मुंबई के भांडुप में हिट-एंड-रन: मंदिर जा रही 71 वर्षीय जयवंती पांचाल की मौत, बाइक चालक फरार
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई के भांडुप वेस्ट इलाके में बुधवार शाम करीब 5:30 बजे एक दर्दनाक हिट-एंड-रन हादसे में 71 वर्षीय जयवंती नामदेव पांचाल की इलाज के दौरान मौत हो गई। क्वारी रोड पर पीछे से आई तेज रफ्तार बाइक ने उन्हें जोरदार टक्कर मारी, जिसके बाद आरोपी चालक मौके से फरार हो गया। भांडुप पुलिस ने अज्ञात बाइक चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
घटनाक्रम: कैसे हुआ हादसा
शिकायतकर्ता संजय नामदेव पांचाल, जो बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) में कर्मचारी हैं और काजू टेकडी, भांडुप वेस्ट में परिवार के साथ रहते हैं, ने पुलिस को बताया कि उनकी माँ जयवंती पांचाल घर के पास स्थित मंदिर में दर्शन के लिए निकली थीं। इसी दौरान क्वारी रोड पर पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार बाइक ने उन्हें टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बुजुर्ग महिला सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे के तुरंत बाद आरोपी चालक अपनी बाइक लेकर मौके से भाग निकला।
अस्पताल में इलाज और मृत्यु
आसपास मौजूद स्थानीय लोगों ने तत्काल घायल महिला को नज़दीकी अस्पताल पहुँचाया। प्राथमिक जाँच में हालत गंभीर पाए जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें क्रिटी केयर अस्पताल रेफर कर दिया। वहाँ चिकित्सकों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। उनकी मृत्यु की खबर से परिवार में शोक की लहर दौड़ गई।
पुलिस जाँच और सीसीटीवी खंगाले जा रहे हैं
घटना की सूचना मिलते ही भांडुप पुलिस मौके पर पहुँची और जाँच शुरू की। संजय पांचाल के बयान के आधार पर अज्ञात बाइक चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी की पहचान के लिए क्वारी रोड पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। बाइक का नंबर और चालक की पहचान स्थापित करने की कोशिश जारी है।
पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के स्थानीय निवासियों से भी पूछताछ शुरू कर दी है, ताकि किसी चश्मदीद गवाह की मदद से आरोपी तक पहुँचा जा सके।
आम जनता पर असर और सड़क सुरक्षा का सवाल
यह हादसा मुंबई की व्यस्त आंतरिक सड़कों पर तेज रफ्तार और लापरवाह वाहन चालन के खतरे को एक बार फिर उजागर करता है। भांडुप वेस्ट जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में पैदल चलने वालों की सुरक्षा लंबे समय से चिंता का विषय रही है। गौरतलब है कि हिट-एंड-रन के मामलों में आरोपी का फरार होना जाँच को और जटिल बना देता है, और पीड़ित परिवारों को न्याय मिलने में देरी होती है।
फिलहाल पुलिस आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी के लिए सभी उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों का उपयोग कर रही है।