श्यामजी कृष्ण वर्मा जयंती: PM मोदी ने एक्स पर दी श्रद्धांजलि, बोले- 'कृतज्ञ राष्ट्र उनका पराक्रम कभी नहीं भूलेगा'
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 अक्टूबर 2026 को महान क्रांतिकारी और स्वतंत्रता सेनानी श्यामजी कृष्ण वर्मा की जयंती पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मोदी ने कहा कि मातृभूमि के स्वाभिमान की रक्षा के लिए वर्मा ने जो पराक्रम और पुरुषार्थ दिखाया, उसे कृतज्ञ राष्ट्र कभी नहीं भूल सकता।
प्रधानमंत्री का संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा, 'महान क्रांतिकारी और स्वतंत्रता सेनानी श्यामजी कृष्ण वर्मा को उनकी जयंती पर सादर नमन। मां भारती की पराधीनता की बेड़ियों को तोड़ने के लिए उन्होंने अपना जीवन समर्पित कर दिया। मातृभूमि के स्वाभिमान की रक्षा के लिए उन्होंने जिस पराक्रम और पुरुषार्थ का परिचय दिया, कृतज्ञ राष्ट्र उसे कभी भुला नहीं सकता।'
केंद्रीय मंत्रियों की श्रद्धांजलि
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी श्यामजी कृष्ण वर्मा को नमन करते हुए लिखा कि उन्होंने विदेश की धरती पर रहकर भी भारत की स्वतंत्रता की अलख जगाई और देश के युवाओं में राष्ट्रभाव का संचार किया। चौहान ने जयंती के अवसर पर देशहित को सर्वोपरि रखने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने वर्मा को 'इंडिया हाउस' और 'इंडियन होम रूल सोसाइटी' का संस्थापक बताते हुए उनके योगदान और समर्पण के प्रति राष्ट्र की कृतज्ञता व्यक्त की। केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने भी उन्हें शत-शत नमन अर्पित किया।
श्यामजी कृष्ण वर्मा: एक परिचय
श्यामजी कृष्ण वर्मा का जन्म 4 अक्टूबर 1857 को गुजरात के कच्छ जिले के मांडवी कस्बे में हुआ था। वे भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के अग्रणी सेनानियों में से एक थे, जो देशभक्ति की प्रबल भावना और निस्वार्थ राष्ट्रसेवा के लिए सदा स्मरण किए जाते हैं।
वर्मा ने लंदन स्थित 'इंडिया हाउस' में एक सशक्त क्रांतिकारी केंद्र स्थापित किया, जो भारतीय क्रांतिकारियों के लिए एक प्रमुख संगठन-केंद्र बन गया। उन्होंने अपने प्रकाशन 'द इंडियन सोशियोलॉजिस्ट' के जरिए भारत की स्वतंत्रता के उद्देश्य का व्यापक प्रचार किया।
ऐतिहासिक महत्व
यह ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार स्वतंत्रता संग्राम के उन नायकों को पुनः प्रमुखता देने की दिशा में सक्रिय है जो मुख्यधारा के इतिहास में अपेक्षाकृत उपेक्षित रहे हैं। गौरतलब है कि गुजरात के भुज में स्थित क्रांतितीर्थ स्मारक श्यामजी कृष्ण वर्मा की स्मृति को समर्पित है, जिसका उद्घाटन तत्कालीन मुख्यमंत्री के रूप में मोदी ने किया था — यह उनके और वर्मा की विरासत के बीच दीर्घकालिक जुड़ाव को दर्शाता है।
वर्मा की जयंती पर केंद्र सरकार के कई मंत्रियों का एक साथ श्रद्धांजलि देना यह स्पष्ट करता है कि स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति को राष्ट्रीय विमर्श में जीवंत रखना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।