श्यामजी कृष्ण वर्मा जयंती: गडकरी, मनोहर लाल, रेखा गुप्ता समेत कई नेताओं ने अर्पित की श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
4 अक्टूबर 2026 को महान स्वतंत्रता सेनानी श्यामजी कृष्ण वर्मा की जयंती पर देशभर से नेताओं ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से लेकर कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों तक, सभी ने इस क्रांतिकारी के अदम्य योगदान को याद किया। यह वही योद्धा हैं जिन्होंने विदेशी धरती पर रहकर भारत की स्वतंत्रता की लौ को जलाए रखा।
केंद्रीय मंत्रियों की श्रद्धांजलि
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'महान स्वतंत्रता सेनानी श्यामजी कृष्ण वर्मा जी के स्मृति दिवस पर उन्हें अभिवादन।' उन्होंने वर्मा के देश के प्रति निःस्वार्थ समर्पण को नमन किया।
केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने वर्मा की विरासत को रेखांकित करते हुए लिखा, 'विदेश में क्रांतिकारी गतिविधियों के जरिए स्वतंत्रता के संकल्प के अलख को लगातार जगाए रखने वाले महान स्वतंत्रता सेनानी श्यामजी कृष्ण वर्मा की जयंती पर सादर नमन अर्पित करता हूं। लंदन में 'इंडिया हाउस' की स्थापना कर मां भारती को परतंत्रता की बेड़ियों से आजाद कराने में वर्मा जी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।' उन्होंने आगे कहा कि देश की आजादी के लिए वर्मा का त्याग, तप और बलिदान सदैव प्रेरणा देता रहेगा।
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने भी जयंती पर नमन करते हुए कहा, 'विदेश की धरती पर रहकर भी उन्होंने भारत की स्वतंत्रता के लिए निरंतर संघर्ष किया। लंदन में 'इंडिया हाउस' की स्थापना कर उन्होंने अनेक युवा क्रांतिकारियों को राष्ट्रसेवा और स्वतंत्रता के लिए प्रेरित किया।' मंत्री ने वर्मा के साहस और मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण को सदैव प्रेरणास्रोत बताया।
मुख्यमंत्रियों की भावभीनी श्रद्धांजलि
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर लिखा, 'महान क्रांतिकारी और मां भारती के अमर सपूत श्यामजी कृष्ण वर्मा जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।' बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी वर्मा को नमन किया और कहा कि राष्ट्र की स्वतंत्रता और स्वाभिमान के लिए उनका समर्पण सदैव स्मरणीय और प्रेरणादायी रहेगा।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने वर्मा को नमन करते हुए कहा, 'विदेश की धरती से भारत की स्वतंत्रता की अलख जगाने वाले श्यामजी कृष्ण वर्मा ने क्रांतिकारी विचारों को मंच और दिशा प्रदान कर स्वतंत्रता आंदोलन को वैचारिक आधार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।' उन्होंने कहा कि वर्मा का राष्ट्रप्रेम और मातृभूमि के प्रति समर्पण भारतीय स्वाधीनता संग्राम के इतिहास में सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
श्यामजी कृष्ण वर्मा: एक संक्षिप्त परिचय
श्यामजी कृष्ण वर्मा उन विरल स्वतंत्रता सेनानियों में से थे जिन्होंने यूरोप की धरती से भारत की मुक्ति का सपना बुना। उन्होंने लंदन में 'इंडिया हाउस' की स्थापना की, जो वीर सावरकर सहित अनेक युवा क्रांतिकारियों का केंद्र बना। गौरतलब है कि उन्होंने 'इंडियन सोशियोलॉजिस्ट' नामक पत्रिका का प्रकाशन भी किया, जो ब्रिटिश उपनिवेशवाद के विरुद्ध वैचारिक मोर्चे का प्रतीक थी।
आम जनता और राष्ट्रीय भावना पर असर
यह जयंती ऐसे समय में आई है जब देश अपने स्वतंत्रता सेनानियों की विरासत को नए सिरे से जानने और समझने में रुचि दिखा रहा है। विभिन्न दलों के नेताओं का एकस्वर में वर्मा को श्रद्धांजलि देना दर्शाता है कि उनकी विरासत राजनीतिक सीमाओं से परे है। आने वाले दिनों में विभिन्न राज्यों में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित होने की संभावना है।