30 जुलाई 2026
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मोदी सरकार के 12 साल: 25 करोड़ गरीबी से बाहर, 58 करोड़ जनधन खाते — भूपेंद्र चौधरी ने गिनाईं उपलब्धियाँ

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मोदी सरकार के 12 साल: 25 करोड़ गरीबी से बाहर, 58 करोड़ जनधन खाते — भूपेंद्र चौधरी ने गिनाईं उपलब्धियाँ

सारांश

मोदी सरकार के 12 साल — 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर, 58 करोड़ जनधन खाते, ₹4.31 लाख करोड़ की DBT बचत। भूपेंद्र सिंह चौधरी ने आगरा में आँकड़ों की झड़ी लगाई, लेकिन असली परीक्षा यह है कि ये संख्याएँ ज़मीन पर कितनी उतरीं।

मुख्य बातें

भूपेंद्र सिंह चौधरी ने 14 जून 2026 को आगरा में मोदी सरकार के 12 वर्ष की उपलब्धियाँ सार्वजनिक रूप से रेखांकित कीं।
पिछले 12 वर्षों में लगभग 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए; DBT से ₹4.31 लाख करोड़ की बचत।
जन धन योजना के तहत 58 करोड़ बैंक खाते, आयुष्मान भारत के तहत 60 करोड़ स्वास्थ्य कार्ड जारी।
प्रधानमंत्री आवास योजना में 4 करोड़ पक्के मकान; उज्ज्वला योजना में 11 करोड़ मुफ्त गैस कनेक्शन।
देश में हवाई अड्डे 74 से बढ़कर 164 से अधिक; 164 वंदे भारत ट्रेनें संचालित।
मुद्रा योजना के तहत बिना गारंटी 57 करोड़ से अधिक ऋण वितरित।

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने 14 जून 2026 को आगरा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर सरकार की प्रमुख उपलब्धियाँ सार्वजनिक रूप से रेखांकित कीं। उन्होंने कहा कि 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास' का मंत्र महज नारा नहीं, बल्कि एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है।

गरीब कल्याण और डिजिटल शासन

चौधरी के अनुसार, पिछले 12 वर्षों में लगभग 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए हैं। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के ज़रिये सरकारी सहायता सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुँचाई गई, जिससे करीब ₹4.31 लाख करोड़ गलत हाथों में जाने से बचाए गए।

जन धन योजना के तहत 58 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले गए, जिनमें 32 करोड़ से अधिक खाते महिलाओं के हैं। 81 करोड़ से अधिक लोगों को मुफ्त राशन की सुविधा दी जा रही है, जबकि आयुष्मान भारत योजना के तहत 60 करोड़ से अधिक स्वास्थ्य कार्ड जारी किए गए हैं।

आवास और बुनियादी सुविधाएँ

प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 4 करोड़ से अधिक परिवारों को पक्के मकान दिए गए हैं। उज्ज्वला योजना के माध्यम से 11 करोड़ महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन मिले हैं। जल जीवन मिशन के तहत 16 करोड़ से अधिक घरों तक स्वच्छ पेयजल पहुँचाया गया है और स्वच्छ भारत मिशन के तहत 12 करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण हुआ है।

रोज़गार और स्वरोज़गार

पीएम स्वनिधि योजना के तहत 74 लाख से अधिक लोगों को ऋण दिया गया है। मुद्रा योजना के अंतर्गत बिना गारंटी 57 करोड़ से अधिक ऋण वितरित किए गए। पीएम विश्वकर्मा योजना के ज़रिये 30 लाख से अधिक कारीगरों और पारंपरिक कामगारों को लाभ पहुँचाया गया है।

बुनियादी ढाँचा और रेलवे

चौधरी ने बताया कि उत्तर प्रदेश आज देश में सर्वाधिक एक्सप्रेसवे वाला राज्य बन चुका है। देशभर में हवाई अड्डों की संख्या 74 से बढ़कर 164 से अधिक हो गई है। रेलवे क्षेत्र में 99.6% से अधिक ब्रॉडगेज मार्गों का विद्युतीकरण पूरा हो चुका है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 1,337 से अधिक रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण जारी है, और देश के विभिन्न हिस्सों में 164 से अधिक वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें संचालित हो रही हैं।

सुरक्षा और आगे की राह

आंतरिक सुरक्षा के संदर्भ में चौधरी ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक जैसी कार्रवाइयों ने यह संदेश दिया कि नया भारत आतंकवाद पर मुँहतोड़ जवाब देता है। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में सरकार ने केवल आँकड़ों का रिकॉर्ड नहीं बनाया, बल्कि एक आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष सरकार की नीतियों की ज़मीनी प्रभावशीलता पर सवाल उठाता रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन संख्याओं की चमक और ज़मीनी हकीकत के बीच का फासला अक्सर नीतिगत घोषणाओं में नज़रअंदाज़ हो जाता है। 25 करोड़ लोगों के गरीबी से बाहर आने का दावा नीति आयोग के बहुआयामी गरीबी सूचकांक पर आधारित है, जिसकी पद्धति पर स्वतंत्र अर्थशास्त्री सवाल उठाते रहे हैं। DBT की ₹4.31 लाख करोड़ की 'बचत' वास्तव में बचत है या लाभार्थियों की छँटनी — यह भेद महत्वपूर्ण है और मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इसे छोड़ देती है। 12 साल की उपलब्धियों का वास्तविक मूल्यांकन तभी संभव है जब रोज़गार की गुणवत्ता, आय असमानता और सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यय जैसे संकेतकों को भी समान महत्व दिया जाए।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मोदी सरकार के 12 साल में कितने लोग गरीबी रेखा से बाहर आए?
भूपेंद्र सिंह चौधरी के अनुसार, पिछले 12 वर्षों में लगभग 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए हैं। यह दावा नीति आयोग के बहुआयामी गरीबी सूचकांक पर आधारित बताया जाता है।
DBT से कितनी राशि बचाई गई?
डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से करीब ₹4.31 लाख करोड़ गलत हाथों में जाने से बचाए गए हैं। इस प्रणाली से सरकारी सहायता सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुँचाई जा रही है।
जन धन योजना के तहत कितने बैंक खाते खोले गए हैं?
जन धन योजना के तहत 58 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले गए हैं, जिनमें 32 करोड़ से अधिक खाते महिलाओं के हैं। यह योजना वित्तीय समावेश की दिशा में सरकार का प्रमुख कदम रही है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कितने परिवारों को मकान मिले?
प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 4 करोड़ से अधिक परिवारों को पक्के मकान दिए गए हैं। इसके साथ ही उज्ज्वला योजना के तहत 11 करोड़ महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन भी प्रदान किए गए हैं।
देश में हवाई अड्डों की संख्या 12 साल में कितनी बढ़ी?
मोदी सरकार के 12 वर्षों में देश में हवाई अड्डों की संख्या 74 से बढ़कर 164 से अधिक हो गई है। उड़ान योजना के ज़रिये आम लोगों के लिए हवाई यात्रा को सुलभ बनाने का प्रयास किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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