JNU सांसद अकोइजम के यौन उत्पीड़न मामले पर BJP तमिलनाडु में करेगी जिलास्तरीय प्रदर्शन, कांग्रेस की चुप्पी पर सवाल
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता नैनार नागेंद्रन ने सोमवार, 13 अक्टूबर 2026 को राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करने की घोषणा की है। यह प्रदर्शन इनर मणिपुर से कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायतों पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) की कथित चुप्पी के विरोध में किया जाएगा। नागेंद्रन का आरोप है कि पार्टी नेतृत्व इस मामले पर अपनी जिम्मेदारी निभाने में नाकाम रही है।
मामले की पृष्ठभूमि
यह विवाद नई दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के प्रोफेसर रहे अकोइजम के खिलाफ 11 महिला छात्रों की शिकायतों से जुड़ा है। यौन उत्पीड़न के आरोपों की जाँच के बाद विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति ने उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया था। नागेंद्रन ने अपने बयान में इस अनुशासनात्मक कार्रवाई का हवाला देते हुए कहा कि समिति ने कड़ी सजा की सिफारिश की थी।
BJP का कांग्रेस पर निशाना
नागेंद्रन ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर सीधा निशाना साधा और पितृसत्ता के खिलाफ उनके सार्वजनिक रुख पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व की कथित चुप्पी महिलाओं की गरिमा पर कांग्रेस के घोषित रुख के विपरीत है। उनके अनुसार, ऐसे गंभीर आरोपों पर पार्टी का मौन अस्वीकार्य है।
गौरतलब है कि यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब पार्टी के भीतर और बाहर से भी कांग्रेस नेतृत्व के इस मामले में रवैये को लेकर आलोचना हो रही है। यह BJP के लिए विपक्ष को कठघरे में खड़ा करने का एक महत्वपूर्ण अवसर भी है।
सांसद अकोइजम का पक्ष
इंफाल में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अकोइजम ने JNU की इस कार्रवाई को 'विच हंट' बताया और आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय ने यौन उत्पीड़न की शिकायतों से निपटने के नियमों का उल्लंघन किया है। उन्होंने दावा किया कि उन्हें आंतरिक समिति की सिफारिशें या बर्खास्तगी का आधिकारिक आदेश नहीं मिला, और उन्हें इस कार्रवाई की जानकारी मीडिया के माध्यम से हुई।
अकोइजम ने स्पष्ट किया कि वे कानूनी तरीकों से इस फैसले को चुनौती देंगे और गोपनीयता तथा अपील के अवसर को लेकर अपनी आपत्तियाँ भी उठाएंगे। इस प्रकार मामला अब न्यायिक प्रक्रिया की ओर बढ़ सकता है।
आम जनता और महिला सुरक्षा पर असर
यह मामला उच्च शिक्षा संस्थानों में यौन उत्पीड़न विरोधी तंत्र की प्रभावशीलता और राजनीतिक जवाबदेही, दोनों पर बड़े सवाल उठाता है। 11 महिला छात्रों की शिकायतों पर आधारित यह मामला इस बात को रेखांकित करता है कि जन प्रतिनिधियों के खिलाफ शिकायतों पर पार्टी नेतृत्व की जिम्मेदारी क्या होनी चाहिए।
तमिलनाडु में जिलास्तरीय प्रदर्शनों के जरिये BJP इस मुद्दे को राज्य की राजनीति में भी केंद्रीय बनाने की कोशिश करेगी, जहाँ फिलहाल द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) की सरकार है और कांग्रेस उसकी सहयोगी है।
आगे क्या होगा
अकोइजम द्वारा कानूनी चुनौती की घोषणा के साथ यह मामला अदालत तक जा सकता है। वहीं, BJP के जिलास्तरीय प्रदर्शन तमिलनाडु में कांग्रेस के लिए राजनीतिक दबाव बढ़ाएंगे। कांग्रेस नेतृत्व की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जो आने वाले दिनों में इस विवाद को और तीखा बना सकती है।