28 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या नामक्कल में विजय की रैली के दौरान अस्पताल पर हमला हुआ?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या नामक्कल में विजय की रैली के दौरान अस्पताल पर हमला हुआ?

सारांश

तमिलनाडु में थलपति विजय की पार्टी टीवीके की रैली में नामक्कल जिले में एक निजी अस्पताल पर हमला हुआ। यह घटना एक चुनावी रैली के दौरान हुई थी, जिसके चलते पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। जानिए इस विवादास्पद मामले की पूरी कहानी।

मुख्य बातें

राजनीतिक दलों को अपनी जिम्मेदारियों का ध्यान रखना चाहिए।
हिंसा से लोकतंत्र को नुकसान होता है।
टीवीके के सदस्य कानून का उल्लंघन न करें।
मद्रास हाईकोर्ट ने सतीश कुमार की जमानत खारिज की।
अस्पताल पर हमला एक गंभीर मुद्दा है।

मुंबई, 3 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु में अभिनेता से नेता बने थलपति विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) की रैली और इससे जुड़े घटनाक्रम लगातार विवादों में हैं। हाल ही में एक नया मामला नामक्कल जिले से प्रकाश में आया है, जहां विजय की एक चुनावी रैली के दौरान हिंसा के चलते एक निजी अस्पताल पर हमला किया गया। इस घटना के संबंध में पुलिस ने केस दर्ज किया है और टीवीके के नामक्कल जिला सचिव सतीश कुमार को आरोपी बनाया गया है।

इस मामले में जब सतीश कुमार ने अग्रिम जमानत के लिए मद्रास हाईकोर्ट का रुख किया, तो कोर्ट ने न केवल उनकी याचिका खारिज की, बल्कि उन्हें कड़ी फटकार भी लगाई।

मद्रास हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि जब पार्टी कार्यकर्ता हिंसा में शामिल होते हैं, तो पार्टी पदाधिकारी यह दावा नहीं कर सकते कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी। अदालत ने तीखे शब्दों में पूछा, "क्या आपको अपने कार्यकर्ताओं को नियंत्रण में रखना नहीं आता? क्या आपको यह जिम्मेदारी नहीं निभानी चाहिए कि आपकी पार्टी के सदस्य कानून और व्यवस्था का उल्लंघन न करें?"

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस तरह की घटनाओं से लोकतंत्र और समाज में गलत संदेश जाता है और राजनीतिक दलों को अपने सदस्यों की गतिविधियों की पूरी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

इस मामले की जांच कर रही पुलिस ने अदालत को सूचित किया कि टीवीके की छात्र इकाई टीएवीईसी के कार्यकर्ताओं ने रैली के दौरान एक निजी अस्पताल में तोड़फोड़ की, जिससे अस्पताल को करीब 5 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। पुलिस के अनुसार, कार्यकर्ताओं ने अस्पताल परिसर में जबरन घुसने की कोशिश की और वहां मौजूद स्टाफ के साथ भी बदसलूकी की गई। यह हमला रैली के दौरान हुई भगदड़ और अव्यवस्था के चलते हुआ, जब घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में लाया गया था और कुछ लोगों को यह भ्रम हो गया था कि अस्पताल प्रशासन राजनीतिक कारणों से इलाज में देरी कर रहा है। इसी गलतफहमी के चलते गुस्साए टीवीके समर्थकों ने अस्पताल में हंगामा खड़ा कर दिया।

पुलिस ने बताया कि टीवीके के जिला सचिव सतीश कुमार के खिलाफ पहले से ही आठ अन्य मामले दर्ज हैं। इन मामलों में अधिकतर आरोप सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने, कानून व्यवस्था बिगाड़ने और सरकारी काम में बाधा डालने से जुड़े हुए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

ताकि समाज में शांति बनी रहे। अदालत का यह रुख दर्शाता है कि राजनीतिक दलों को अपने कार्यकर्ताओं की गतिविधियों की पूरी जानकारी और जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या इस मामले में सतीश कुमार को जमानत मिली?
नहीं, मद्रास हाईकोर्ट ने सतीश कुमार की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
इस घटना में कितने लोगों को नुकसान हुआ?
इस तोड़फोड़ में अस्पताल को लगभग 5 लाख रुपये का नुकसान हुआ।
क्या पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई की?
जी हां, पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज किया है और सतीश कुमार को आरोपी बनाया है।
क्या यह पहली बार है जब टीवीके पर ऐसे आरोप लगे हैं?
नहीं, सतीश कुमार के खिलाफ पहले से ही आठ अन्य मामले दर्ज हैं।
कोर्ट ने इस मामले में क्या कहा?
कोर्ट ने कहा कि राजनीतिक दलों को अपने कार्यकर्ताओं की गतिविधियों का ध्यान रखना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 12 महीने पहले