मुंबई में 'मेड इन चाइना' हथियारों के साथ तीन अंतरराज्यीय बदमाश गिरफ्तार, लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कनेक्शन की जांच
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी एक्सटॉर्शन सेल ने 22 मई 2025 की रात एक सुनियोजित ऑपरेशन में तीन अंतरराज्यीय बदमाशों को 'मेड इन चाइना' अंकित हथियारों के साथ गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपी पंजाब और राजस्थान से मुंबई में स्थानीय अपराधियों को विदेशी हथियार बेचने की फिराक में आए थे। अधिकारियों के अनुसार, तीनों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर गहन जांच शुरू कर दी गई है।
ऑपरेशन का घटनाक्रम
पुलिस को खुफिया सूत्रों से पुख्ता सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध हथियार लेकर मुंबई में दाखिल होने वाले हैं। इस सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए एंटी एक्सटॉर्शन सेल ने 22 मई की रात करीब 10:45 बजे सेंट जॉर्ज हॉस्पिटल के निकट पीडी मेलो रोड पर एक पब्लिक टॉयलेट के पास जाल बिछाया और तीनों आरोपियों को धर दबोचा।
बरामदगी में 3 हथियार, उनकी मैगज़ीन और 45 कारतूस शामिल हैं — सभी पर 'मेड इन चाइना' अंकित है। हथियारों की आपूर्ति श्रृंखला और उनके मूल स्रोत का पता लगाना अभी जांच का हिस्सा है।
आरोपियों का आपराधिक इतिहास
गिरफ्तार तीनों आरोपियों का गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड है। जशनप्रीत मंगल सिंह (24 वर्ष) और सुखविंदर सिंह (24 वर्ष) पंजाब के पटियाला के रहने वाले हैं, जबकि तीसरा आरोपी अरबाज राजस्थान के झालावाड़ का निवासी है।
अरबाज के खिलाफ पहले से 19 आपराधिक मामले दर्ज हैं। जांच में यह सामने आया है कि इनमें से दो आरोपी वर्ष 2022 से हत्या के एक मामले में फरार चल रहे थे और पुलिस लंबे समय से उनकी तलाश कर रही थी।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग से संभावित कनेक्शन
यह मामला इसलिए और संवेदनशील हो जाता है क्योंकि पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं इन आरोपियों के तार कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग से तो नहीं जुड़े हैं। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में मुंबई और उसके आसपास इस गैंग की सक्रियता बढ़ी है और हथियारों की तस्करी इसके नेटवर्क का अहम हिस्सा रही है।
आरोपियों ने अब तक हथियारों के स्रोत के बारे में कोई खुलासा नहीं किया है। पुलिस सभी कोणों से तफ्तीश कर रही है।
कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच
तीनों आरोपियों के खिलाफ मुंबई के एम.आर.ए. मार्ग पुलिस स्टेशन में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि मुंबई में इन हथियारों के संभावित खरीदार कौन थे और इस नेटवर्क की व्यापकता कितनी है। जांच के नतीजे आने वाले दिनों में और गंभीर खुलासों की ओर इशारा कर सकते हैं।