25 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या मुंबई में ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई कर रही युवती से साइबर स्टॉकिंग और ब्लैकमेल का मामला सामने आया?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या मुंबई में ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई कर रही युवती से साइबर स्टॉकिंग और ब्लैकमेल का मामला सामने आया?

सारांश

मुंबई में एक युवती को साइबर स्टॉकिंग और ब्लैकमेल का शिकार बना दिया गया है, जब एक अज्ञात व्यक्ति ने उसकी मां की पहचान का उपयोग कर फर्जी अकाउंट बनाया। यह घटना हमें सतर्क रहने की आवश्यकता को दर्शाती है।

मुख्य बातें

सोशल मीडिया पर पहचान की सत्यता की पुष्टि करें।
किसी भी फ्रेंड रिक्वेस्ट को स्वीकार करने से पहले सावधानी बरतें।
साइबर स्टॉकिंग की घटनाओं की बढ़ती संख्या के प्रति जागरूक रहें।

मुंबई, 23 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। मुंबई की पवई पुलिस ने एक गुमनाम व्यक्ति के खिलाफ साइबर स्टॉकिंग और ब्लैकमेलिंग का मामला दर्ज किया है। आरोप के अनुसार, इस व्यक्ति ने ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई कर रही 23 वर्षीय युवती की मां के नाम और तस्वीर का उपयोग करके एक फर्जी स्नैपचैट अकाउंट बनाया और युवती को अपना शिकार बनाया।

पुलिस के अनुसार, पीड़िता इस समय ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई कर रही है। फरवरी में उसे स्नैपचैट पर एक फ्रेंड रिक्वेस्ट मिली, जिसमें उसकी मां की तस्वीर और नाम का उपयोग किया गया था। यह सोचकर कि यह अकाउंट उसकी मां का है, युवती ने रिक्वेस्ट स्वीकार कर ली। कुछ समय बाद, उस अकाउंट से उसे आपत्तिजनक संदेश मिलने लगे और उसकी निजी तस्वीरों को सोशल मीडिया पर पोस्ट करने की धमकी दी गई।

युवती को तब संदेह हुआ जब उसे उस अकाउंट से अपनी एक आपत्तिजनक तस्वीर मिली, जिसे उसने पहले कभी साझा नहीं किया था। डर और तनाव में आकर उसने अपनी मां को इस बारे में बताया। इसके बाद, पीड़िता की मां ने पवई पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत के आधार पर, पुलिस ने गुमनाम आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 351(2) और आईटी एक्ट की धारा 66(सी) के तहत मामला दर्ज किया है। पवई पुलिस स्टेशन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आरोपी ने युवती को उसकी अश्लील तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट करने और परिवारजनों को भेजने की धमकी दी थी।

पुलिस ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर क्राइम विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। फिलहाल आरोपी का इंटरनेट प्रोटोकॉल (आईपी) पता ट्रेस किया जा रहा है, ताकि उसकी पहचान की जा सके।

मुंबई पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी अकाउंट को स्वीकार करने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि जरूर करें, खासकर जब वह किसी परिचित का अकाउंट लगे लेकिन नया या असामान्य व्यवहार कर रहा हो।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह हमें यह भी बताता है कि हमें अपने ऑनलाइन व्यवहार के प्रति कितने सतर्क रहना चाहिए। साइबर क्राइम आज की दुनिया में एक गंभीर समस्या है, और इसे नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

साइबर स्टॉकिंग क्या है?
साइबर स्टॉकिंग एक ऐसा अपराध है जिसमें किसी व्यक्ति का ऑनलाइन पीछा किया जाता है, जिससे उसे डर और असुरक्षा का अनुभव होता है।
क्या मैं अपने सोशल मीडिया अकाउंट को सुरक्षित रख सकता हूं?
जी हां, आप अपनी गोपनीयता सेटिंग्स को सही तरीके से सेट करके और अनजान लोगों से अनुरोध स्वीकार करने से बचकर अपने अकाउंट को सुरक्षित रख सकते हैं।
अगर मैं साइबर स्टॉकिंग का शिकार हो जाऊं तो क्या करूं?
आपको तुरंत स्थानीय पुलिस से संपर्क करना चाहिए और उन्हें अपनी स्थिति के बारे में बताना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले