19 अक्टूबर 2026
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तमिलनाडु BJP प्रमुख नैनार नागेंद्रन का आरोप: दो स्कूलों में हिंदू छात्रों से धार्मिक भेदभाव, आपराधिक कार्रवाई की माँग

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तमिलनाडु BJP प्रमुख नैनार नागेंद्रन का आरोप: दो स्कूलों में हिंदू छात्रों से धार्मिक भेदभाव, आपराधिक कार्रवाई की माँग

सारांश

तमिलनाडु BJP अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने एक्स पर दो स्कूलों में हिंदू छात्रों से धार्मिक भेदभाव के कथित मामले उठाए हैं — थूथुकुडी में दशहरे पर व्रती छात्रों की माला उतरवाने और कन्याकुमारी में छात्रा को चूड़ियाँ छिपाने का आदेश। भाजपा ने TVK सरकार पर धार्मिक पक्षपात का आरोप लगाते हुए आपराधिक कार्रवाई की माँग की है।

मुख्य बातें

तमिलनाडु BJP अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने 19 अक्टूबर 2026 को एक्स पर दो स्कूलों में कथित धार्मिक भेदभाव का मामला उठाया।
थूथुकुडी जिले के अथुर में हेडमास्टर ने कथित तौर पर दशहरा पर व्रत रखे 30 से अधिक छात्रों की धार्मिक मालाएँ उतरवाईं और मारपीट का भी आरोप है।
कन्याकुमारी जिले के थक्कलई में प्रधानाध्यापिका ने कथित तौर पर 10वीं कक्षा की एक छात्रा को अपनी चूड़ियाँ छिपाने के लिए कहा।
नागेंद्रन ने दोनों स्कूल प्रमुखों के विरुद्ध तत्काल आपराधिक कार्रवाई की माँग की।
TVK सरकार पर धार्मिक दमन में वृद्धि और मंत्रियों पर पक्षपात का आरोप लगाया गया; सरकारी प्रतिक्रिया अभी नहीं आई।

तमिलनाडु भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने 19 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के ज़रिए थूथुकुडी और कन्याकुमारी जिलों के दो स्कूलों के प्रमुखों के विरुद्ध आपराधिक कार्रवाई की माँग की। उन्होंने आरोप लगाया कि इन विद्यालयों में हिंदू रीति-रिवाजों का पालन करने वाले छात्रों के साथ कथित तौर पर धार्मिक भेदभाव किया गया। नागेंद्रन ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) सरकार पर छात्रों की धार्मिक पहचान और उपासना की स्वतंत्रता की रक्षा करने में विफल रहने का आरोप लगाया।

अथुर की कथित घटना

नागेंद्रन के एक्स पोस्ट के अनुसार, थूथुकुडी जिले के अथुर स्थित एक स्कूल के हेडमास्टर ने कथित तौर पर दशहरा के उपलक्ष्य में व्रत रखने वाले 30 से अधिक छात्रों को उनकी धार्मिक मालाएँ उतारने का आदेश दिया। उनके दावे के अनुसार, इस दौरान मारपीट की भी घटना हुई, हालाँकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।

नागेंद्रन ने इसे छात्रों की धार्मिक आस्था पर सीधा हमला बताया और कहा कि ऐसा व्यवहार बाल अधिकारों का उल्लंघन है।

थक्कलई की कथित घटना

कन्याकुमारी जिले के थक्कलई से जुड़े दूसरे मामले में BJP प्रमुख ने दावा किया कि एक प्रधानाध्यापिका ने 10वीं कक्षा की एक छात्रा को अपनी चूड़ियाँ छिपाने के लिए कहा। उन्होंने इस घटना को छात्रा की सांस्कृतिक पहचान पर आघात बताते हुए इसे चिंताजनक उदाहरण करार दिया।

नागेंद्रन ने कहा कि इस प्रकार की दखलंदाजी बच्चों के व्यक्तित्व-निर्माण के शुरुआती वर्षों में उनकी आत्म-पहचान को गहरी क्षति पहुँचा सकती है।

