क्या मेघालय में स्कूलों में ‘कम्युनिटी-इंटीग्रेटेड स्किल लर्निंग’ लागू करने का निर्णय लिया गया?
सारांश
Key Takeaways
- सीआईएसएल का उद्देश्य व्यावहारिक शिक्षा को बढ़ावा देना है।
- छात्रों को विभिन्न कौशल चुनने का विकल्प मिलेगा।
- यह पहल पारिवारिक और सामुदायिक संबंधों को मजबूत करेगी।
गुवाहाटी, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने शनिवार को घोषणा की कि राज्य मंत्रिमंडल ने कक्षा 6 से 10 तक के विद्यार्थियों के लिए कम्युनिटी-इंटीग्रेटेड स्किल लर्निंग (सीआईएसएल) को एक संरचित पाठ्यक्रम घटक के रूप में लागू करने की अनुमति दे दी है। यह स्कूल शिक्षा में एक महत्वपूर्ण सुधार है, जिसका उद्देश्य शिक्षा को और अधिक व्यावहारिक, अनुभव आधारित और समाज से जोड़ना है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में कक्षा 6 से 10 तक स्वास्थ्य एवं शारीरिक शिक्षा को छठे विषय के रूप में पढ़ाया जाता है, लेकिन इसका दायरा अधिकतर पाठ्यपुस्तकों और स्वास्थ्य व शारीरिक गतिविधियों से जुड़े सैद्धांतिक ज्ञान तक ही सीमित है।
इस विषय को अधिक अर्थपूर्ण, व्यावहारिक और छात्रों के जीवन से जुड़ा बनाने के लिए मंत्रिमंडल ने मौजूदा ढांचे में सीआईएसएल को शामिल करने का निर्णय लिया है।
नई व्यवस्था के तहत छात्रों को अपनी व्यक्तिगत रुचि और पारिवारिक या सामुदायिक पृष्ठभूमि के आधार पर एक या अधिक व्यावहारिक कौशल चुनने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। ये कौशल पारंपरिक व्यवसायों, स्थानीय प्रथाओं और समुदाय आधारित विशेषज्ञता से जुड़े हो सकते हैं, जिससे छात्र अपने आसपास के सामाजिक परिवेश से सीधे सीख सकेंगे।
इस अवधारणा को समझाते हुए मुख्यमंत्री संगमा ने कहा कि यदि किसी छात्र का परिवार खेती से जुड़ा है, तो वह अपने माता-पिता से सीधे कृषि कौशल सीख सकता है। इसी तरह परिवार के अन्य सदस्यों या स्थानीय समुदाय में उपलब्ध कौशलों को भी चुना जा सकता है।
छात्रों को केवल अवलोकन तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें सक्रिय रूप से सीखना, भाग लेना और चुने गए कौशल का प्रदर्शन करना होगा, जो मूल्यांकन प्रक्रिया का भी हिस्सा होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल के कई दीर्घकालिक लाभ होंगे। कौशल विकास के दृष्टिकोण से सीआईएसएल छात्रों को ऐसे व्यावहारिक और उत्पादक कौशल सिखाएगा, जो भविष्य में उनके व्यक्तिगत या पेशेवर जीवन में उपयोगी हो सकते हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों पर अपने माता-पिता के पेशे को अपनाने का कोई दबाव नहीं होगा, लेकिन यह व्यवस्था पारंपरिक पारिवारिक और सामुदायिक आजीविकाओं के संरक्षण, सम्मान और महत्व को बढ़ावा देगी।
कार्यक्रम के सामाजिक पहलू पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि चूंकि सीआईएसएल अकादमिक मूल्यांकन का एक अहम हिस्सा होगा, इससे छात्रों और उनके परिवारों के बीच अधिक संवाद और सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। इससे पारिवारिक संबंध मजबूत होंगे और सीखने की प्रक्रिया में साझा जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी।
मुख्यमंत्री संगमा ने सीआईएसएल को शिक्षा विभाग की एक अभिनव पहल बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य कक्षा में पढ़ाई और वास्तविक जीवन कौशलों के बीच की खाई को पाटना, शिक्षा में समुदाय की भागीदारी बढ़ाना और शिक्षा को जीवन के अनुभवों से जोड़कर सकारात्मक सामाजिक प्रभाव पैदा करना है।