7 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सपा सांसद इकरा हसन पर सहारनपुर में एफआईआर, डीआईजी दफ्तर के बाहर हंगामे का आरोप

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सपा सांसद इकरा हसन पर सहारनपुर में एफआईआर, डीआईजी दफ्तर के बाहर हंगामे का आरोप

सारांश

सपा सांसद इकरा हसन पर सहारनपुर में एफआईआर — मोनू कश्यप हत्याकांड में न्याय की माँग करते हुए डीआईजी दफ्तर के बाहर सड़क जाम का आरोप। पाँच समर्थक गिरफ्तार हुए, रात भर धरना चला, और मजिस्ट्रेट के आश्वासन के बाद रिहाई हुई — लेकिन राजनीतिक तनाव अब भी जारी है।

मुख्य बातें

सपा सांसद इकरा हसन के खिलाफ सहारनपुर के सदर बाजार थाने में एफआईआर दर्ज; 7 नामजद और 25 अज्ञात आरोपी।
आरोप: 19 मई 2026 को डीआईजी कार्यालय के बाहर सड़क जाम, हंगामा और सरकारी कामकाज में बाधा।
मामला शामली जिले के मोनू कश्यप की 21 अप्रैल को हुई हत्या और परिवार की न्याय-माँग से जुड़ा।
प्रदर्शन के दौरान पूर्व राज्य मंत्री मंगूराम कश्यप समेत 5 लोग गिरफ्तार, अगले दिन रिहा।
सिटी मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह के आश्वासन के बाद रात करीब 9:30 बजे धरना समाप्त।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पीड़ित परिवार को ₹2 लाख की आर्थिक सहायता दी।

समाजवादी पार्टी (सपा) की कैराना सांसद इकरा हसन के खिलाफ सहारनपुर के सदर बाजार पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला 19 मई 2026 को डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (डीआईजी) कार्यालय के बाहर हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है, जिसमें सांसद पर सड़क जाम करने, हंगामा करने और सरकारी कामकाज में बाधा डालने का आरोप है। इकरा हसन के अलावा सात नामजद व्यक्तियों और 25 अज्ञात लोगों पर भी विभिन्न कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

मामले की पृष्ठभूमि

यह पूरा विवाद शामली जिले के दशले गाँव निवासी मोनू कश्यप की हत्या से जुड़ा है, जिनकी 21 अप्रैल को हत्या कर दी गई थी। पीड़ित परिवार कई हफ्तों से न्याय की माँग कर रहा था और विभिन्न अधिकारियों से गुहार लगा चुका था। इसी संदर्भ में 19 मई को इकरा हसन पीड़ित परिवार के सदस्यों और अपने समर्थकों के साथ डीआईजी कार्यालय पहुँचीं और मामले में त्वरित कार्रवाई की माँग की।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हसन और उनके समर्थकों ने डीआईजी कार्यालय के बाहर मुख्य सड़क को जाम कर दिया, जिससे यातायात बाधित हुआ और आम जनता को असुविधा हुई। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि प्रदर्शन ने निषेधाज्ञा का उल्लंघन किया। डीआईजी कार्यालय में बैठक से कोई तत्काल नतीजा न निकलने के बाद एक महिला पुलिस इंस्पेक्टर सांसद को थाने ले गई। हसन ने बाद में दावा किया कि उन्हें महिला पुलिस स्टेशन में करीब दस मिनट तक हिरासत में रखा गया।

प्रदर्शन के दौरान शांति भंग के आरोप में पाँच व्यक्तियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, जिनमें पूर्व राज्य मंत्री मंगूराम कश्यप के साथ-साथ अनुज, अजय, शिशपाल और तेजपाल शामिल थे। हसन ने आरोप लगाया कि पुलिस ने एफआईआर का विवरण दिए बिना इन लोगों को चुपचाप जेल भेज दिया।

सांसद का धरना और तीखा टकराव

गिरफ्तारियों के बाद इकरा हसन ने सदर बाजार पुलिस स्टेशन के बाहर दूसरा धरना दिया और समर्थकों की तत्काल रिहाई की माँग की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह प्रदर्शन शाम करीब 4 बजे से रात 9:30 बजे तक चला। इस दौरान सांसद और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। कथित तौर पर इस टकराव में हसन ने पुलिसकर्मियों को चुनौती देते हुए कहा, 'मुझे गोली मार दो! मुझे फाँसी दे दो! इससे ज़्यादा तुम और क्या कर सकते हो?'

