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रीवा में दो जैन साध्वियों की मौत: 25 मई को भोपाल, दिल्ली, मुंबई समेत देशभर में विरोध प्रदर्शन

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रीवा में दो जैन साध्वियों की मौत: 25 मई को भोपाल, दिल्ली, मुंबई समेत देशभर में विरोध प्रदर्शन

सारांश

रीवा के सिविल लाइंस में 20 मई को एक तेज रफ्तार कार ने पदयात्रा कर रही तीन जैन साध्वियों को कुचल दिया — दो की मौत हो गई। चालक राशिद अली शाह 270 किमी बाद पकड़ा गया। अब 25 मई को देशभर में जैन समुदाय सड़कों पर उतरेगा — न्याय और साधु-साध्वियों की सुरक्षा की माँग के साथ।

मुख्य बातें

20 मई को रीवा के सिविल लाइंस में एक तेज रफ्तार कार ने तीन जैन साध्वियों को कुचला, जिनमें से दो की मौत हो गई।
मृत साध्वियों में श्रुतमति माता (सागर, मध्य प्रदेश) शामिल हैं, जो आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की शिष्या थीं।
आरोपी चालक राशिद अली शाह को 270 किलोमीटर के पीछा के बाद जबलपुर के पास गिरफ्तार किया गया।
जैन संगठनों ने 25 मई को भोपाल, इंदौर, दिल्ली, अहमदाबाद, मुंबई समेत कई शहरों में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया।
मुनि श्री प्रमाण सागर जी ने समुदाय से संयम बनाए रखने की अपील की; राज्यसभा सदस्य नवीन जैन ने एकजुटता व्यक्त की।
मध्य प्रदेश सरकार ने आरोपी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

मध्य प्रदेश के रीवा में 20 मई को हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो जैन साध्वियों की मौत के बाद देशभर का जैन समुदाय आक्रोशित है। समुदाय ने 25 मई को भोपाल, इंदौर, दिल्ली, अहमदाबाद, मुंबई और अन्य प्रमुख शहरों में शांतिपूर्ण विरोध मार्च और प्रदर्शनों का आह्वान किया है, जिसमें न्याय और जैन साधु-साध्वियों के लिए बेहतर सुरक्षा की मांग की जा रही है।

हादसे का घटनाक्रम

20 मई की सुबह रीवा के सिविल लाइंस इलाके में कलेक्ट्रेट के निकट एक तेज रफ्तार कार ने धार्मिक पदयात्रा पर निकली तीन जैन साध्वियों को कुचल दिया। सागर जिले की मूल निवासी और आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की शिष्या श्रुतमति माता की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई।

अन्य दो घायल साध्वियों — तमिलनाडु की उपसमिति माता और जबलपुर की अरिका माता — को तत्काल अस्पताल ले जाया गया। इनमें से एक को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया और बाद में इलाज के दौरान उनकी भी मृत्यु हो गई।

आरोपी चालक की गिरफ्तारी

हादसे के बाद वाहन चालक राशिद अली शाह मौके से फरार हो गया। पुलिस ने करीब 270 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद उसे जबलपुर के पास गिरफ्तार किया। जाँच में सामने आया कि वाहन उत्तर प्रदेश के बलरामपुर से महाराष्ट्र के नागपुर लौट रहा था।

आरोपी के विरुद्ध तेज रफ्तार, लापरवाही से वाहन चलाने और 'हिट-एंड-रन' के आरोप में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म पर सामने आए वीडियो फुटेज में कथित तौर पर दिखता है कि कार सड़क के बीच से अचानक मुड़कर सड़क किनारे चल रही साध्वियों की ओर बढ़ गई।

समुदाय में आक्रोश और संदेह

समुदाय के कई सदस्यों ने यह सवाल उठाया है कि क्या यह हादसा वास्तव में अनजाने में हुआ था। कुछ संगठनों ने किसी भी संभावित साजिश की आशंका को खारिज करने के लिए गहन जाँच की माँग की है। गौरतलब है कि जैन साधु-साध्वियाँ अपनी धार्मिक परंपरा के अनुसार नंगे पैर पदयात्रा करती हैं, जिससे वे सड़क पर विशेष रूप से असुरक्षित होती हैं।

मुनि श्री प्रमाण सागर जी सहित कई वरिष्ठ जैन संतों ने संदेश जारी कर समुदाय से धैर्य, आस्था और संयम बनाए रखने का आग्रह किया है। राज्यसभा सदस्य नवीन जैन ने शोकसंतप्त परिवारों और समुदाय के प्रति अपनी संवेदनाएं और एकजुटता व्यक्त की है।

सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया

मध्य प्रदेश सरकार ने आरोपी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। समुदाय के नेताओं ने शांति बनाए रखने की अपील के साथ-साथ जैन साधु-साध्वियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जवाबदेही तय करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।

आगे क्या होगा

25 मई को देशभर में होने वाले शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। यह घटना एक बार फिर सार्वजनिक सड़कों पर धार्मिक पदयात्रियों की सुरक्षा और राज्य में सड़क सुरक्षा उपायों की कमी को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। पूरा जैन समुदाय दिवंगत साध्वियों के लिए न्याय की माँग को लेकर एकजुट है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन वे इस बात की गवाही देते हैं कि संस्थाओं पर भरोसा कितना कमज़ोर हो चुका है। मध्य प्रदेश सरकार का 'कड़ी कार्रवाई' का आश्वासन तब तक खोखला रहेगा, जब तक धार्मिक पदयात्राओं के लिए स्पष्ट सुरक्षा प्रोटोकॉल और सड़क प्रवर्तन में जवाबदेही नहीं आती।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रीवा में जैन साध्वियों के साथ क्या हुआ?
20 मई को रीवा के सिविल लाइंस इलाके में कलेक्ट्रेट के पास एक तेज रफ्तार कार ने धार्मिक पदयात्रा पर निकली तीन जैन साध्वियों को कुचल दिया। इनमें से दो साध्वियों की मौत हो गई और एक गंभीर रूप से घायल हुईं।
हादसे में मारी गई साध्वियाँ कौन थीं?
पहली साध्वी श्रुतमति माता थीं, जो सागर जिले की मूल निवासी और आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की शिष्या थीं — उनकी मौके पर ही मृत्यु हुई। दूसरी साध्वी — जबलपुर की अरिका माता या तमिलनाडु की उपसमिति माता — ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
आरोपी चालक राशिद अली शाह को कैसे पकड़ा गया?
हादसे के बाद राशिद अली शाह मौके से फरार हो गया। पुलिस ने लगभग 270 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद उसे जबलपुर के पास गिरफ्तार किया। उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत हिट-एंड-रन, तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने का मामला दर्ज है।
जैन समुदाय 25 मई को कहाँ-कहाँ विरोध प्रदर्शन करेगा?
जैन संगठनों ने 25 मई को भोपाल, इंदौर, दिल्ली, अहमदाबाद, मुंबई और अन्य प्रमुख शहरों में शांतिपूर्ण विरोध मार्च और प्रदर्शनों का आह्वान किया है। इन प्रदर्शनों में न्याय और जैन साधु-साध्वियों के लिए बेहतर सुरक्षा की माँग की जाएगी।
मध्य प्रदेश सरकार ने इस घटना पर क्या कहा?
मध्य प्रदेश सरकार ने आरोपी चालक के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। हालांकि, जैन समुदाय के नेताओं ने साधु-साध्वियों की दीर्घकालिक सुरक्षा के लिए ठोस नीतिगत कदम उठाने की माँग दोहराई है।
राष्ट्र प्रेस
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