11 अक्टूबर 2026
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नानाजी देशमुख जयंती 2026: PM मोदी ने दी श्रद्धांजलि, बोले- 'जमीनी बदलाव के असाधारण राष्ट्र-निर्माता थे'

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नानाजी देशमुख जयंती 2026: PM मोदी ने दी श्रद्धांजलि, बोले- 'जमीनी बदलाव के असाधारण राष्ट्र-निर्माता थे'

सारांश

नानाजी देशमुख की जयंती पर PM मोदी ने उन्हें 'असाधारण राष्ट्र-निर्माता' बताते हुए आत्मनिर्भर भारत के उनके सपने को साकार करने का संकल्प दोहराया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह ने भी 'भारत रत्न' विभूति को नमन करते हुए उनकी ग्रामीण विकास की विरासत को अनुकरणीय बताया।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 11 अक्टूबर 2026 को नानाजी देशमुख की जयंती पर उन्हें 'असाधारण राष्ट्र-निर्माता' बताकर श्रद्धांजलि दी।
मोदी ने एक्स पर लिखा कि 'वास्तविक बदलाव जमीनी स्तर से ही शुरू होता है' — नानाजी के जीवन-दर्शन का उल्लेख करते हुए।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उन्हें 'राष्ट्रऋषि, समाज सुधारक और ग्रामोदय के पुरोधा' कहा।
गृह मंत्री अमित शाह ने नानाजी को 'ग्रामोदय से राष्ट्रोदय के प्रणेता' बताते हुए उनकी RSS के प्रति निष्ठा को रेखांकित किया।
नानाजी देशमुख को मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया था; उनका चित्रकूट मॉडल ग्रामीण विकास में संदर्भ बिंदु है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 अक्टूबर 2026 को प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता एवं राजनीतिज्ञ नानाजी देशमुख की जयंती पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की और उन्हें 'असाधारण राष्ट्र-निर्माता' की संज्ञा दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार 'मज़बूत और आत्मनिर्भर भारत' के उनके दृष्टिकोण को साकार करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगी।

PM मोदी का संदेश

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, 'नानाजी देशमुख को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि। उन्हें एक ऐसे असाधारण राष्ट्र-निर्माता के रूप में याद किया जाता है, जिन्होंने अपने विचारों और कार्यों से यह दिखाया कि वास्तविक बदलाव जमीनी स्तर से ही शुरू होता है।' उन्होंने आगे कहा कि नानाजी के जीवन में राजनीतिक प्रतिबद्धता और रचनात्मक सामाजिक कार्यों का अनूठा संगम था, जिन्होंने स्वयं को ग्रामीण विकास और सामुदायिक भागीदारी के लिए समर्पित कर दिया।

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में स्पष्ट किया कि 'एक मज़बूत और आत्मनिर्भर भारत के उनके सपने को साकार करने में हम कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब सरकार ग्रामीण विकास और स्वावलंबन की योजनाओं को गति देने पर ज़ोर दे रही है।

राजनाथ सिंह की श्रद्धांजलि

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी नानाजी देशमुख को 'राष्ट्रऋषि, प्रखर चिंतक, समाज सुधारक और ग्रामोदय के पुरोधा' बताते हुए नमन किया। उन्होंने कहा, 'उनका संपूर्ण जीवन त्याग, सेवा और निष्काम कर्मयोग का आदर्श उदाहरण है। उन्होंने अपने जीवन की पूरी पूँजी, ऊर्जा और समय ग्राम विकास, ग्राम स्वराज और अंत्योदय के लिए समर्पित कर दिया।' राजनाथ सिंह ने कहा कि मानवता के प्रति उनका समर्पण और राष्ट्र-निर्माण में उनका अतुलनीय योगदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा।

अमित शाह ने बताया 'ग्रामोदय से राष्ट्रोदय के प्रणेता'

