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आधुनिक प्रबंधन के गुर सीखते होमस्टे मालिक, एमकेआईटीएम में आयोजित हुआ विशेष प्रशिक्षण

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आधुनिक प्रबंधन के गुर सीखते होमस्टे मालिक, एमकेआईटीएम में आयोजित हुआ विशेष प्रशिक्षण

सारांश

लखनऊ में एमकेआईटीएम ने होम-स्टे मालिकों के लिए एक पांच दिवसीय उद्यमिता विकास कार्यक्रम आयोजित किया। इस प्रशिक्षण में 31 प्रतिभागियों को आधुनिक पर्यटन कौशल और आतिथ्य सेवाओं की जानकारी दी गई, जो उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगा।

मुख्य बातें

पांच दिवसीय उद्यमिता विकास कार्यक्रम आतिथ्य से आत्मनिर्भरता का संकल्प अधुनिक पर्यटन कौशल का प्रशिक्षण सामाजिक मीडिया और डिजिटल भुगतान की जानकारी स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त करना

लखनऊ, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश में पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पर्यटन विभाग के तहत संचालित मान्यवर कांशीराम इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म मैनेजमेंट (एमकेआईटीएम) में प्रदेश भर से आए होम-स्टे मालिकों के लिए पांच दिवसीय उद्यमिता विकास कार्यक्रम आयोजित किया गया। 16 से 20 मार्च तक चलने वाले इस प्रशिक्षण में 31 प्रतिभागियों को होम-स्टे के कुशल संचालन, आधुनिक पर्यटन कौशल और बेहतर आतिथ्य सेवाओं की बारीकियों की जानकारी प्रदान की जा रही है।

यह पहल 'आतिथ्य से आत्मनिर्भरता' के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने के लिए प्रदेश सरकार निरंतर नवाचार और कौशल विकास पर जोर दे रही है। होम-स्टे मालिकों के लिए आयोजित यह उद्यमिता विकास कार्यक्रम न केवल उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में सहायक है, बल्कि यह ग्रामीण पर्यटन को भी सशक्त करेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगा।

उन्होंने बताया कि देशी-विदेशी पर्यटकों की बढ़ती संख्या के बीच उत्तर प्रदेश में होम-स्टे मॉडल तेजी से विकसित हो रहा है। इससे न केवल ठहरने के लिए कमरों की संख्या बढ़ रही है, बल्कि रोजगार के अवसर भी उत्पन्न हो रहे हैं। एमकेआईटीएम में होम-स्टे मालिकों के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में प्रतिभागियों को होम-स्टे की अवधारणा, उसकी आवश्यकता और उपलब्धता के बारे में विस्तार से बताया गया। प्रशिक्षण के दौरान कम लागत में प्रभावी होम-स्टे सिस्टम विकसित करने के तरीके भी सिखाए गए। साथ ही, विभिन्न टैरिफ प्लान, बजट और लागत नियंत्रण तकनीकों पर जानकारी दी गई।

इसके अलावा, प्रतिभागियों को समस्या समाधान, सेवाओं में सुधार, होम-स्टे के रखरखाव और इंटीरियर्स सजाने के आवश्यक पहलुओं से भी अवगत कराया गया। ग्रामीण पर्यटन को आगे बढ़ाने के लिए होम-स्टे संचालकों को पारंपरिक ढर्रे से निकालकर आधुनिक और पेशेवर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इसी संदर्भ में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को सोशल मीडिया और डिजिटल भुगतान के तरीकों की जानकारी भी दी गई। साथ ही, अतिथियों के पंजीकरण और पर्यटकों को आवश्यक जानकारी देने के तरीकों पर भी चर्चा हुई।

प्रशिक्षण के दौरान होम-स्टे की साफ-सफाई और रखरखाव पर विशेष ध्यान देने के साथ-साथ जिम्मेदार पर्यटन के महत्व को समझाया गया, ताकि पर्यटकों को बेहतर और यादगार अनुभव मिल सके। होम-स्टे संचालकों को पेशेवर बनाने के दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को ऊर्जा संरक्षण, वैकल्पिक ऊर्जा के उपयोग, बेहतर आतिथ्य प्रबंधन और ग्राहक सेवा की बारीकियां सिखाई गईं।

इस अवसर पर व्यक्तित्व विकास, खाद्य व्यंजनों के मानकीकरण और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने पर भी विशेष ध्यान दिया गया। चौथे दिन प्रतिभागियों को पाठ्य सामग्री और प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए। कार्यक्रम के तहत चार दिन (16-19 मार्च) थ्योरी सत्र आयोजित किए गए और पांचवे दिन फार्म विजिट के माध्यम से प्रैक्टिकल जानकारी दी जाएगी। लखनऊ, वाराणसी, लखीमपुर खीरी, बरेली, सिद्धार्थनगर, अम्बेडकर नगर, शाहजहांपुर, कासगंज और उन्नाव से आए प्रतिभागियों ने इस पहल को ग्रामीण पर्यटन में एक गेम चेंजर बताया।

शाहजहांपुर के यादव होम स्टे के संचालक देवेंद्र सिंह, कासगंज के गुप्ता होम स्टे के आकाश सिंह और उन्नाव के बक्सर स्थित राहुल होम स्टे के राहुल कुमार समेत अन्य प्रतिभागियों ने कहा कि इस प्रशिक्षण से उन्हें अपने व्यवसाय को बेहतर तरीके से संचालित करने और पर्यटकों को बेहतरीन अनुभव प्रदान करने में सहायता मिलेगी। होम स्टे मालिकों ने उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग और एमकेआईटीएम के कुशल प्रशिक्षकों का आभार व्यक्त किया।

प्रदेश सरकार का मानना है कि भविष्य में होम-स्टे राज्य के पर्यटन की मजबूत नींव बनेंगे। सरकार का विजन स्पष्ट है कि पर्यटकों को सुरक्षित, आरामदायक सुविधाएं, बेहतर खान-पान और घर जैसा अपनापन प्राप्त हो, ताकि हर सैलानी खास अनुभव लेकर लौटे। यही कारण है कि प्रदेश भर में होम-स्टे अब महंगे होटलों का किफायती विकल्प बनते जा रहे हैं। ऐसे में संचालकों की जिम्मेदारी बढ़ गई है कि वे ‘आतिथ्य से आत्मनिर्भरता’ के संकल्प को वास्तविकता में बदलें।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पर्यटकों को बेहतर सेवाएं भी मिलेंगी। इस प्रकार की पहल निस्संदेह प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र में एक नई दिशा प्रदान करेगी।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम कब आयोजित हुआ?
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 16 से 20 मार्च तक आयोजित किया गया।
इस कार्यक्रम में कितने प्रतिभागियों ने भाग लिया?
इस कार्यक्रम में कुल 31 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
इस प्रशिक्षण का उद्देश्य क्या था?
इस प्रशिक्षण का उद्देश्य होम-स्टे मालिकों को आधुनिक प्रबंधन और आतिथ्य सेवाओं की जानकारी प्रदान करना था।
कौन से विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया?
प्रशिक्षण में होम-स्टे संचालन, लागत नियंत्रण, सोशल मीडिया का उपयोग, और जिम्मेदार पर्यटन जैसे विषय शामिल थे।
प्रशिक्षण के बाद प्रतिभागियों को क्या मिला?
प्रशिक्षण के अंत में प्रतिभागियों को पाठ्य सामग्री और प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
राष्ट्र प्रेस
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