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JNU सांसद अकोइजम के यौन उत्पीड़न मामले पर BJP तमिलनाडु में करेगी जिलास्तरीय प्रदर्शन, कांग्रेस की चुप्पी पर सवाल

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JNU सांसद अकोइजम के यौन उत्पीड़न मामले पर BJP तमिलनाडु में करेगी जिलास्तरीय प्रदर्शन, कांग्रेस की चुप्पी पर सवाल

सारांश

तमिलनाडु BJP ने JNU से बर्खास्त कांग्रेस सांसद अकोइजम के यौन उत्पीड़न मामले पर पार्टी की चुप्पी के विरोध में राज्यव्यापी प्रदर्शन का ऐलान किया। नागेंद्रन ने राहुल गांधी के महिला-सशक्तीकरण के दावों को कठघरे में खड़ा किया।

मुख्य बातें

तमिलनाडु BJP नेता नैनार नागेंद्रन ने राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन की घोषणा की।
विरोध का केंद्र इनर मणिपुर के कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम के खिलाफ JNU की 11 महिला छात्रों की यौन उत्पीड़न शिकायतें हैं।
JNU की आंतरिक समिति ने जाँच के बाद अकोइजम को नौकरी से बर्खास्त कर दिया था।
अकोइजम ने बर्खास्तगी को 'विच हंट' बताते हुए कानूनी चुनौती देने का ऐलान किया।
कांग्रेस नेतृत्व की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

तमिलनाडु भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता नैनार नागेंद्रन ने सोमवार, 13 अक्टूबर 2026 को राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करने की घोषणा की है। यह प्रदर्शन इनर मणिपुर से कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायतों पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) की कथित चुप्पी के विरोध में किया जाएगा। नागेंद्रन का आरोप है कि पार्टी नेतृत्व इस मामले पर अपनी जिम्मेदारी निभाने में नाकाम रही है।

मामले की पृष्ठभूमि

यह विवाद नई दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के प्रोफेसर रहे अकोइजम के खिलाफ 11 महिला छात्रों की शिकायतों से जुड़ा है। यौन उत्पीड़न के आरोपों की जाँच के बाद विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति ने उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया था। नागेंद्रन ने अपने बयान में इस अनुशासनात्मक कार्रवाई का हवाला देते हुए कहा कि समिति ने कड़ी सजा की सिफारिश की थी।

BJP का कांग्रेस पर निशाना

नागेंद्रन ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर सीधा निशाना साधा और पितृसत्ता के खिलाफ उनके सार्वजनिक रुख पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व की कथित चुप्पी महिलाओं की गरिमा पर कांग्रेस के घोषित रुख के विपरीत है। उनके अनुसार, ऐसे गंभीर आरोपों पर पार्टी का मौन अस्वीकार्य है।

गौरतलब है कि यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब पार्टी के भीतर और बाहर से भी कांग्रेस नेतृत्व के इस मामले में रवैये को लेकर आलोचना हो रही है। यह BJP के लिए विपक्ष को कठघरे में खड़ा करने का एक महत्वपूर्ण अवसर भी है।

सांसद अकोइजम का पक्ष

इंफाल में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अकोइजम ने JNU की इस कार्रवाई को 'विच हंट' बताया और आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय ने यौन उत्पीड़न की शिकायतों से निपटने के नियमों का उल्लंघन किया है। उन्होंने दावा किया कि उन्हें आंतरिक समिति की सिफारिशें या बर्खास्तगी का आधिकारिक आदेश नहीं मिला, और उन्हें इस कार्रवाई की जानकारी मीडिया के माध्यम से हुई।

अकोइजम ने स्पष्ट किया कि वे कानूनी तरीकों से इस फैसले को चुनौती देंगे और गोपनीयता तथा अपील के अवसर को लेकर अपनी आपत्तियाँ भी उठाएंगे। इस प्रकार मामला अब न्यायिक प्रक्रिया की ओर बढ़ सकता है।

