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क्या एसआईआर के तहत मतदाताओं को गणना प्रपत्र का वितरण 99 प्रतिशत पूरा हुआ?

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क्या एसआईआर के तहत मतदाताओं को गणना प्रपत्र का वितरण 99 प्रतिशत पूरा हुआ?

सारांश

देश के 12 राज्यों में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाता गणना प्रपत्र का वितरण 99.02 प्रतिशत पूरा हो चुका है। जानिए इस प्रक्रिया के बारे में और क्या हैं राज्यवार आंकड़े। यह जानकारी भारतीय चुनाव आयोग द्वारा दी गई है।

मुख्य बातें

गणना प्रपत्र का वितरण 99.02% पूरा हुआ।
गोवा और लक्षद्वीप ने 100% वितरण किया।
उत्तर प्रदेश में 99.60% वितरण हुआ।
ऑनलाइन प्रक्रिया में डिजिटाइजेशन दर 39.29% है।
राजनीतिक दलों को अधिक बूथ एजेंट नियुक्त करने के लिए प्रेरित किया गया है।

नई दिल्ली, 23 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। देश के 12 राज्यों में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के अंतर्गत 99.02 प्रतिशत मतदाताओं को विशिष्ट गणना प्रपत्र का वितरण सफलतापूर्वक कर दिया गया है। यह जानकारी रविवार को भारतीय चुनाव आयोग द्वारा आधिकारिक रूप से साझा की गई।

चुनाव आयोग ने रविवार को दोपहर 3 बजे नए आंकड़े जारी किए। डेली बुलेटिन के अनुसार, देशभर में 99.02 प्रतिशत लोगों तक गणना प्रपत्र पहुंच चुका है। चुनाव आयोग ने कहा कि यह बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) की सशक्त फील्ड मोबिलाइजेशन और बूथ लेवल एजेंट्स (बीएलए) की सक्रियता को दर्शाता है।

चुनाव आयोग के अनुसार, गोवा और लक्षद्वीप में गणना प्रपत्र का 100 प्रतिशत वितरण दर्ज किया गया है। इसके बाद अंडमान और निकोबार में 99.98 प्रतिशत, मध्य प्रदेश में 99.82 प्रतिशत, पश्चिम बंगाल में 99.75 प्रतिशत और गुजरात में 99.67 प्रतिशत है।

इसके अलावा, मतदाता संख्या के मामले में सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में 99.60 प्रतिशत गणना प्रपत्र का वितरण पूर्ण हुआ है, जहां कुल मतदाता 15.44 करोड़ से अधिक हैं। पुडुचेरी में 95.34 प्रतिशत, तमिलनाडु में 95.96 प्रतिशत और केरल में 97.23 प्रतिशत गणना प्रपत्र का वितरण संपन्न हुआ है।

12 राज्यों में 4 नवंबर से चल रही एसआईआर प्रक्रिया के तहत कुल 50.97 करोड़ से अधिक मतदाताओं में से 50.47 करोड़ से अधिक गणना प्रपत्र बांटे जा चुके हैं।

हालांकि, एसआईआर की ऑनलाइन प्रक्रिया अभी भी वितरण के मुकाबले पीछे है। अब तक 20.02 करोड़ फॉर्म अपलोड किए गए हैं, जिसका मतलब है कि कुल डिजिटाइजेशन दर 39.29 प्रतिशत है।

ऑनलाइन प्रक्रिया में, लक्षद्वीप 88.20 प्रतिशत के साथ सबसे आगे है। इसके बाद गोवा 69.38 प्रतिशत और राजस्थान 65.52 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर हैं।

केरल में डिजिटाइजेशन प्रगति 15.92 प्रतिशत रही है, जबकि उत्तर प्रदेश में 19.02 प्रतिशत डिजिटाइजेशन हुआ है।

चुनाव आयोग ने कहा है कि राजनीतिक दलों से वेरिफिकेशन और डिजिटाइजेशन में तेजी लाने के लिए अधिक बूथ लेवल एजेंट नियुक्त करने का आग्रह किया गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और सक्रियता आवश्यक है। मतदाता गणना प्रपत्र का वितरण सफलता का एक महत्वपूर्ण संकेत है, जिससे लोकतंत्र की मजबूती और चुनावी प्रक्रिया में विश्वास बढ़ता है।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मतदाता गणना प्रपत्र का वितरण कब शुरू हुआ?
यह वितरण 4 नवंबर से शुरू हुआ था।
कितने राज्यों में एसआईआर प्रक्रिया चल रही है?
यह प्रक्रिया देश के 12 राज्यों में चल रही है।
कौन से राज्य में गणना प्रपत्र का वितरण 100% हुआ?
गणना प्रपत्र का 100% वितरण गोवा और लक्षद्वीप में हुआ है।
डिजिटाइजेशन दर क्या है?
डिजिटाइजेशन दर 39.29 प्रतिशत है।
उत्तर प्रदेश में गणना प्रपत्र का वितरण कितना है?
उत्तर प्रदेश में गणना प्रपत्र का वितरण 99.60 प्रतिशत हुआ है।
राष्ट्र प्रेस
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