सरकार पर राजनीतिक आरोप

BJP नेता ने यह भी कथित तौर पर आरोप लगाया कि TVK सरकार के सत्ता में आने के बाद से राज्य में धार्मिक दमन की घटनाओं में वृद्धि हुई है। उनके अनुसार सरकार के कुछ मंत्री धार्मिक पक्षपात का व्यवहार करते हैं, जो स्कूल प्रशासनों को भी ऐसा ही करने के लिए प्रोत्साहित करता है। इन आरोपों पर सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

गौरतलब है कि तमिलनाडु में शैक्षणिक संस्थानों में धार्मिक प्रतीकों और आचरण को लेकर यह पहली बार नहीं है जब किसी मामले ने राजनीतिक बहस को जन्म दिया हो।

BJP की माँग और आगे का रास्ता

नागेंद्रन ने माँग की कि अथुर और थक्कलई के संबंधित स्कूल प्रमुखों के विरुद्ध तत्काल आपराधिक कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि शैक्षणिक संस्थानों को समानता और धार्मिक सद्भाव का केंद्र होना चाहिए, न कि किसी विशेष धर्म के बच्चों को निशाना बनाने की जगह।

उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह सुनिश्चित करे कि विद्यालय ऐसे स्थान न बनें जहाँ किसी धर्म के अनुयायी छात्रों को असुरक्षित महसूस हो। दोनों घटनाओं की जाँच और जिला शिक्षा विभाग की प्रतिक्रिया अभी सामने आनी बाकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो इस मामले की पत्रकारिता में एक बड़ी कमी है। यह ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु में भाजपा धार्मिक पहचान के मुद्दों पर राज्य सरकार को घेरने की व्यापक रणनीति पर काम कर रही है। असली सवाल यह है कि क्या जिला शिक्षा प्रशासन इन आरोपों की स्वतंत्र जाँच कराएगा — क्योंकि बिना तथ्यात्मक जाँच के, यह मामला राजनीतिक बयानबाजी और वास्तविक नीतिगत जवाबदेही के बीच की धुंध में खो सकता है।
RashtraPress
19 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तमिलनाडु के स्कूलों में धार्मिक भेदभाव के क्या आरोप लगे हैं?
तमिलनाडु BJP अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने आरोप लगाया है कि थूथुकुडी के अथुर स्कूल में दशहरे पर व्रती 30 से अधिक छात्रों को धार्मिक मालाएँ उतारने पर मजबूर किया गया और कन्याकुमारी के थक्कलई में 10वीं की एक छात्रा को चूड़ियाँ छिपाने को कहा गया। ये आरोप उन्होंने 19 अक्टूबर 2026 को एक्स पर पोस्ट के माध्यम से लगाए हैं।
नैनार नागेंद्रन कौन हैं?
नैनार नागेंद्रन तमिलनाडु में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष हैं। वे राज्य में पार्टी के प्रमुख चेहरे हैं और TVK सरकार के खिलाफ कई मुद्दों पर मुखर रहे हैं।
TVK सरकार पर BJP ने क्या आरोप लगाए?
नागेंद्रन के अनुसार, मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली TVK सरकार के सत्ता में आने के बाद से राज्य में धार्मिक दमन की घटनाओं में वृद्धि हुई है। उनका कहना है कि सरकार के मंत्री धार्मिक पक्षपात करते हैं, जो स्कूल प्रशासनों को भी ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित करता है।
BJP ने इन मामलों में क्या माँग की है?
BJP अध्यक्ष नागेंद्रन ने अथुर और थक्कलई के दोनों स्कूल प्रमुखों के विरुद्ध तत्काल आपराधिक कार्रवाई की माँग की है। उन्होंने TVK सरकार से यह भी सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि शैक्षणिक संस्थान धार्मिक भेदभाव से मुक्त हों।
इन आरोपों पर सरकार या स्कूल प्रशासन की क्या प्रतिक्रिया है?
अभी तक TVK सरकार, संबंधित जिला शिक्षा विभाग या आरोपित स्कूल प्रमुखों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सार्वजनिक नहीं हुई है। दोनों घटनाओं की स्वतंत्र पुष्टि भी अभी बाकी है।
राष्ट्र प्रेस
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