गिरिडीह में देवेश तिवारी का दावा: मोदी सरकार की योजनाओं से 58 करोड़ गरीब, किसान व महिलाएँ लाभान्वित
सारांश
मुख्य बातें
दिशा कमेटी के सदस्य देवेश तिवारी ने 20 जून 2026 को झारखंड के गिरिडीह में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले बारह वर्षों में केंद्र सरकार ने विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि गरीब, युवा, किसान और महिलाओं को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का सर्वाधिक लाभ मिला है।
डीबीटी और बैंकिंग समावेश
तिवारी ने बताया कि लगभग 58 करोड़ लोगों को बैंकिंग प्रणाली से जोड़कर प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के ज़रिए सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ दिया जा रहा है। उनके अनुसार इस व्यवस्था से सरकारी खर्च में पारदर्शिता बढ़ी है और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है। इसके अतिरिक्त, लगभग 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराया जा रहा है, जो देश की सबसे बड़ी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में से एक है।
बुनियादी ढाँचे में प्रगति
तिवारी ने कहा कि देश में आधारभूत संरचना के क्षेत्र में ऐतिहासिक विस्तार हुआ है। नए राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण, नए हवाई अड्डों की स्थापना और रेलवे के आधुनिकीकरण ने देश की कनेक्टिविटी को नई दिशा दी है। उन्होंने वंदे भारत ट्रेनों के संचालन और रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास को भारतीय रेलवे की बदलती तस्वीर का प्रतीक बताया।
युवाओं के लिए रोज़गार और आत्मनिर्भरता
स्टार्टअप इंडिया, मेक इन इंडिया और स्किल इंडिया जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए तिवारी ने कहा कि इनसे युवाओं को आत्मनिर्भर बनने और रोज़गार के नए अवसर प्राप्त करने में सहायता मिली है। उन्होंने कहा कि सरकार का केंद्रीय ध्यान 'आत्मनिर्भर भारत' के निर्माण पर टिका है।
झारखंड में केंद्र की विकास परियोजनाएँ
झारखंड के संदर्भ में तिवारी ने बताया कि देवघर में एम्स की स्थापना और देवघर एयरपोर्ट के संचालन से क्षेत्रीय संपर्क और स्वास्थ्य सेवाओं को नई गति मिली है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार ने झारखंड में लगभग ₹50,000 करोड़ की विकास योजनाएँ लागू की हैं, जिनसे आदिवासी और पिछड़े वर्गों के जीवन स्तर में सुधार हुआ है। यह भी कहा गया कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाए जाने से आदिवासी समाज के सम्मान को बल मिला है।
आगे की दिशा
दिशा कमेटी जमीनी स्तर पर इन योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी जारी रखेगी। तिवारी के बयान ऐसे समय में आए हैं जब झारखंड में केंद्र और राज्य सरकारों के बीच विकास कार्यों के श्रेय को लेकर राजनीतिक बहस तेज़ है।