लखनऊ नगर निगम में भैंसों की नीलामी पर सपा कार्यकर्ताओं का हंगामा, अनिस राज समेत 11 नामजद पर एफआईआर
सारांश
मुख्य बातें
लखनऊ के नगर निगम कार्यालय परिसर में 25 अगस्त को भैंसों की नीलामी के दौरान कथित धरना-प्रदर्शन और सड़क जाम के मामले में हजरतगंज थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यकर्ता अनिस राज समेत 10 अन्य नामजद और करीब 50 अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है।
घटनाक्रम क्या हुआ
नगर निगम परिसर में पकड़ी गई भैंसों की नीलामी की प्रक्रिया चल रही थी, तभी कथित तौर पर सपा कार्यकर्ताओं ने वहाँ धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की, जिससे नीलामी प्रक्रिया बाधित हुई।
यह घटना उस समय हुई जब नगर निगम अधिकारी आवारा पशुओं के खिलाफ अभियान के तहत पकड़ी गई भैंसों की नीलामी कर रहे थे। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में आवारा पशुओं और उनके निपटान को लेकर नगर निकायों और स्थानीय राजनीतिक दलों के बीच विवाद पहले भी सामने आते रहे हैं।
एफआईआर की धाराएँ और पुलिस कार्रवाई
हजरतगंज थाने की लालबाग चौकी के प्रभारी प्रदीप कुमार की शिकायत के आधार पर यह मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 3(5), 285, 190 और 223 के तहत कार्रवाई की है।
पुलिस के अनुसार, सार्वजनिक मार्ग बाधित करने और सरकारी कार्य में व्यवधान डालने के मामले में नियमानुसार जाँच जारी है। अधिकारियों ने बताया कि नामजद आरोपियों के साथ-साथ प्रदर्शन में शामिल अज्ञात व्यक्तियों की पहचान की जा रही है।
राजनीतिक रंग
इस घटनाक्रम ने राजनीतिक रंग ले लिया है, क्योंकि नामजद आरोपियों में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता शामिल हैं। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ दल और विपक्षी सपा के बीच स्थानीय प्रशासनिक मुद्दों पर टकराव बढ़ता रहा है।
सपा की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले की जाँच जारी है और आगे की कार्रवाई पर सभी की नज़र बनी हुई है।
आगे क्या होगा
पुलिस अज्ञात आरोपियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जाँच कर रही है। नामजद आरोपियों से पूछताछ और संभावित गिरफ्तारियों की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।