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मीरा रोड: संजय गांधी उद्यान में अवैध शिकार के दौरान गोली लगी, 60 वर्षीय विजय सापटे की मौत; 2 गिरफ्तार

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मीरा रोड: संजय गांधी उद्यान में अवैध शिकार के दौरान गोली लगी, 60 वर्षीय विजय सापटे की मौत; 2 गिरफ्तार

सारांश

मीरा रोड के चेनागांव जंगल में शिकार पर निकले सात लोगों के समूह से छूटे छर्रों ने 60 वर्षीय विजय सापटे की जान ले ली। मौत के बाद कथित तौर पर शव को बिना पुलिस को सूचित किए जला दिया गया। अब 2 गिरफ्तार, 7 नामजद — और संरक्षित वन में अवैध शिकार पर बड़े सवाल।

मुख्य बातें

20 अक्टूबर 2026 की रात संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के चेनागांव जंगल में अवैध शिकार के दौरान गोली लगने से विजय सापटे (60) की मौत हो गई।
आरोपी महेश अनंत गायकर (52) ने मोबाइल की रोशनी को जानवर की आँखें समझकर छर्रे वाली बंदूक चला दी।
मौत के बाद कथित तौर पर व्हाट्सऐप वीडियो कॉल से मृत्यु प्रमाण दिलवाकर शव चेनागांव के श्मशान में जला दिया गया।
काशीगांव पुलिस ने महेश गायकर और काठोड बिस्तूर लाबड को गिरफ्तार किया; कुल 7 व्यक्ति नामजद ।
राजेश पांडुरंग पालांडे (56) पर वीडियो कॉल से मृत्यु प्रमाण देने का आरोप, वे भी नामजद आरोपियों में शामिल।
पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक की निगरानी में जाँच जारी, शेष आरोपियों के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही प्रक्रिया में।

मीरा रोड के संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के चेनागांव जंगल में 20 अक्टूबर 2026 की रात जंगली जानवरों के कथित अवैध शिकार के दौरान चली गोली के छर्रे लगने से 60 वर्षीय विजय सापटे की मौत हो गई। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। इसके बाद कथित तौर पर उनके शव को चेनागांव के श्मशान में जला दिया गया, जिसने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया।

घटना का घटनाक्रम

पुलिस जांच के अनुसार, उस रात सात लोगों का एक समूह संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के डेबुचा घाट स्थित चेनागांव जंगल में जंगली जानवरों का शिकार करने पहुँचा था। समूह में शामिल महेश अनंत गायकर (52), निवासी चेनागांव, के पास छर्रों वाली डबल बैरल बंदूक थी, जबकि दो अन्य सदस्यों के पास भरमार बंदूकें बताई जाती हैं।

रात करीब 9 बजे आरोप है कि महेश गायकर ने सामने एक व्यक्ति के मोबाइल फोन की रोशनी को जंगली जानवर की आँखें समझ लिया और उस दिशा में बंदूक से गोली चला दी। छर्रे विजय सापटे की छाती में जा लगे। घटना में दो अन्य व्यक्ति भी गंभीर रूप से घायल हुए।

शव जलाए जाने का आरोप

घायल विजय सापटे को जंगल से नीचे बेलकड़ी पाड़ा, चेनागांव लाया गया। अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में उनकी मौत हो गई। इसके बाद आरोप है कि आशिष हॉस्पिटल के चिकित्सक डॉ. राजेश पांडुरंग पालांडे (56) ने व्हाट्सऐप वीडियो कॉल के माध्यम से शव की जाँच की और मृत्यु संबंधी दस्तावेज जारी किए। इसके बाद मृतक के बेटे रोहित सापटे (21) सहित अन्य पर शव को चेनागांव के श्मशान में जला देने का आरोप है।

गौरतलब है कि किसी भी संदिग्ध या अस्वाभाविक मौत के मामले में पुलिस को सूचना दिए बिना शव का अंतिम संस्कार कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है। यह पहलू इस मामले की गंभीरता को और बढ़ा देता है।

पुलिस की जाँच और गिरफ्तारी

20 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब 10 बजे सहायक पुलिस निरीक्षक सुहास कांबले को मुखबिर के जरिए इस घटना की सूचना मिली। इसके बाद काशीगांव पुलिस ने गुप्त सूचना, तकनीकी विश्लेषण और गहन पूछताछ के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियाँ जोड़ीं।

पुलिस ने इस मामले में महेश अनंत गायकर (52) और काठोड बिस्तूर लाबड (55) को गिरफ्तार किया है। कुल सात नामजद आरोपियों में शामिल हैं — रोहित विजय सापटे (21), कल्पेश बंडू डगला (25), कुणाल प्रभाकर शेलार (31), प्रवीण बालू जाधव (55) और डॉ. राजेश पांडुरंग पालांडे (56)। शेष आरोपियों के संबंध में कानूनी कार्यवाही और जाँच जारी है।

वरिष्ठ अधिकारियों का मार्गदर्शन

यह पूरी कार्रवाई पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक, अपर पुलिस आयुक्त संजय शिंत्रे, पुलिस उपायुक्त परिमंडल-1 राहुल चव्हाण और सहायक पुलिस आयुक्त, मीरा रोड के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। काशीगांव पुलिस स्टेशन में कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

व्यापक संदर्भ

यह घटना ऐसे समय में आई है जब संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के इर्द-गिर्द अवैध शिकार और वन-अतिक्रमण की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। वन विभाग और पुलिस के लिए यह मामला केवल एक हत्या की जाँच नहीं, बल्कि संरक्षित वन क्षेत्र में होने वाली अवैध गतिविधियों पर कड़ी नज़र रखने की ज़रूरत को भी रेखांकित करता है। काशीगांव पुलिस फिलहाल गोलीबारी, मौत और शव के अंतिम संस्कार के पूरे घटनाक्रम की गहन जाँच कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

मौत को छुपाने की कथित सुनियोजित कोशिश और एक चिकित्सक की संदिग्ध भूमिका की परतें उजागर करता है। व्हाट्सऐप वीडियो कॉल से मृत्यु प्रमाण और पुलिस को बताए बिना शव जलाना बताता है कि समूह ने घटना को दबाने की पूरी कोशिश की। सवाल यह भी है कि संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान जैसे घनी निगरानी वाले क्षेत्र में सात लोग हथियारों के साथ शिकार पर कैसे पहुँचे — और यह पहली बार था या किसी नियमित गतिविधि का हिस्सा।
RashtraPress
21 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मीरा रोड में चेनागांव जंगल में क्या हुआ?
20 अक्टूबर 2026 की रात संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के चेनागांव जंगल में अवैध शिकार पर गए सात लोगों के समूह में से एक ने मोबाइल की रोशनी को जानवर की आँखें समझकर बंदूक चला दी, जिससे 60 वर्षीय विजय सापटे की मौत हो गई। दो अन्य व्यक्ति भी गंभीर रूप से घायल हुए।
विजय सापटे की मौत के बाद शव का क्या हुआ?
पुलिस के अनुसार, मौत के बाद आशिष हॉस्पिटल के डॉ. राजेश पांडुरंग पालांडे ने व्हाट्सऐप वीडियो कॉल के जरिए मृत्यु प्रमाण दिया। इसके बाद मृतक के बेटे रोहित सापटे सहित अन्य पर पुलिस को सूचित किए बिना चेनागांव के श्मशान में शव जला देने का आरोप है।
इस मामले में अब तक कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
काशीगांव पुलिस ने अब तक दो लोगों — महेश अनंत गायकर (52) और काठोड बिस्तूर लाबड (55) — को गिरफ्तार किया है। कुल सात व्यक्ति नामजद हैं और शेष के विरुद्ध जाँच तथा कानूनी कार्यवाही जारी है।
इस मामले में डॉक्टर की क्या भूमिका बताई गई है?
डॉ. राजेश पांडुरंग पालांडे (56) पर आरोप है कि उन्होंने व्हाट्सऐप वीडियो कॉल के माध्यम से शव की जाँच कर मृत्यु संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराए, जिससे शव के जल्द अंतिम संस्कार का रास्ता खुला। वे सात नामजद आरोपियों में शामिल हैं।
क्या संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान में शिकार कानूनी है?
नहीं। संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान एक संरक्षित वन क्षेत्र है जहाँ शिकार पूर्णतः प्रतिबंधित है। यहाँ हथियारों के साथ प्रवेश और शिकार वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत गंभीर अपराध है। काशीगांव पुलिस स्टेशन में कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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