11 अक्टूबर 2026
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नानाजी देशमुख जयंती: योगी, भजनलाल, नायब सैनी समेत कई नेताओं ने 'भारत रत्न' को किया नमन

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नानाजी देशमुख जयंती: योगी, भजनलाल, नायब सैनी समेत कई नेताओं ने 'भारत रत्न' को किया नमन

सारांश

नानाजी देशमुख की जयंती पर पाँच वरिष्ठ नेताओं ने एक्स पर श्रद्धांजलि दी — योगी से लेकर मनोहर लाल तक। 'ग्रामोदय से राष्ट्रोदय' का उनका संकल्प आज भी सत्तारूढ़ दल की नीतिगत भाषा में जीवित है।

मुख्य बातें

भारत रत्न नानाजी देशमुख की जयंती 11 अक्टूबर को मनाई गई।
CM योगी आदित्यनाथ , CM भजनलाल शर्मा , CM नायब सैनी , CM रेखा गुप्ता और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने एक्स पर श्रद्धांजलि दी।
नानाजी ने चित्रकूट में 'ग्रामोदय से राष्ट्रोदय' की संकल्पना को व्यावहारिक रूप दिया।
वे भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्य थे और बाद में ग्रामीण सेवा के लिए सक्रिय राजनीति छोड़ दी।
CM नायब सैनी ने आपातकाल के विरुद्ध उनके संघर्ष और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा में योगदान को विशेष रूप से रेखांकित किया।

भारत रत्न और भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्य नानाजी देशमुख की जयंती पर 11 अक्टूबर 2026 को देशभर के वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने एक्स पर पोस्ट के माध्यम से 'राष्ट्रऋषि' को याद किया।

मुख्य घटनाक्रम

नानाजी देशमुख का जीवन ग्रामोदय, स्वावलंबन और अंत्योदय के सिद्धांतों पर केंद्रित रहा। उन्होंने चित्रकूट की धरती पर 'ग्रामोदय से राष्ट्रोदय' की संकल्पना को व्यावहारिक रूप दिया, जो आज भी ग्रामीण विकास के क्षेत्र में एक मिसाल मानी जाती है। गौरतलब है कि उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।

नेताओं की श्रद्धांजलि

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर लिखा, 'ग्रामोदय, स्वावलंबन एवं अंत्योदय को राष्ट्र निर्माण का आधार मानकर उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन जनसेवा, ग्रामीण विकास एवं सामाजिक उत्थान के लिए समर्पित किया। उनके महान विचार हमें समतामूलक एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की प्रेरणा देते हैं।'

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक्स पर कहा, 'ग्रामोदय के माध्यम से राष्ट्रोदय का उनका विचार और समाज के लिए उनका समर्पण सदैव स्मरणीय एवं प्रेरणादायी रहेगा।' हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने उनके आपातकाल-विरोधी संघर्ष और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा में योगदान को भी विशेष रूप से रेखांकित किया।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि नानाजी ने 'सत्ता के स्थान पर सेवा को प्राथमिकता' दी और उनका जीवन 'संगठन, स्वावलंबन, सामाजिक समरसता और राष्ट्र के प्रति निःस्वार्थ समर्पण का अनुपम उदाहरण है।'

केंद्रीय मंत्री का संदेश

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने नानाजी के एक प्रेरक वचन को उद्धृत करते हुए लिखा, 'हम अपने लिए नहीं, अपनों के लिए हैं; अपने वे हैं, जो पीड़ित एवं उपेक्षित हैं।' उन्होंने कहा कि यह मंत्र सभी को अंत्योदय के ध्येय की प्राप्ति और राष्ट्रसेवा के पथ पर प्रेरित करता रहेगा।

नानाजी देशमुख की विरासत

नानाजी देशमुख ने भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्य के रूप में राजनीतिक जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, किंतु बाद में उन्होंने सक्रिय राजनीति छोड़कर स्वयं को पूरी तरह ग्रामीण विकास और सामाजिक सेवा को समर्पित कर दिया। चित्रकूट में उनके द्वारा स्थापित ग्रामोदय परियोजनाएँ आत्मनिर्भर गाँवों के निर्माण का एक जीवंत उदाहरण बनीं। यह ऐसे समय में और भी प्रासंगिक है जब केंद्र सरकार 'आत्मनिर्भर भारत' और 'ग्राम स्वराज' की दिशा में काम कर रही है।

उनकी जयंती पर नेताओं की इस श्रद्धांजलि से स्पष्ट है कि नानाजी का दर्शन आज भी सत्तारूढ़ दल की नीतिगत प्रेरणाओं में केंद्रीय स्थान रखता है। आने वाले समय में उनके विचारों को ग्रामीण विकास की योजनाओं में किस रूप में मूर्त रूप दिया जाता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो श्रद्धांजलि के शब्दों को कार्यक्रमों की जवाबदेही से जोड़ना ज़रूरी है।
RashtraPress
11 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नानाजी देशमुख कौन थे और उनकी जयंती कब है?
नानाजी देशमुख भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्य, प्रसिद्ध समाजसेवी और 'भारत रत्न' से सम्मानित राष्ट्रीय विभूति थे। उनकी जयंती प्रतिवर्ष 11 अक्टूबर को मनाई जाती है।
नानाजी देशमुख को 'भारत रत्न' कब मिला?
नानाजी देशमुख को मरणोपरांत भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' प्रदान किया गया था। उन्होंने ग्रामीण विकास और सामाजिक उत्थान में उल्लेखनीय योगदान दिया।
'ग्रामोदय से राष्ट्रोदय' की संकल्पना क्या है?
यह नानाजी देशमुख का मूल दर्शन था, जिसके अनुसार सशक्त और आत्मनिर्भर गाँव ही समृद्ध राष्ट्र की नींव हैं। उन्होंने इस संकल्पना को चित्रकूट में व्यावहारिक रूप से लागू किया।
किन नेताओं ने नानाजी देशमुख की जयंती पर श्रद्धांजलि दी?
11 अक्टूबर को CM योगी आदित्यनाथ, CM भजनलाल शर्मा, CM नायब सैनी, CM रेखा गुप्ता और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने एक्स पर पोस्ट के माध्यम से नानाजी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
नानाजी देशमुख का आपातकाल से क्या संबंध था?
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी के अनुसार, नानाजी देशमुख ने आपातकाल (1975-77) के विरुद्ध संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
राष्ट्र प्रेस
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