40 साल बाद न्यूजीलैंड पहुंचे PM मोदी, दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे-म्युंग की शुभकामनाओं पर जताया आभार
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 जुलाई 2026 को ऑकलैंड पहुंचे — यह लगभग 40 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की न्यूजीलैंड की पहली यात्रा है। इस ऐतिहासिक अवसर पर दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने भारत-न्यूजीलैंड की दोस्ती और तरक्की के लिए शुभकामनाएं दीं, जिस पर मोदी ने एक्स पर आभार व्यक्त किया।
ऐतिहासिक स्वागत और मोदी का संदेश
न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन स्वयं ऑकलैंड हवाई अड्डे पर पीएम मोदी की अगवानी के लिए पहुंचे — एक विशेष राजनयिक सम्मान। दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से एक-दूसरे को गले लगाया। मोदी ने एक्स पर लिखा, "थोड़ी देर पहले ऑकलैंड पहुंचा। एयरपोर्ट पर स्वागत के लिए प्रधानमंत्री लक्सन का शुक्रिया। यह दौरा ऐतिहासिक है, चार दशकों में न्यूजीलैंड का यह पहला प्रधानमंत्री दौरा है।"
दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति की शुभकामनाएं और मोदी का जवाब
राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने एक्स पर उस वीडियो को साझा करते हुए लिखा, "भारत-न्यूजीलैंड की दोस्ती और तरक्की के लिए मेरी शुभकामनाएं।" इस वीडियो में प्रधानमंत्री लक्सन को ऑकलैंड हवाई अड्डे पर मोदी का स्वागत करते देखा जा सकता है। मोदी ने इसके जवाब में एक्स पर लिखा, "राष्ट्रपति ली जे-म्युंग, आपकी शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद। दोस्तों की तरफ से मिले ऐसे स्नेहभरे संदेश हमेशा खास होते हैं।"
भारत-दक्षिण कोरिया संबंधों की पृष्ठभूमि
यह आदान-प्रदान महज शिष्टाचार नहीं है — इसके पीछे हाल की राजनयिक गहराई है। राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने इसी वर्ष 19 से 21 अप्रैल के बीच भारत का राजकीय दौरा किया था। राष्ट्रपति पद संभालने के बाद यह उनकी भारत की पहली यात्रा थी और किसी कोरियाई राष्ट्रपति द्वारा पद ग्रहण के बाद सबसे शीघ्र किया गया भारत दौरा भी था। उनके साथ मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों और दक्षिण कोरिया की प्रमुख कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी आया था।
तीन देशों के दौरे का अंतिम पड़ाव
न्यूजीलैंड यात्रा मोदी के तीन देशों के दौरे का आखिरी चरण है। ऑकलैंड में मोदी ने बताया कि वह शनिवार को वहाँ एक कम्युनिटी प्रोग्राम को भी संबोधित करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री लक्सन के साथ भारत-न्यूजीलैंड संबंधों पर समग्र चर्चा की प्रतीक्षा है। गौरतलब है कि यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अपनी कूटनीतिक उपस्थिति को व्यापक बना रहा है।
आगे की राह
दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच द्विपक्षीय वार्ता से व्यापार, शिक्षा और लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में नई पहलों की घोषणा संभावित है। चार दशकों के अंतराल के बाद हो रही यह यात्रा भारत-न्यूजीलैंड संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है।