गोल्डी ढिल्लों गैंग के दो सदस्य दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में, सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल समेत हथियार जब्त
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 27 जून 2026 को विदेश से संचालित कुख्यात गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों के गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों के पास से एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल (.32 बोर), एक देसी पिस्तौल, छह जिंदा कारतूस, एक मोटरसाइकिल और चार मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई क्राइम ब्रांच के एंटी-रॉबरी एंड स्नैचिंग सेल (ARSC) द्वारा पिछले दो-तीन महीनों की गहन तकनीकी निगरानी और फील्ड ऑपरेशन के बाद संभव हो सकी।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार दोनों आरोपी पंजाब के राजपुरा के रहने वाले हैं। पहले आरोपी की पहचान जतिन भारद्वाज (उर्फ नन्नू), आयु 28 वर्ष, के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार, वह कथित तौर पर नशे का आदी है और गोल्डी ढिल्लों के इशारे पर काम करता था। उस पर 2014 से 2025 के बीच चोरी, सेंधमारी, झपटमारी, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट समेत 14 आपराधिक मामले पंजाब व हरियाणा में दर्ज हैं।
दूसरे आरोपी सुखविंदर सिंह (उर्फ बग्गा) को हथियारों के स्रोत के रूप में चिह्नित किया गया। पुलिस का कहना है कि वह गोल्डी ढिल्लों का बचपन का दोस्त है और उसने गैंग के सदस्यों को लॉजिस्टिक्स सपोर्ट व छिपने की जगहें मुहैया कराईं। सिंह पर 2016 से 2025 के बीच सात आपराधिक मामले पंजाब में दर्ज हैं। उसने कथित तौर पर इलाके में अपना आपराधिक वर्चस्व बनाए रखने के लिए विरोधी ड्रग सप्लायर्स को डराया-धमकाया।
ऑपरेशन का घटनाक्रम
जांचकर्ताओं के मुताबिक, ARSC की विशेष टीम उन मामलों की जांच कर रही थी जिनमें विदेश में बैठे गैंगस्टर भारतीय व्यापारियों को रंगदारी के लिए फोन कर रहे थे। सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेने के दावों के बाद टीम ने व्यापक तकनीकी निगरानी शुरू की। जांच में सामने आया कि कुछ संदिग्ध जंगी और सिग्नल जैसे एन्क्रिप्टेड संचार ऐप्स के ज़रिए विदेश में बैठे गैंगस्टरों के सीधे संपर्क में थे।
24 जून को खुफिया सूचना मिली कि जतिन उर्फ नन्नू रोहिणी इलाके में आने वाला है। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए क्षेत्र में जाल बिछाया गया। रात करीब 10:50 बजे संदिग्ध को पकड़ा गया और उसके पास से एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल व चार जिंदा कारतूस मिले। इसके बाद उसे आर्म्स एक्ट की धारा 25/54/59 के तहत गिरफ्तार किया गया। बाद में, बरामद हथियारों के स्रोत की कड़ी सुखविंदर उर्फ बग्गा तक पहुँची, जिसकी निशानदेही पर एक देसी पिस्तौल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
गोल्डी ढिल्लों नेटवर्क की व्यापक संलिप्तता
यह ऐसे समय में आया है जब गोल्डी ढिल्लों का नाम हाल ही में चंडीगढ़ में एक मेडिकल स्टोर मैनेजर की हत्या की जांच में भी सामने आया था। यह घटना उसके आपराधिक नेटवर्क की कथित और लगातार बढ़ती संलिप्तता को उजागर करती है। गौरतलब है कि ढिल्लों विदेश में रहकर भारत में अपने नेटवर्क को संचालित करता है और स्थानीय गुर्गों के ज़रिए रंगदारी व अन्य अपराधों को अंजाम देता है।
बरामदगी और आगे की जांच
इस पूरे ऑपरेशन में पुलिस ने कुल एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल (.32 बोर), एक देसी पिस्तौल, छह जिंदा कारतूस, एक मोटरसाइकिल और चार मोबाइल फोन जब्त किए हैं। जांचकर्ता अब इन आरोपियों के संपर्क नेटवर्क और हथियारों की आपूर्ति श्रृंखला की गहन पड़ताल कर रहे हैं। यह गिरफ्तारी दिल्ली पुलिस के विदेश-संचालित गैंग नेटवर्क के खिलाफ जारी अभियान की एक महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है।