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नानाजी देशमुख को 'ग्रामोदय से राष्ट्रोदय के प्रणेता' और 'महान राष्ट्रसेवी' बताते हुए श्रद्धांजलि दी। शाह ने अपने संदेश में कहा, 'राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्कारों को जीवन में उतारते हुए नानाजी ने समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान, ग्रामीण विकास और स्वावलंबन के लिए स्वयं को पूर्णतः समर्पित कर दिया।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि संगठन के प्रति नानाजी की अटूट निष्ठा और राष्ट्र-निर्माण में उनका योगदान सदैव युवाओं के लिए अनुकरणीय रहेगा।

नानाजी देशमुख: विरासत और योगदान

गौरतलब है कि नानाजी देशमुख को मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। उनका जीवन ग्रामीण पुनर्निर्माण, शिक्षा और सामाजिक सेवा को समर्पित रहा। उन्होंने चित्रकूट में ग्रामीण विकास का जो मॉडल खड़ा किया, वह आज भी नीति-निर्माताओं के लिए संदर्भ बिंदु बना हुआ है। उनके विचार — कि परिवर्तन की शुरुआत जमीन से होती है — आज की स्थानीय स्वशासन नीतियों में भी प्रतिध्वनित होते हैं।

देश के शीर्ष नेतृत्व द्वारा दी गई यह सामूहिक श्रद्धांजलि न केवल एक महान विभूति को स्मरण है, बल्कि ग्रामीण भारत के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

उसी की व्यावहारिक स्थिति — पंचायतों को संसाधन हस्तांतरण, कृषि संकट, ग्रामीण पलायन — पर इन श्रद्धांजलियों में मौन है। नानाजी की असली विरासत नारों में नहीं, चित्रकूट के उस ज़मीनी मॉडल में है जिसे नीतिगत स्तर पर कभी राष्ट्रीय पैमाने पर नहीं दोहराया गया। जयंती का यह आयोजन तब अधिक अर्थपूर्ण होगा जब श्रद्धांजलि के साथ नानाजी के कार्य-मॉडल को नीति में अनुवादित करने की ठोस प्रतिबद्धता भी सामने आए।
RashtraPress
11 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नानाजी देशमुख कौन थे और उन्हें भारत रत्न क्यों मिला?
नानाजी देशमुख एक प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता, राजनीतिज्ञ और ग्रामीण विकास के पुरोधा थे, जिन्होंने चित्रकूट में स्वावलंबन का अनूठा मॉडल खड़ा किया। उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया। उनका जीवन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्कारों और अंत्योदय के सिद्धांत पर आधारित था।
PM मोदी ने नानाजी देशमुख जयंती 2026 पर क्या कहा?
PM मोदी ने एक्स पर लिखा कि नानाजी देशमुख एक असाधारण राष्ट्र-निर्माता थे जिन्होंने दिखाया कि वास्तविक बदलाव जमीनी स्तर से शुरू होता है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार 'मज़बूत और आत्मनिर्भर भारत' के नानाजी के सपने को साकार करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।
अमित शाह ने नानाजी देशमुख को किस रूप में याद किया?
गृह मंत्री अमित शाह ने नानाजी देशमुख को 'ग्रामोदय से राष्ट्रोदय के प्रणेता' और 'महान राष्ट्रसेवी' बताया। उन्होंने कहा कि नानाजी ने समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान और ग्रामीण स्वावलंबन के लिए स्वयं को पूर्णतः समर्पित कर दिया।
नानाजी देशमुख का ग्रामीण विकास में क्या योगदान था?
नानाजी देशमुख ने चित्रकूट में ग्रामीण पुनर्निर्माण, शिक्षा और सामुदायिक भागीदारी का एक व्यावहारिक मॉडल विकसित किया जो आज भी नीति-निर्माताओं के लिए संदर्भ बिंदु है। उन्होंने ग्राम विकास, ग्राम स्वराज और अंत्योदय को अपने जीवन का केंद्र बनाया।
राजनाथ सिंह ने नानाजी देशमुख जयंती पर क्या कहा?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नानाजी को 'राष्ट्रऋषि, प्रखर चिंतक, समाज सुधारक और ग्रामोदय के पुरोधा' बताया। उन्होंने कहा कि नानाजी का संपूर्ण जीवन त्याग, सेवा और निष्काम कर्मयोग का आदर्श उदाहरण है और उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा।
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