आम जनता और महिला सुरक्षा पर असर

यह मामला उच्च शिक्षा संस्थानों में यौन उत्पीड़न विरोधी तंत्र की प्रभावशीलता और राजनीतिक जवाबदेही, दोनों पर बड़े सवाल उठाता है। 11 महिला छात्रों की शिकायतों पर आधारित यह मामला इस बात को रेखांकित करता है कि जन प्रतिनिधियों के खिलाफ शिकायतों पर पार्टी नेतृत्व की जिम्मेदारी क्या होनी चाहिए।

तमिलनाडु में जिलास्तरीय प्रदर्शनों के जरिये BJP इस मुद्दे को राज्य की राजनीति में भी केंद्रीय बनाने की कोशिश करेगी, जहाँ फिलहाल द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) की सरकार है और कांग्रेस उसकी सहयोगी है।

आगे क्या होगा

अकोइजम द्वारा कानूनी चुनौती की घोषणा के साथ यह मामला अदालत तक जा सकता है। वहीं, BJP के जिलास्तरीय प्रदर्शन तमिलनाडु में कांग्रेस के लिए राजनीतिक दबाव बढ़ाएंगे। कांग्रेस नेतृत्व की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जो आने वाले दिनों में इस विवाद को और तीखा बना सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि राजनीतिक दलों की आंतरिक जवाबदेही की असल परीक्षा है। कांग्रेस जो पार्टी महिला सशक्तीकरण को अपनी पहचान बनाती है, उसकी अपने ही सांसद से जुड़े गंभीर आरोपों पर चुप्पी विरोधाभासी दिखती है। दूसरी ओर, BJP का यह कदम राजनीतिक रूप से सुविधाजनक तो है, लेकिन यह सवाल भी उठता है कि क्या सत्तारूढ़ दल के नेताओं पर लगे इसी तरह के आरोपों पर उसकी प्रतिक्रिया भी इतनी ही तत्पर रही है। JNU जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में 11 छात्रों की शिकायतें और आंतरिक समिति की कार्रवाई इस बात की माँग करती है कि पीड़ितों के पक्ष में राजनीतिक आवाज़ें पार्टी-लाइन से ऊपर उठें।
RashtraPress
12 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अकोइजम के खिलाफ JNU मामला क्या है?
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के प्रोफेसर रहे और इनर मणिपुर से कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम के खिलाफ 11 महिला छात्रों ने यौन उत्पीड़न की शिकायतें दर्ज कराई थीं। जाँच के बाद विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति ने उन्हें नौकरी से बर्खास्त करने की सिफारिश की, जिसे लागू किया गया।
तमिलनाडु BJP यह प्रदर्शन क्यों कर रही है?
तमिलनाडु BJP नेता नैनार नागेंद्रन के अनुसार, कांग्रेस नेतृत्व ने अपने सांसद अकोइजम के खिलाफ गंभीर शिकायतों पर कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं दी। उन्होंने इसे पार्टी के महिला-सशक्तीकरण के दावों के विपरीत बताते हुए इस मौन को जनता तक पहुँचाने के लिए जिलास्तरीय प्रदर्शनों की घोषणा की।
अकोइजम ने अपनी बर्खास्तगी पर क्या कहा है?
अकोइजम ने इंफाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बर्खास्तगी को 'विच हंट' करार दिया और दावा किया कि उन्हें आंतरिक समिति की सिफारिशें या आधिकारिक आदेश नहीं मिला। उन्होंने कहा कि वे इस फैसले को कानूनी तरीकों से चुनौती देंगे।
इस मामले में कांग्रेस का रुख क्या है?
रिपोर्टों के अनुसार, कांग्रेस नेतृत्व ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। यही कथित चुप्पी BJP के विरोध का मुख्य आधार बनी है।
तमिलनाडु में BJP के प्रदर्शन का राजनीतिक महत्व क्या है?
तमिलनाडु में DMK सरकार है और कांग्रेस उसकी सहयोगी पार्टी है। BJP के जिलास्तरीय प्रदर्शन इस गठबंधन को घेरने और राज्य में महिला सुरक्षा के मुद्दे पर अपनी राजनीतिक उपस्थिति दर्ज कराने का प्रयास है।
राष्ट्र प्रेस
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