महादेवी वर्मा की जयंती: नेताओं ने दी श्रद्धांजलि, रचनाएं देंगी संवेदना और करुणा का संदेश
सारांश
Key Takeaways
- महादेवी वर्मा आधुनिक हिंदी साहित्य की महत्वपूर्ण कवयित्री हैं।
- उनकी रचनाएं संवेदना और करुणा का संदेश देती हैं।
- कई नेताओं ने उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
- महादेवी वर्मा की रचनाएं समाज में महिलाओं के प्रति चेतना का प्रसार करती हैं।
- उनकी कृतियां देश की अमूल्य धरोहर हैं।
नई दिल्ली, 26 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। आधुनिक हिंदी साहित्य की महत्वपूर्ण कवयित्री एवं 'पद्म विभूषण' से सम्मानित महादेवी वर्मा की जयंती पर पूरे देश में उनका स्मरण किया जा रहा है। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी सहित विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री और अन्य नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लिखा, "ज्ञानपीठ और पद्म विभूषण पुरस्कार से सम्मानित महादेवी वर्मा जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन।"
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, "हिंदी साहित्य के छायावादी युग की प्रमुख स्तंभ, महान कवयित्री महादेवी वर्मा जी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन। आपकी कालजयी रचनाएं हमेशा साहित्य जगत की समृद्धि का आधार रहेंगी।"
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने महादेवी वर्मा की जयंती पर कुछ पंक्तियां साझा करते हुए लिखा, "वे मुस्काते फूल नहीं, जिनको आता है मुरझाना, वे तारों के दीप नहीं, जिनको भाता है बुझ जाना।"
उन्होंने आगे कहा, "महादेवी वर्मा की रचनाएं समाज में महिलाओं के प्रति चेतना और सुधार की दिशा में हमेशा प्रेरणा देंगी।"
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महादेवी वर्मा को नारी अस्मिता की प्रखर आवाज बताते हुए श्रद्धांजलि दी। उन्होंने लिखा, "मानव और प्रकृति के बीच आत्मीय संवाद का जीवंत चित्रण करतीं उनकी रचनाएं मानवता, करुणा और आत्मिक सौंदर्य का अमर संदेश देती रहेंगी।"
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, "महान स्वतंत्रता सेनानी एवं हिंदी साहित्य के छायावादी युग की प्रमुख स्तंभ महादेवी वर्मा जी की जयंती पर सादर नमन करता हूं। उनकी रचनाएं भावनाओं के संवाहक हैं, जो ह्रदय की गहराइयों में उतर जाती हैं। ये कृतियां देश की अमूल्य धरोहर हैं।"