PM मोदी के 76वें जन्मदिन पर भाजपा का 'सेवा संकल्प अभियान', देशभर में उत्सव और सेवा कार्य
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन पर 17 सितंबर 2026 को देशभर में उत्सव और सेवा कार्यक्रमों का माहौल रहा। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस अवसर को 'सेवा दिवस' के रूप में मनाते हुए 'सेवा संकल्प अभियान' का शुभारंभ किया, जो 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलेगा। पार्टी नेताओं, मंत्रियों और कार्यकर्ताओं ने देश के अलग-अलग राज्यों से प्रधानमंत्री को शुभकामनाएँ देते हुए उनके दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना की।
सेवा संकल्प अभियान: उद्देश्य और अवधि
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने बताया कि यह अभियान प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आरंभ किया गया है। उन्होंने कहा, 'इसमें पार्टी द्वारा तैयार किए गए सेवा कार्यक्रम, रचनात्मक कार्यक्रम और जनसंपर्क कार्यक्रम शामिल हैं।' राजस्थान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने भी बधाई देते हुए कहा कि रात को 'आशीर्वाद का दीया' जलाने का भी कार्यक्रम है।
नेताओं की प्रतिक्रियाएँ
बिहार सरकार के मंत्री मिथिलेश तिवारी ने मोदी को '140 करोड़ भारतीयों के लोकतंत्र का सजग प्रहरी' और 'गरीबों का मसीहा' बताया। उन्होंने कहा, 'पीएम मोदी ने भारत को वैश्विक पहचान दिलाई है। यह दिन भारत के साहस और उसके मूल्यों का प्रतीक है।' भाजपा विधायक अश्वनी कुमार शर्मा ने मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कोविड-19 संकट से लेकर 'ऑपरेशन सिंदूर' तक के निर्णयों की सराहना की।
जम्मू-कश्मीर के भाजपा विधायक विक्रम रंधावा ने कहा कि प्रधानमंत्री हमेशा आतंकवाद के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' के लिए प्रतिबद्ध रहे हैं।
सेवा कार्यों की झलकियाँ
बिहार सरकार की मंत्री श्रेयसी सिंह ने युवा मोर्चा के साथ मिलकर रक्तदान शिविर आयोजित किया और स्वयं रक्तदान किया। पटना के जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी 'सेवा संकल्प अभियान' आयोजित किया गया, जिसमें भाजपा विधायक और एनडीए के चीफ व्हिप संजीव चौरसिया शामिल हुए। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में भाजपा की जिला इकाई ने भी कई कार्यक्रम आयोजित किए।
धार्मिक और सामाजिक आयाम
पश्चिम बंगाल के प्रसिद्ध कालीघाट मंदिर में मुख्य पुजारी ने प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर विशेष पूजा-अर्चना की। यह आयोजन इस बात का संकेत है कि मोदी के जन्मदिन को अब महज राजनीतिक उत्सव के रूप में नहीं, बल्कि व्यापक सामाजिक भागीदारी के साथ मनाया जाता है।
आगे क्या
'सेवा संकल्प अभियान' 2 अक्टूबर — गाँधी जयंती — तक जारी रहेगा, जिसमें देशभर में सेवा, जनसंपर्क और रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाएँगे। पार्टी का लक्ष्य इस दौरान जमीनी स्तर पर जन-जुड़ाव को और मज़बूत करना है।