उदय सामंत ने बताया कि राज्य सरकार ने कई महत्वाकांक्षी पहल शुरू की हैं — जिनमें पुणे की डेक्कन यूनिवर्सिटी में मराठी के लिए एक 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस', लंदन में छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम पर एक 'ग्लोबल मराठी सेंटर', राज्य की विभिन्न क्षेत्रीय बोलियों के लिए 100 शब्दकोश और नौ 'मराठी कौशल विकास केंद्र' स्थापित करने का कार्य प्रगति पर है।

आगे की राह

यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब भारत में क्षेत्रीय भाषाओं को डिजिटल और शैक्षणिक क्षेत्र में स्थान दिलाने की माँग तेज़ हो रही है। मराठी को शास्त्रीय दर्जा और अब तकनीकी-भाषाई विस्तार की यह दोहरी रणनीति, महाराष्ट्र सरकार के लिए एक दीर्घकालिक सांस्कृतिक और शैक्षणिक दांव है — जिसका असर आने वाले वर्षों में शिक्षा, रोज़गार और सांस्कृतिक पहचान तीनों पर पड़ेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे एआई और क्वांटम कंप्यूटिंग की भाषा बनाने का संकल्प तभी सार्थक होगा जब ठोस वित्तीय आवंटन और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित हो। 'मराठी एआई' और 13 लाख शब्दों के शब्दकोश जैसी घोषणाएँ महत्वाकांक्षी हैं, किंतु भारत में क्षेत्रीय भाषाओं के डिजिटलीकरण की पिछली कोशिशें अक्सर संसाधन और इच्छाशक्ति की कमी से अधूरी रह गई हैं। लंदन में ग्लोबल मराठी सेंटर और पुणे में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस जैसे प्रस्ताव दिशा सही दिखाते हैं — पर मुख्यधारा की कवरेज यह नहीं पूछ रही कि इन केंद्रों के लिए बजट कितना है और जवाबदेही का ढाँचा क्या होगा।
RashtraPress
3 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मराठी को शास्त्रीय भाषा का दर्जा कब और किसने दिया?
केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मराठी को शास्त्रीय भाषा का आधिकारिक दर्जा प्रदान किया। मुख्यमंत्री फडणवीस ने इसे समस्त मराठी भाषियों के लिए गर्व का ऐतिहासिक क्षण बताया।
मुख्यमंत्री फडणवीस की मराठी डिजिटल भाषा योजना में क्या शामिल है?
योजना में 'मराठी एआई' के ज़रिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में मराठी की उपस्थिति बढ़ाना, ओटीटी और सोशल मीडिया पर उच्च-गुणवत्ता वाला मराठी कंटेंट तैयार करना, और क्वांटम कंप्यूटिंग, स्पेस टेक्नोलॉजी व बायोटेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में मराठी में ज्ञान-सामग्री उपलब्ध कराना शामिल है।
मराठी शब्दकोश को 13 लाख शब्दों तक क्यों बढ़ाया जाएगा?
राज्य सरकार के मौजूदा आधिकारिक मराठी शब्दकोश में लगभग 3 लाख शब्द हैं, जबकि 20वीं सदी के ज्ञानकोश में 11 लाख से 13 लाख शब्द थे। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि इस विशाल भाषाई विरासत को आधुनिक ज्ञान-निर्माण में प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करने के लिए शब्द-भंडार का विस्तार ज़रूरी है।
लंदन में प्रस्तावित 'ग्लोबल मराठी सेंटर' क्या है?
भाषा मंत्री उदय सामंत के अनुसार, लंदन में छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम पर एक 'ग्लोबल मराठी सेंटर' स्थापित किया जाएगा। यह केंद्र मराठी भाषा और संस्कृति के वैश्विक प्रसार को गति देने के उद्देश्य से बनाया जाएगा।
महाराष्ट्र सरकार मराठी के संरक्षण के लिए और क्या कदम उठा रही है?
सरकार डेक्कन यूनिवर्सिटी, पुणे में एक 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस', राज्य की विभिन्न क्षेत्रीय बोलियों के लिए 100 शब्दकोश और नौ 'मराठी कौशल विकास केंद्र' स्थापित कर रही है। इसके अलावा युवाओं को जोड़ने के लिए गेमिंग, पॉडकास्ट और कोडिंग में भी मराठी के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 13 घंटे पहले
  2. कल
  3. 3 दिन पहले
  4. 2 सप्ताह पहले
  5. 2 सप्ताह पहले
  6. 2 सप्ताह पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले