मोदी का 76वाँ जन्मदिन: 17 सितंबर कैसे बना 'सेवा दिवस' का प्रतीक, सालों की झलकी
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 76वाँ जन्मदिन — 17 सितंबर 2026 — एक बार फिर सेवा कार्यों के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर 'मोदी स्टोरी' पेज ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक थ्रोबैक वीडियो साझा कर बताया कि किस तरह पिछले एक दशक में 17 सितंबर का दिन व्यक्तिगत उत्सव से परे सेवा और योजनाओं के शुभारंभ का प्रतीक बन गया है। 'मोदी स्टोरी' ने लिखा कि प्रधानमंत्री के लिए यह दिन खुद के लिए नहीं, बल्कि दूसरों के लिए मायने रखने वाला दिन बन गया है।
मोदी स्टोरी का संदेश
'मोदी स्टोरी' ने एक्स पर पोस्ट में लिखा, "हममें से ज़्यादातर लोगों के लिए जन्मदिन वो दिन होता है जो हम अपने लिए मनाते हैं। नरेंद्र मोदी के लिए 17 सितंबर का मतलब कुछ अलग बन गया है।" पोस्ट में कहा गया कि इस दिन किसी परिवार को नए घर की चाबी मिलती है, महिलाओं के लिए नई पहल शुरू होती है और किसी लंबे समय से प्रतीक्षित इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट का पहला कदम उठाया जाता है।
पोस्ट में आगे कहा गया, "साल दर साल यह दिन सेवा का प्रतीक बनता गया है। शायद जीवन के एक और साल का जश्न मनाने का इससे बेहतर तरीका कोई नहीं कि उस दिन को किसी और के लिए मायने रखने लायक बनाया जाए।"
साल दर साल सेवा की झलकी
2026 में प्रधानमंत्री मोदी ने अपने जन्मदिन पर सेमीकॉन इंडिया के पाँचवें संस्करण का उद्घाटन किया और पश्चिम बंगाल की महिलाओं के लिए अन्नपूर्णा योजना की नई किस्त जारी की।
2025 में हेल्दी वुमन, स्ट्रॉन्ग फैमिली अभियान लॉन्च किया गया था। आदिवासी समुदायों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए आदि सेवा पर्व शुरू किया गया। एक करोड़वाँ सिकल सेल स्क्रीनिंग और काउंसलिंग कार्ड वितरित किया गया। मध्य प्रदेश में पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क की आधारशिला रखी गई।
2024 में ओडिशा की महिलाओं के लिए सुभद्रा योजना लॉन्च की गई थी। 26 लाख PMAY लाभार्थियों ने गृह प्रवेश में हिस्सा लिया और आवास प्लस 2024 ऐप लॉन्च किया गया।
2023 में कारीगरों और शिल्पकारों के लिए पीएम विश्वकर्मा योजना शुरू हुई और द्वारका, दिल्ली में यशोभूमि इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर के फेज 1 का उद्घाटन किया गया।
2022 में नामीबिया से लाए गए चीतों के पहले जत्थे को जंगल में छोड़ा गया। इसके बाद मध्य प्रदेश के कराहल में महिला स्वयं सहायता समूह सम्मेलन में प्रधानमंत्री शामिल हुए।
2021 में वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए प्रधानमंत्री ने SCO समिट को संबोधित किया और उसी दिन भारत ने कोरोना के 2 करोड़ से अधिक वैक्सीन डोज़ पूरे करने का मील का पत्थर हासिल किया।
2020 में प्रधानमंत्री ने जन्मदिन पर कोविड राहत कार्यों का समन्वय किया। 2019 में सरदार सरोवर बाँध का 138.68 मीटर के पूर्ण स्तर तक पहुँचने पर निरीक्षण और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के आसपास पर्यटन परियोजनाओं का दौरा किया।
पुरानी यादें: 2015 से 2018 तक
2018 में प्रधानमंत्री ने वाराणसी के नरूर गाँव में स्कूली बच्चों के साथ दिन बिताया, काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा की और अगले दिन वाराणसी में करीब ₹557 करोड़ की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया।
2017 में सरदार सरोवर बाँध राष्ट्र को समर्पित किया गया। राष्ट्रीय आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय की आधारशिला रखी गई और कृषि सहकारी समितियों के कार्यक्रमों में भाग लिया।
2016 में गुजरात के दाहोद के आदिवासी क्षेत्र में सिंचाई परियोजनाओं का उद्घाटन हुआ और सामाजिक अधिकारिता शिविर में हजारों दिव्यांगों को सहायता सामग्री बाँटी गई। 2015 में 1965 के भारत पाक युद्ध के 50 वर्ष पूरे होने पर शौर्यांजलि प्रदर्शनी का दौरा किया।
आगे क्या
गौरतलब है कि 17 सितंबर का यह 'सेवा दिवस' के रूप में स्थापित होता स्वरूप अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) की राजनीतिक संस्कृति का हिस्सा बन चुका है, जिसमें देशभर में सेवा शिविर और जन कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। 2026 में सेमीकॉन इंडिया का शुभारंभ और अन्नपूर्णा योजना की किस्त इसी कड़ी की अगली कड़ी है।