तमिलनाडु में बच्चियों के यौन उत्पीड़न पर भाजपा का हमला, नैनार नागेंद्रन ने विजय सरकार को ठहराया जिम्मेदार
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने 8 अक्टूबर 2026 को राज्य में छोटी बच्चियों के यौन उत्पीड़न की दो अलग-अलग घटनाओं का हवाला देते हुए टीवीके सरकार पर तीखा हमला बोला और प्रशासन पर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पूरी तरह विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने पीड़ित बच्चियों के लिए तत्काल चिकित्सा देखभाल और पॉक्सो के तहत फास्ट ट्रैक अदालत में सुनवाई की माँग की।
मुख्य घटनाक्रम
नागेंद्रन ने एक्स पोस्ट के ज़रिए चेन्नई के तिरुवोट्टियूर में एक प्रवासी मज़दूर परिवार की पाँच वर्षीया बच्ची के यौन उत्पीड़न की घटना का उल्लेख किया। उन्होंने इस घटना को 'दिल दहला देने वाला' बताते हुए कहा कि इससे पूरे तमिलनाडु में गहरा सदमा है।
उन्होंने यह भी कहा कि यह ताज़ा मामला तब सामने आया जब लोग गुमिदिपुंडी की एक पूर्व घटना से उबरने की कोशिश कर रहे थे, जहाँ कथित तौर पर तीन वर्षीया बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न के बाद उसे कँटीली झाड़ियों में फेंक दिया गया था।
सरकार पर आरोप
भाजपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध हिंसा की बार-बार होने वाली घटनाएँ राज्य में कानून-व्यवस्था के बिगड़ने का स्पष्ट संकेत हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री विजय पर निशाना साधते हुए कहा कि पुलिस और गृह विभाग का प्रभार उन्हीं के पास है, फिर भी प्रशासनिक निष्क्रियता इस हद तक बढ़ गई है कि आम नागरिकों को अपराधियों की गिरफ्तारी की माँग के लिए सड़कों पर उतरना पड़ा।
नागेंद्रन ने कहा कि कथित प्रशासनिक भ्रष्टाचार और सरकार की अनुभवहीनता के कारण अपराधियों में कानून का कोई भय नहीं बचा, जिसके चलते पूरे राज्य में आपराधिक गतिविधियाँ बढ़ रही हैं।
प्रवासी परिवारों की सुरक्षा पर चिंता
नागेंद्रन ने विशेष रूप से उन आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों की दुर्दशा उजागर की जो रोज़गार की तलाश में तमिलनाडु आते हैं और अपनी आजीविका के लिए राज्य पर निर्भर रहते हैं। उनके अनुसार ऐसे परिवारों के बच्चे सबसे अधिक असुरक्षित हैं और राज्य सरकार उनकी सुरक्षा की ज़िम्मेदारी निभाने में नाकाम रही है।
माँगें और चेतावनी
नागेंद्रन ने माँग की कि तिरुवोट्टियूर मामले में आरोपी पर बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) के तहत फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाया जाए और क़ानून के तहत अधिकतम सज़ा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सरकार से यह भी आग्रह किया कि पीड़ित बच्ची को बेहतर चिकित्सा उपचार मिले।
भाजपा अध्यक्ष ने विजय को सलाह दी कि वे 'इमेज पॉलिटिक्स' छोड़ें और महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा को तत्काल प्राथमिकता दें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि टीवीके सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने में नाकाम रहती है तो तमिलनाडु की जनता उसे उचित सबक सिखाएगी।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु में बाल सुरक्षा को लेकर राजनीतिक दबाव लगातार बढ़ रहा है। पॉक्सो के तहत फास्ट ट्रैक अदालत में सुनवाई की माँग और विपक्षी दलों का एकजुट होना यह संकेत देता है कि राज्य सरकार पर आने वाले हफ्तों में इस मुद्दे पर जवाब देना होगा।