हसन ने प्रदर्शन के दौरान यह भी कहा कि जब आम नागरिक शिकायत लेकर अधिकारियों के पास जाते हैं तो उनकी बात नहीं सुनी जाती। उन्होंने कहा, 'या तो हमें भी जेल भेज दो या हमारे पार्टी कार्यकर्ताओं को रिहा करो — हम जेल जाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।'

रिहाई और राजनीतिक प्रतिक्रिया

उसी रात सिटी मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह पुलिस स्टेशन पहुँचे और प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि सभी गिरफ्तार व्यक्तियों को बुधवार सुबह रिहा किया जाएगा। इस आश्वासन के बाद हसन ने धरना समाप्त किया। धारा 151 के तहत हिरासत में लिए गए पाँचों व्यक्तियों को अगले दिन रिहा कर दिया गया।

एफआईआर की प्रतियाँ सार्वजनिक होने के बाद जिले में सपा समर्थकों में नए सिरे से आक्रोश फैल गया। सहारनपुर के धरने के बाद सांसद उसी रात राशन संबंधी शिकायत के एक पीड़ित के साथ लखनऊ गईं और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की। इसके बाद अखिलेश यादव ने पीड़ित परिवार को ₹2 लाख की वित्तीय सहायता प्रदान की।

जाँच की स्थिति

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना की समीक्षा और सबूत जुटाने के बाद कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। अज्ञात आरोपियों की पहचान के लिए वायरल वीडियो और सीसीटीवी फुटेज की जाँच की जा रही है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि जाँच के आगे बढ़ने पर और कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं। यह मामला उत्तर प्रदेश में विपक्षी नेताओं और पुलिस प्रशासन के बीच तनाव की बढ़ती प्रवृत्ति को एक बार फिर उजागर करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह टकराव होता ही नहीं। एफआईआर की टाइमिंग — प्रदर्शन के तीन दिन बाद — और सीसीटीवी-वीडियो के आधार पर अज्ञात आरोपियों की तलाश यह संकेत देती है कि यह मामला आने वाले दिनों में और राजनीतिक रंग लेगा।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सपा सांसद इकरा हसन पर एफआईआर क्यों दर्ज हुई?
19 मई 2026 को सहारनपुर में डीआईजी कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन के दौरान सड़क जाम करने, हंगामा करने और सरकारी कामकाज में बाधा डालने के आरोप में इकरा हसन पर एफआईआर दर्ज की गई है। यह शिकायत सिविल लाइंस पुलिस चौकी के इंचार्ज ने सदर बाजार थाने में दर्ज कराई।
इकरा हसन का यह प्रदर्शन किस मामले से जुड़ा था?
यह प्रदर्शन शामली जिले के दशले गाँव निवासी मोनू कश्यप की हत्या के मामले से जुड़ा था, जिनकी 21 अप्रैल को हत्या हुई थी। पीड़ित परिवार हफ्तों से न्याय माँग रहा था; इकरा हसन परिवार के साथ एकजुटता जताने और मामले में कार्रवाई के लिए दबाव बनाने डीआईजी कार्यालय पहुँची थीं।
प्रदर्शन के दौरान कितने लोग गिरफ्तार हुए और उन्हें कब रिहा किया गया?
शांति भंग के आरोप में पाँच व्यक्तियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, जिनमें पूर्व राज्य मंत्री मंगूराम कश्यप भी शामिल थे। सिटी मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह के आश्वासन के बाद सभी को अगले दिन — बुधवार सुबह — रिहा कर दिया गया।
इकरा हसन को हिरासत में लिया गया था — क्या यह सच है?
इकरा हसन ने स्वयं दावा किया कि डीआईजी कार्यालय परिसर से निकलने के बाद एक महिला पुलिस इंस्पेक्टर उन्हें थाने ले गई और उन्हें करीब दस मिनट तक हिरासत में रखा गया। पुलिस की ओर से इस दावे पर आधिकारिक स्पष्टीकरण उपलब्ध नहीं है।
अखिलेश यादव ने इस मामले में क्या कदम उठाया?
सहारनपुर के धरने के बाद इकरा हसन उसी रात लखनऊ गईं और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की। इसके बाद अखिलेश यादव ने पीड़ित परिवार को ₹2 लाख की वित्तीय सहायता प्रदान की।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 5 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले