रीवा हिट-एंड-रन: दो जैन साध्वियों की मौत पर देशव्यापी प्रदर्शन, SIT और न्यायिक जांच की मांग
सारांश
मुख्य बातें
रीवा के सिविल लाइंस इलाके में 20 मई को हुई 'हिट-एंड-रन' की दर्दनाक घटना — जिसमें दो जैन साध्वियों की जान चली गई और एक तीसरी गंभीर रूप से घायल हो गईं — के विरोध में जैन समुदाय ने 25 मई को भोपाल, इंदौर, दिल्ली, अहमदाबाद और मुंबई सहित पूरे देश में व्यापक प्रदर्शन किए। समुदाय ने विशेष जांच दल (SIT) गठन, न्यायिक जांच और राष्ट्रीय साधु सुरक्षा नीति की माँग रखी है।
घटनाक्रम: क्या हुआ रीवा में
यह हादसा 20 मई को रीवा के सिविल लाइंस स्थित कलेक्टर कार्यालय के निकट हुआ। तीन जैन साध्वियाँ अपनी धार्मिक पदयात्रा के अंतर्गत सड़क के किनारे पैदल चल रही थीं, तभी एक तेज़ रफ़्तार कार ने कथित तौर पर उन्हें कुचल दिया।
सागर जिले की साध्वी श्रुतमति माता की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि एक अन्य साध्वी ने गंभीर चोटों के कारण दम तोड़ दिया। तीसरी साध्वी रीवा के संजय गांधी अस्पताल में वेंटिलेटर पर जीवन-मृत्यु के बीच संघर्ष कर रही हैं।
आरोपी की गिरफ्तारी और समुदाय के संदेह
आरोपी चालक की पहचान राशिद अली शाह के रूप में हुई है। घटना के बाद वह कार सहित मौके से फरार हो गया था, लेकिन बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
जैन समुदाय के नेताओं ने दावा किया है कि उपलब्ध वीडियो फुटेज में कार सड़क के बीच से हटकर साध्वियों की ओर जाती दिखती है, जिससे यह संकेत मिलता है कि यह कथित तौर पर महज दुर्घटना नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश हो सकती है। समुदाय ने आरोपी के विरुद्ध तत्काल हत्या का मुकदमा दर्ज करने की माँग की है।
समुदाय की प्रमुख मांगें
राष्ट्रीय जैन शासन और एकता संघ सहित विभिन्न संगठनों ने इस दुर्घटना को जैन साधुओं पर एक चौंकाने वाला हमला बताते हुए कई मांगें रखी हैं:
निष्पक्ष जांच के लिए SIT का तत्काल गठन; घटना से जुड़े सभी CCTV फुटेज को सुरक्षित रखा जाए; साधुओं के विरुद्ध अपराधों की सुनवाई फास्ट-ट्रैक अदालत में हो; राष्ट्रीय साधु सुरक्षा नीति लागू की जाए; और जैन मुनियों व साध्वियों की धार्मिक यात्राओं के दौरान सुरक्षा के लिए सख्त प्रोटोकॉल बनाए जाएँ।
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया
राज्यसभा सांसद नवीन जैन सहित वरिष्ठ जैन मुनियों और प्रमुख सामाजिक हस्तियों ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है और न्याय की अपील की है। मध्य प्रदेश सरकार ने सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
समुदाय के नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र और ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वे देशभर में भारत बंद और जेल भरो आंदोलन शुरू करेंगे। गौरतलब है कि यह आंदोलन ऐसे समय में उभरा है जब सार्वजनिक सड़कों पर धार्मिक पदयात्रियों की सुरक्षा को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ रही है।
आगे क्या होगा
समुदाय जवाबदेही और दीर्घकालिक सुरक्षा उपायों पर दबाव बनाए हुए है। यदि सरकार की ओर से एसआईटी गठन और न्यायिक जांच की घोषणा नहीं होती, तो बड़े आंदोलन की आशंका बनी रहेगी। तीसरी साध्वी की स्वास्थ्य स्थिति और न्यायालय में मामले की प्रगति आने वाले दिनों में इस विवाद की दिशा तय करेगी।