मोदी के इंस्टाग्राम वीडियो का कमाल: 24 घंटे में 10 लाख नए फॉलोअर्स, 100 मिलियन का ऐतिहासिक आंकड़ा पार
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 जुलाई 2026 की देर रात इंस्टाग्राम पर एक वीडियो संदेश जारी किया, जिसके बाद उनके अकाउंट पर महज 24 घंटों के भीतर करीब 10 लाख (एक मिलियन) नए फॉलोअर्स जुड़ गए। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मोदी इंस्टाग्राम पर 100 मिलियन फॉलोअर्स का आंकड़ा पार करने वाले दुनिया के पहले और एकमात्र राजनेता बन चुके हैं।
वीडियो संदेश में क्या कहा
प्रधानमंत्री मोदी ने इस वीडियो में देश के युवाओं और आम नागरिकों को संबोधित करते हुए पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा, 'मैं जानता हूं कि पेपर लीक मामूली विषय नहीं है। यह लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए बहुत ही पीड़ादायक है।' उन्होंने यह भी बताया कि पिछले ढाई महीनों में इस समस्या से निपटने के लिए अनेक कदम उठाए जा चुके हैं और दोषियों को जेल भेजा जा चुका है।
22 लाख छात्रों की परीक्षा का प्रबंध
मोदी ने वीडियो में बताया कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता यह थी कि किसी भी छात्र का एक साल बर्बाद न हो। उन्होंने कहा कि सरकार ने पूरी शक्ति का प्रयोग कर कम से कम समय में 22 लाख छात्रों की परीक्षा का प्रबंध किया और 19 जुलाई को परिणाम भी घोषित कर दिए गए। उन्होंने कहा, 'देश भर में पास हुए छात्रों की खुशियों की खबरें आ रही हैं।'
संसद में विधेयक लाने की तैयारी
प्रधानमंत्री ने बताया कि पेपर लीक रोकने से जुड़े मसौदे को शुक्रवार की कैबिनेट बैठक में प्रस्तुत किया जाना था। उन्होंने कहा कि कैबिनेट सहयोगियों के सुझावों के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा और सोमवार से शुरू हो रहे संसद के दूसरे सप्ताह में इस विधेयक को जल्द से जल्द सदन में पारित कराने का प्रयास किया जाएगा।
सोशल मीडिया पर बढ़ता प्रभाव
यह ऐसे समय में आया है जब दुनियाभर के नेता डिजिटल माध्यमों से जनता से सीधे संवाद को प्राथमिकता दे रहे हैं। गौरतलब है कि मोदी पहले से ही एक्स (पूर्व में ट्विटर) और यूट्यूब सहित कई प्लेटफॉर्म पर भारत के सबसे ज़्यादा फॉलो किए जाने वाले नेता हैं। इंस्टाग्राम पर 100 मिलियन का आंकड़ा पार करना उनकी वैश्विक डिजिटल पहुंच का प्रमाण है। आलोचकों का कहना है कि सरकारी नीतियों की घोषणाओं के लिए सोशल मीडिया का उपयोग संसदीय परंपराओं को दरकिनार करता है, हालांकि समर्थक इसे जनता से सीधे संवाद का प्रभावी माध्यम मानते हैं।
आगे क्या होगा
पेपर लीक विरोधी विधेयक के संसद में पेश होने और पारित होने की प्रक्रिया पर देशभर के 22 लाख से अधिक प्रभावित छात्रों और उनके परिजनों की नज़रें टिकी हैं। सरकार का दावा है कि यह कानून भविष्य में परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाएगा।