मुंबई लोकल में सीट विवाद: महिला पर पेपर स्प्रे छिड़कने का आरोप, जीआरपी ने की जांच
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई की सेंट्रल रेलवे की लोकल ट्रेन के महिला प्रथम श्रेणी कोच में 16 जुलाई 2026 को सीट को लेकर हुए विवाद में एक महिला यात्री पर अन्य यात्रियों पर पेपर स्प्रे छिड़कने का आरोप लगा है। घटना के बाद दोनों पक्षों को जीआरपी (गवर्नमेंट रेलवे पुलिस), सीएसएमटी के हवाले कर दिया गया और मामले की जांच जारी है।
मुख्य घटनाक्रम
सेंट्रल रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) के अनुसार, गुरुवार सुबह सूचना मिली कि कल्याण से छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) की ओर आ रही एन-9 फास्ट लोकल के महिला प्रथम श्रेणी कोच में यात्रियों के बीच सीट को लेकर तीखा विवाद हो गया। आरोप है कि इस विवाद के दौरान एक महिला यात्री ने अपने बैग से पेपर स्प्रे निकालकर अन्य महिला यात्रियों पर छिड़क दिया।
सूचना मिलते ही सुबह 8:33 बजे ट्रेन के सीएसएमटी पहुँचने पर जीआरपी और आरपीएफ (रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स) के जवानों ने संयुक्त रूप से कोच की जांच की और दोनों पक्षों से पूछताछ की।
विवाद की जड़: डोंबिवली-कल्याण राउंड ट्रिप
पूछताछ में एक अहम तथ्य सामने आया — कुछ महिला यात्री सीट सुनिश्चित करने के लिए डोंबिवली से कल्याण तक जाकर वापस लौटती हैं और फिर उसी ट्रेन से सीएसएमटी की यात्रा करती हैं। इस तरकीब के कारण कल्याण स्टेशन से ट्रेन में सवार होने वाली नियमित महिला यात्रियों को सीट नहीं मिल पाती।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, इसी असंतोष ने दोनों समूहों के बीच बहस को जन्म दिया, जो धीरे-धीरे गंभीर विवाद में बदल गई। आरोप है कि डोंबिवली-कल्याण राउंड ट्रिप करने वाले समूह की एक महिला ने कल्याण से सवार हुई यात्रियों पर पेपर स्प्रे का इस्तेमाल किया।
पुलिस कार्रवाई और जांच
घटना के बाद शिकायतकर्ता महिला और पेपर स्प्रे इस्तेमाल करने वाली महिला — दोनों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए जीआरपी, सीएसएमटी को सौंप दिया गया। फिलहाल मामले की जांच जारी है और अभी तक किसी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है।
आम यात्रियों पर असर
यह घटना मुंबई की भीड़भाड़ वाली लोकल ट्रेनों में सीट को लेकर बढ़ते तनाव को उजागर करती है। महिला प्रथम श्रेणी कोच में सीमित सीटों के कारण यात्रियों के बीच इस तरह की 'राउंड ट्रिप' प्रथा पहले भी चर्चा में रही है, लेकिन इस बार मामला हिंसक मोड़ पर पहुँच गया। यह ऐसे समय में आया है जब मुंबई लोकल में भीड़ प्रबंधन एक सतत चुनौती बनी हुई है।
रेलवे अधिकारियों का रुख और इस तरह की 'सीट-होर्डिंग' प्रथा पर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, यह जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगा।